Articles by "Religion"
Religion लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

जैन धर्म की एकता और सर्व धर्म सद्भाव का ऐतिहासिक दीपोत्सव मनाया गया

मुहता जी जैन तीर्थ पर दीपों की जगमगाहट से सजी रात, भक्तों ने अनुभव किया अद्भुत आत्मिक सुख

जोधपुर। कार्तिक अमावस्या की दीपावली की पावन रात्रि पर जोधपुर में एक ऐसा आध्यात्मिक और भव्य दीपोत्सव मनाया गया, जिसने शहर को आस्था के प्रकाश से सराबोर कर दिया। मुहता जी जैन तीर्थ पर भगवान महावीर स्वामी के 2552 वें निर्वाण कल्याणक के उपलक्ष्य में आयोजित इस महा-दीपोत्सव में हज़ारों दीपों की रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा।

रात ठीक 9 बजे, श्रद्धालुओं ने अपने हाथों से दीप प्रज्वलित करना शुरू किया, और देखते ही देखते यह एक जनसैलाब में बदल गया। जो आयोजन कुछ लोगों की पहल से शुरू हुआ था, वह पलक झपकते ही एक विशाल और दिव्य रूप ले चुका था। मुहता जी जैन तीर्थ का भव्य प्रांगण चारों ओर रखे हज़ारों दीपों की रोशनी से इस तरह जगमगा उठा, मानो स्वर्ग का एक टुकड़ा स्वयं पृथ्वी पर उतर आया हो, और यह दृश्य देखकर लगा मानो पावापुरी स्वयं मुहता जी मंदिर तीर्थ में समा गई हो।

इस मंगलमयी रात्रि की सबसे मनमोहक विशेषता यह रही कि दीपों की रोशनी केवल जैन मंदिर तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि इसके उजालों ने विष्णु मंदिर और हनुमान मंदिर को भी अपनी आभा से सराबोर कर दिया। यह सर्वधर्म सद्भाव का एक अनूठा और ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत करता है, जहाँ आस्था की ज्योति ने विभिन्न धर्मों के प्रतीकों को एक साथ प्रकाशित किया।

समिति के अध्यक्ष संजय मेहता ने इस अद्भुत जनसमूह और ऊर्जा की सराहना करते हुए बताया कि यह आयोजन सामुदायिक एकता और आत्मिक उत्थान का पर्व साबित हुआ। सचिव पवन मेहता के अनुसार, भक्तों को इस दौरान अद्भुत आत्मिक और धार्मिक सुख की अनुभूति हुई।

साध्वी अमितगुणा, साध्वी पीयूषपूर्णा, एवं साध्वी प्रशांतपूर्णा श्रीजी के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ यह दीपोत्सव वास्तव में ऐतिहासिक बन गया। उन्होंने सभी मुहता परिवार के लाभार्थियों , सहयोगियों और उपस्थित श्रद्धालुओं का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि श्री मुहता जी मंदिर भविष्य में भी समाज को जोड़ने वाले ऐसे भव्य और प्रेरणा दायक आयोजनों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा।

साध्वी ने आगे बताया कि दीपावली की इस रात्रि में प्रज्वलित प्रत्येक लौ ने न केवल माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद और समृद्धि प्रदान की, बल्कि प्रभु महावीर स्वामी के विशेष मोक्ष (निर्वाण) कल्याणक का आशीर्वाद भी दिया। 2552 दीपों की यह सामूहिक ऊर्जा और प्रकाश संपूर्ण समाज की एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक जागृति का प्रतीक बनी। यह दीपोत्सव जैन धर्म की एकता और सर्वधर्म सद्भाव का एक ऐसा अविस्मरणीय संदेश दे गया, जो जोधपुर के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

दीपावली और गोवर्धन पूजन के अवसर पर अग्रसेन वाटिका में हजारों अग्रवाल समाजजन हुए शामिल, योगी प्रेम स्वामी महाराज के प्रवचन, न्यायाधीश मनोज गर्ग ने की शिरकत

समिति ने उत्कृष्ट कार्य करने वालों को किया सम्मानित, अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण कर मनाई खुशियां

जोधपुर। दीपावली के उल्लास और गोवर्धन पूजन के अवसर पर, अग्रबंधु सेवा समिति जोधपुर द्वारा अग्रसेन वाटिका, पांचवी रोड पर एक भव्य दीपावली स्नेह मिलन एवं अन्नकूट महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समाज के हजारों लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

समिति के अध्यक्ष जे.पी. गर्ग ने बताया कि कार्यक्रम में श्री स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के योगी प्रेम स्वामी महाराज के नेतृत्व में ठाकुर जी के कीर्तन एवं सत्संग का विशेष आयोजन भी किया गया। उन्होंने आगे बताया कि आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के माननीय न्यायाधीश मनोज गर्ग थे।

कार्यक्रम की शुरुआत योगी प्रेम स्वामी महाराज और मुख्य अतिथि माननीय न्यायाधीश मनोज गर्ग के स्वागत सत्कार से हुई। संस्था के संयोजक रोशन लाल गर्ग, अध्यक्ष जे.पी. गर्ग, सचिव किशन बंसल, कोषाध्यक्ष ललित अग्रवाल, उपाध्यक्ष दिलीप बंसल, सह-सचिव हरि अग्रवाल तथा कार्य कारिणी सदस्यों विजय अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, भोला राम अग्रवाल ने साफा और माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया।

योगी प्रेम स्वामी महाराज ने अपने सत्संग और भजनों के माध्यम से दीपावली के पर्व, गोवर्धन पूजन और अन्नकूट के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके उपरांत, गणेश जी, अग्रसेन जी महाराज, महालक्ष्मी जी और ठाकुर जी की आरती की गई और विशाल अन्नकूट का भोग लगाया गया। हजारों की संख्या में अग्रवाल समाज के लोगों ने भक्तिमय वातावरण में अन्नकूट का प्रसाद ग्रहण कर खुशियां मनाईं।

इस अवसर पर अग्रवाल समाज के गणमान्य नागरिकों, समिति के संरक्षक सदस्य रामजी लाल लीला, सत्यनारायण अग्रवाल, दुलीचंद अग्रवाल, संस्थान के अध्यक्ष उमेश लीला, सचिव अनिल सिंगल, पंचायत के कोषाध्यक्ष मुकेश सिंगल एवं समाज की अन्य संस्थाओं के पदाधिकारियों को भी दुपट्टा पहनाकर सम्मानित किया गया।

समिति की ओर से पिछले कार्यक्रम, 'विवाह योग्य युवक-युवती परिचय सम्मेलन' में सराहनीय कार्य करने वाले समाज के महिला-पुरुषों- चंदा मित्तल, रीनी अग्रवाल, नलिनी बंसल, राखी गुप्ता, मंदीप गर्ग, विनोद बंसल एवं विजय मुरारका को स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) प्रदान कर सम्मानित किया गया।

यह आयोजन अग्रबंधुओं के बीच स्नेह और एकता का प्रतीक बना, जहाँ सभी ने मिलकर पर्वों की खुशियां मनाईं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

2552 वें निर्वाण दिवस और केवलज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में निकली प्रभात फेरी, शहर भर में गूंजे जयकारे

समाज के सैकड़ों लोगों ने लिया भाग, जगह-जगह हुआ स्वागत सत्कार

जोधपुर। शहर में आज आस्था और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब श्री महावीर जैन नवयुवक मंडल एवं भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति द्वारा भगवान महावीर के 2552वें निर्वाण दिवस और गौतम स्वामी के केवलज्ञान दिवस के पावन उपलक्ष्य में एक भव्य प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। खैरादियों का बास स्थित राजेन्द्र सूरि जैन ज्ञान मंदिर त्रिस्तुतिक संघ पौषधशाला से सुबह 7:31 बजे बैंड की मधुर धुनों और भगवान महावीर व गौतम स्वामी के जयकारों के साथ यह शोभायात्रा रवाना हुई।

समिति के सचिव धीरज कुमार रांका ने बताया कि प्रभात फेरी का मार्ग अवंति पार्श्वनाथ मंदिर, क्रिया भवन, चांदी हॉल, केसरियानाथ मंदिर, लखारा बाजार, गोलिया मंदिर, कपडा बाजार, सिटी पुलिस, राखी हाउस, मिर्ची बाजार, और सर्राफा बाजार से होते हुए जूनी धान मंडी स्थित महावीर स्वामी के मंदिर और खेतरपाली चबूतरा स्थित गौतम स्वामी मंदिर तक पहुंचा। मंदिरों में लड्डू अर्पण के साथ प्रभात फेरी का समापन हुआ।

समिति के मीडिया प्रभारी प्रवीण सुराणा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस मंगलमय आयोजन में समाजसेवी प्रदीप गांग मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। क्रिया भवन में विराजित विश्वरत्न विजयजी म.सा., रश्मिरत्न विजयजी म.सा., साध्वीवृंद क्षीणमोहाश्रीजी म.सा., कमलप्रभा म.सा. आदि ठाणा 11 के सानिध्य ने शोभायात्रा को और भी गरिमामयी बना दिया। पालकी में सवार भगवान महावीर की सुसज्जित प्रतिमा के दर्शनों के लिए जैन समाज के लोग पूरे रास्ते में उमड़ पड़े। समिति के सदस्य सफेद गणवेश में बैज लगाकर और जैन समाज के अन्य सदस्य साथ चल रहे थे, जिससे एक अनुशासन और एकता का परिचय मिल रहा था। रास्ते भर प्रभात फेरी का जगह-जगह पुष्प वर्षा और स्वागत सत्कार कर अभिनंदन किया गया।

समिति अध्यक्ष बलवंत खिंवसरा और कोषाध्यक्ष शैलेष कोठारी ने बताया कि इस अवसर पर समिति के सदस्य और जैन समाज के लोग भजनों की प्रस्तुतियों के साथ आगे बढ़ रहे थे। समाज के संघ समुदाय द्वारा भगवान की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की गई। प्रभात फेरी में लड्डू चढ़ाने के लाभार्थी सुमतमल, दरियाव, भागचंद, मंजू, अशोक, सुनिता, संयम, मनन, छवि, जिज्ञासा एवं समस्त चतुरमूथा परिवार का समिति की ओर से साफा, जैन दुपट्टा, साड़ी और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि प्रदीप गांग को भी माला, साफा, दुपट्टा और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के संयोजक रूचित लूंकड, दीपक खिंवसरा, अमित सिंघवी, पूरणचंद नाहर और सतिन भंडारी ने बताया कि इस भव्य प्रभात फेरी में अमृतराज गोलिया, कानराज मोहनोत, राकेश सुराणा, अशोक रांका, अरुण मोहनोत, प्रकाश मेहता, आलोक चौ।चौरडिया, रौनक कर्णावट, तरुण समदडिया, कुशाग्र सुराणा, नीरज सामसुखा, मोहित धोका, खुश सिंघवी, कमलेश मेहता, सुरेंद्र मोहनोत, शांतिलाल ओस्तवाल, जितेंद्र कोटडिया, प्रशांत सिंघवी, श्रवण दुग्गड, राजेंद्र भंडारी, दीपक डोसी, अंकित मोदी, चिराग मोहनोत, राजेश डोसी सहित जैन समाज के सैकड़ों पुरुष और महिलाओं ने भाग लेकर इस आयोजन को सफल बनाया।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

25,000 स्वयंसेवकों ने 145 स्थानों पर निकाले पथ संचलन, समाज में जागरूकता फैलाने का लिया संकल्प

समाज को जागरूक करने की दिशा में उठाये कदम- विजय कुमार

जोधपुरराष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का 11 दिवसीय शताब्दी वर्ष महोत्सव रविवार को भव्य समारोह के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर एक ही दिन में 44 स्थानों से पथ संचलन निकाले गए, जिसमें स्वयंसेवकों ने अनुशासन का परिचय देते हुए कदम से कदम मिलाते हुए चलकर समाज में एकता और जागरूकता का संदेश दिया।

पथ संचलन में 5 से 80 वर्ष तक के बुजुर्गों ने भी भाग लिया, जो इस कार्यक्रम की विविधता और व्यापकता को दर्शाता है। रास्ते में लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का स्वागत किया। दशहरा के दिन शुरू हुए इस महोत्सव में कुल 145 स्थानों से पथ संचलन निकले, जिसमें लगभग 25,000 स्वयंसेवकों ने भाग लिया।

शहर के विभिन्न क्षेत्रों जैसे मसूरिया, चांदपोल बस्ती, सरदारपुरा नगर, महेश बस्ती, लाला लाजपत राय कॉलोनी, बागर बस्ती, महाराणा प्रताप मैदान गोलनाडी और झालामंड पर समारोह का आयोजन किया गया।

चांदपोल बस्ती का मुख्य समारोह गौर मैदान में शाम 5 बजे आयोजित हुआ। अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख विजय कुमार, रामद्वारा से संत अमृतराम महाराज व सर संघ चालक देवीलाल जी मंचासीन थे। इस समारोह के मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह व्यवस्था प्रमुख विजय कुमार ने कहा कि "हिंदू समाज के संगठन की यात्रा की शुरूआत में लोगों ने उपेक्षा और उपहास किया, लेकिन आज इस ईश्वरीय कार्य को स्वीकार्यता मिली है। यह सभी स्वयंसेवकों के कठिन परिश्रम का परिणाम है। हम सभी को समाज को जगाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए हिन्दू पुनरुत्थान करना है।"

समारोह के बाद निकला पथ संचलन माता का कुंड, रामेश्वर मंदिर, विद्याशाला और चांदपोल के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः गौर मैदान पहुंचकर संपन्न हुआ। पथ संचलन के मार्ग पर रंगोली और ध्वजा पताकाएं सजाई गईं, जबकि चांदपोल टैक्सी स्टैंड के पास आतिशबाजी और पुष्प वर्षा से पथ संचलन का भव्य स्वागत किया गया।

आतिशबाजी और पुष्प वर्षा से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन का भव्य स्वागत
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

चाँदपोल बस्ती में शस्त्र पूजन और असत्य पर सत्य की जीत का पर्व, 12 अक्टूबर 2025 को होगा भव्य आयोजन

संघ की 100 वर्षों की अखंड साधना का प्रतीक, महाराणा प्रताप शाखा, गौर का मैदान से निकलेगा भव्य संचलन

जोधपुर। देश भर में सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्यरत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) इस वर्ष विजया दशमी उत्सव को एक विशेष ऐतिहासिक संदर्भ में मना रहा है। जोधपुर के पुराना शहर नगर स्थित चाँदपोल बस्ती में यह आयोजन, संघ की 100 वर्षों की अखण्ड साधना के शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

जोधपुर शहर अब एक भव्य धार्मिक और सामाजिक आयोजन का साक्षी बनने वाला है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), अपनी गौरवशाली परंपरा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ, चाँदपोल बस्ती में विजयादशमी उत्सव एवं शस्त्र पूजन का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन इस वर्ष संघ के शताब्दी वर्ष के रूप में विशेष महत्व रखता है, जहां दशकों से चला आ रहा राष्ट्र-सेवा का संकल्प और भी दृढ़ता से दोहराया जाएगा।

उत्सव की तिथि और समय:

यह पावन मंगल पर्व आज 12 अक्टूबर 2025, रविवार को आयोजित किया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 5:00 बजे से होगा, जिसमें सभी स्थानीय नागरिक और स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।

आयोजन स्थल और आकर्षण:

मुख्य कार्यक्रम महाराणा शाखा, गौर का मैदान, चाँदपोल के बाहर, जोधपुर में आयोजित किया जाएगा। इस उत्सव में शस्त्र पूजन की प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया जाएगा, जो धर्म, न्याय और सत्य की रक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। शस्त्र पूजन के उपरांत, चाँदपोल बस्ती के भीतर एक भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया है। यह पथ संचलन संघ के स्वयंसेवकों के अनुशासन, समर्पण और समाज में एकता का संदेश लेकर आगे बढ़ेगा।

संघ का शताब्दी वर्ष और विजयादशमी का महत्व:

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से भारतीय समाज को संगठित करने और एक सशक्त, समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में निरंतर प्रयासरत है। विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की, अधर्म पर धर्म की, अन्याय पर न्याय की, अज्ञान पर ज्ञान की, दुराचार पर सदाचार की और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। इस वर्ष, जब संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है, यह उत्सव इन आदर्शों को और भी गहराई से स्थापित करने का माध्यम बनेगा। संघ का यह मानना है कि एक संगठित और नैतिक समाज ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकता है।

संघ का निमंत्रण:

इस महत्वपूर्ण अवसर पर, चाँदपोल बस्ती के सभी महानुभावों को सपरिवार सादर आमंत्रित किया गया है। आयोजकों ने सभी से इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने और राष्ट्रीय भावना के इस अद्वितीय प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का आह्वान किया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि यह समाज को एक सूत्र में पिरोने और राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत करने का भी एक सशक्त माध्यम बनेगा।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

600 श्राविकाओं ने संगोष्ठी में भाग लेकर उत्साह और धार्मिक आत्मीयता का किया प्रदर्शन

मुख्य अतिथि सुशीला बोहरा ने समारोह में की प्रेरणा दायक बातें

जोधपुरजैन रत्न श्राविका मंडल द्वारा आयोजित वार्षिक संगोष्ठी का उद्देश्य श्राविकाओं के मध्य स्नेह, एकता और प्रेरणा का प्रसार करना है। यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के श्राविका मंडलों की प्रतिनिधियाँ एकत्र होकर अपने-अपने मंडल की गतिविधियों की जानकारी साझा करती हैं।

इस वर्ष की संगोष्ठी का आयोजन सफलता से संपन्न हुआ, जिसमें लगभग 600 श्राविकाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में सुशीला बोहरा, वनिता कांकरिया (अखिल भारतीय श्राविका मंडल उपाध्यक्ष) और रुचिका पटवा (अखिल भारतीय श्राविका मंडल सचिव) उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जोधपुर श्राविका मंडल की अध्यक्षा श्वेता कर्नावट ने की, जबकि मंत्री पूजा गिड़िया ने कार्यक्रम का संचालन एवं वार्षिक रिपोर्ट का वाचन किया। संगोष्ठी का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ, जिसे सभी उपस्थित लोगों ने श्रद्धा के साथ सुना।

इस संगोष्ठी में विभिन्न श्राविका मंडलों द्वारा प्रेरक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने वातावरण में उत्साह और भक्ति का संचार किया। बीच-बीच में रितु बाफना और लवीना चोपड़ा ने धार्मिक प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कार्यक्रम में रोचकता और सहभागिता का अविष्करण किया।

मीडिया प्रभारी दीपक कुमार सिंघवी ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न श्राविकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनमें मधु ततेड, लवीना लुंकड़, निर्मला बाफना, सीमा मेहता, रंजीता बाफना, रेखा लोढा, अंजू कांकरिया और अन्य शामिल हैं। सब ने तन-मन-धन से सहयोग देकर कार्यक्रम की सफलता में अहम भूमिका निभाई।

विशिष्ट उपस्थितियों में जोधपुर श्रावक संघ के अध्यक्ष नवरत्न डागा, मंत्री जिनेन्द्र और अखिल भारतीय श्रावक संघ के महामंत्री सुभाष गुंदेचा शामिल थे। 

संपूर्ण संगोष्ठी श्रद्धा, सौहार्द और प्रेरणा से ओत-प्रोत रही और यह श्राविका संगठन की एकता एवं उत्साह का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

1 अक्टूबर को हनुमान चालीसा पाठ और लेजर लाइट शो से हुई शुरुआत, 2 अक्टूबर को रावण दहन और आतिशबाजी के साथ महादेव व्यायाम शाला का अखाड़ा प्रदर्शन, स्वदेशी अपनाने का संदेश

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत होंगे मुख्य अतिथि, बारिश के बावजूद सुचारू रूप से चलेगा आयोजन, शस्त्र पूजन से होगी शुरुआत

जोधपुर दो दिवसीय दशहरा महोत्सव का अगाज 1 अक्टूबर 2025 बुधवार को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 16 में बहुत उत्साह और धूमधाम से हुआ।

1 अक्टुबर को सांय 7:30 बजे हनुमान चालीसा पाठ से कार्यक्रम शुभारम्भ हुआ तत्पश्चात भक्ति संगीत के साथ लेजर लाइट शो का आयोजन हुआ। बच्चों ने रावण के साथ सेल्फी लेने का आनन्द उठाया।

गुरुवार 2 अक्टूबर 2025 को रावण दहन और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा साथ ही महादेव व्यायाम शाला के द्वारा अखाड़ा प्रदर्शन रहेगा जिसमे बालिका अखाड़ा के भी हैरत अंगेज करतब रहते हैं।

दशहरा महोत्सव 2025 की विशेषताएं:

रावण दहन: इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण रावण दहन है, जिसमें 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
आतिशबाजी: महोत्सव में लगभग 45 मिनट की आतिश बाजी होगी, जिसमें विभिन्न प्रकार के आतिशबाजी के आइटम शामिल होंगे।
मुख्य अतिथि: इस बार के मुख्य अतिथि भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और राज्यसभा के सांसद राजेंद्र गहलोत महापोर वनिता सेठ, सूरसागर विधायक देवेन्द्र जोशी, शहर विधायक अतुल भंसाली, शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पालीवाल सहित और भी अतिथिगण सम्मिलित होंगे।
स्थानीय भागीदारी: इस महोत्सव में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता समिति के सदस्य मिलकर रावण के पुतले का निर्माण करते हैं।
बारिश के बावजूद आयोजन: इस महोत्सव का एक विशेष पहलू यह है कि यह आयोजन बारिश के बावजूद भी सुचारु रूप से चलता रहता है, और रावण का पुतला सीना तान कर खड़ा रहता है ।

दशहरा महोत्सव 2025 के अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, संयोजक राजेशरूप राय व कमलेश श्रीपत, उपाध्यक्ष शैलेश जैन, महासचिव जुगलकिशोर सोलंकी, सचिव लोकेश भाटी व मेला प्रभारी योगेश दईया हैं।

कार्यक्रम का समय:

* शस्त्र पूजन कार्यक्रम: सांय 6:30 बजे दशहरा मैदान मे शस्त्र पूजन का आयोजन नन्दन मयूर सेवा समिति द्वारा किया जाएगा।
पुतले का दहन: शाम को 7:30 बजे के करीब होगा।
आतिशबाजी: लगभग 45 मिनट तक चलेगी।

इस दशहरा महोत्सव में इस वर्ष स्वदेशी अपनाओ देश को बढ़ाओ का संदेश दिया जाएगा दशहरा महोत्सव मे हर वर्ष अलग अलग संदेश दिया जाता है यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है और इस महोत्सव मे हर प्रकार से राष्ट्रीय सेवा को भी महत्व दिया जाता है।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

समाज सेवा के भीष्म पितामह रतनलाल गुप्ता (काका) थे मुख्य अतिथि, भारतीय संस्कृति को जिंदा रखने का इससे बड़ा कोई उदाहरण नहीं- रतनलाल गुप्ता

गायत्री देवी ट्रस्ट के संस्थापक चंद्रशेखर अरोड़ा और मुख्य संयोजक ललिता वर्मा ने की कार्यक्रम की व्यवस्था, अंकुर माध्यमिक स्कूल में हुआ आयोजन, स्कूल संचालक ने जताया आभार

जोधपुरगायत्री देवी ट्रस्ट द्वारा आयोजित 101 कन्याओं के चरण पूजन महोत्सव का आयोजन चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित अंकुर माध्यमिक स्कूल में किया गया। गायत्री देवी ट्रस्ट के संस्थापक चंद्रशेखर अरोड़ा ने बताया कि कार्यक्रम में कन्याओं के चरण धोए गए और उनकी विधिवत पूजा करके कन्याओं से आशीर्वाद लिया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाज सेवा के भीष्म पितामह रतनलाल जी गुप्ता (काका) थे। उन्होंने अपने संबोधन ने बताया कि भारतीय संस्कृति को जिंदा रखने का इससे बड़ा कोई उदाहरण नहीं हो सकता उन्होंने कार्यक्रम की भूरी भूरी प्रशंसा की और गायत्री देवी ट्रस्ट को लगातार अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक ललिता वर्मा थी। कार्यक्रम के अंत में बच्चों को सैंडविच पेस्ट्री गिफ्ट फ्रूट दिए गए।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से चंद्रशेखर अरोड़ा, चंद्रप्रकाश आसेरी (अध्यक्ष), विनती जांगिड़ (अध्यक्ष), रक्षिता बाफना (महासचिव), राजेश भाटिया (संगठन महामंत्री) और गायत्री देवी ट्रस्ट की पूरी कार्यकारिणी और टीम उपस्थित थीं। कार्यक्रम के अंत में अंकुर माध्यमिक स्कूल के संचालक रोहित अरोड़ा ने पधारे हुए सभी मेहमानों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

देश-विदेश से उमड़े श्रद्धालु, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और गजेंद्र सिंह शेखावत सहित संतों और गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति जोधपुर के कारीगरों का विशेष आभार

प्रकट ब्रह्म स्वरूप महंत स्वामी महाराज ने की अध्यक्षता, छीतर पत्थर से निर्मित मंदिर स्थापत्य और शिल्प कला का अद्वितीय उदाहरण, धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भक्तिमय हुआ वातावरण

जोधपुर सूर्यनगरी के कालीबेरी स्थित स्वामिनारायण संप्रदाय के सबसे भव्य अक्षरधाम मंदिर का विधिवत प्राण प्रतिष्ठा और लोकार्पण समारोह अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर देश-विदेश से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और मंत्रोच्चारण, कीर्तन व भजनों के बीच पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

समारोह में केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार वैष्णव और गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। इनके साथ-साथ राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस विनीत माथुर, राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, पाली सांसद पीपी चौधरी, स्थानीय विधायक अतुल भंसाली, देवेंद्र जोशी, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, उपमहापौर श्री कृष्ण लड्डा और शिक्षाविद निर्मल गहलोत की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
समारोह की अध्यक्षता प्रकट ब्रह्म स्वरूप महंत स्वामी महाराज ने की, जिनके सान्निध्य में मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और लोकार्पण सम्पन्न हुआ। उन्होंने मंदिर निर्माण में जुटे जोधपुर के कारीगरों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और इसे सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बताया। जोधपुर की प्रसिद्ध छीतर पत्थर से निर्मित यह भव्य मंदिर स्थापत्य और शिल्प कला का अद्वितीय उदाहरण है।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वामिनारायण संप्रदाय के कीर्तन से हुई, जिसमें प्रमुख संत श्वेत प्रकाश स्वामी, ज्ञानानंद स्वामी, योगीप्रेम स्वामी और अक्षरप्रेम स्वामी सहित कई संतों ने प्रवचन और भक्ति गीतों के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रेरित किया।

जस्टिस विनीत माथुर ने इस अवसर पर कहा कि यह मंदिर न केवल श्रद्धा का केंद्र बनेगा, बल्कि जोधपुरवासियों की आस्था और संस्कृति को भी नई ऊंचाई प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मंदिर का उद्देश्य पूर्ण हुआ है और यह जोधपुर वासियों के लिए गर्व की बात है।

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, "इस भव्य मंदिर की स्थापना धर्म और संस्कृति की जड़ों को और मजबूत करेगी। यह न केवल एक आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि संस्कृति की चेतना को भी उजागर करने वाला स्थल बनेगा।"
रेल मंत्री अश्विनी कुमार वैष्णव ने भारत के गौरवशाली अतीत और आर्थिक, सांस्कृतिक पुनरुत्थान की बात करते हुए कहा कि “हम जिस मानसिक गुलामी से अब उबर रहे हैं, यह मंदिर उस चेतना का प्रतीक है जो हमें फिर से आत्मविश्वासी भारत की ओर ले जा रही है।”

मंदिर परिसर में विशाल पंडाल में श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जहां स्वयंसेवकों ने सेवा भाव से सभी व्यवस्थाओं को संभाला। इस अवसर पर भव्य सत्संग, प्रवचन, भजन संध्या और विशेष आरती के आयोजन भी किए गए। लोकार्पण समारोह के साथ जोधपुर की सांस्कृतिक धरोहर में एक और गौरवपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।

यह नया स्वामिनारायण अक्षरधाम मंदिर आने वाले समय में न सिर्फ आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा, बल्कि मारवाड़ और समग्र राजस्थान में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आधार भी बनेगा।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

पूर्व नरेश गज सिंह जी करेंगे पूजा, शराब साथ लाने और पीकर आने वाले दर्शनार्थियों का प्रवेश निषेध, पॉलिथीन बैग में प्रसाद लाना मना

जयपोल और फतेहपोल से होगा प्रवेश, महिला व पुरुषों के लिए अलग-अलग रास्ते, सीसीटीवी कैमरे से रखी जाएगी नजर, पीने के पानी की होगी व्यवस्था

जोधपुर महरानगढ़ दुर्ग में चामुण्डा माताजी के मंदिर में सोमवार को आसोजी नवरात्रा का प्रारम्भ कुंभ स्थापना के साथ होगा। नवरात्रा में चामुंडा माता मंदिर में दर्शन की व्यवस्था प्रातः 7 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगी।

महाराजा गज सिंह करेंगे चामुंडा माताजी मंदिर में दर्शन व पूजा

महरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के प्रशासक कर्नल अजय सिंह शेखावत ने बताया कि सतवर्ती पाठ का संकल्प और थापना का मुहूर्त सुबह 12.05 से 12.53 बजे के बीच है। महाराजा गजसिंह व महारानी हेमलता राज्ये इस मुहूर्त के अनुसार मेहरानगढ़ के चामुंडा माता मंदिर में दर्शन करेंगे। 

प्रातः 7:00 से शाम 5:00 बजे तक होगी चामुंडा माता के दर्शन की व्यवस्था

उन्होंने बताया कि प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी प्रशासन के सुझावानुसार प्रातः 7:00 बजे जयपोल व फतेहपोल के द्वार दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे व शाम 5:00 बजे तक दर्शनों की व्यवस्था रहेगी। पूरे नवरात्रा के दौरान यही व्यवस्था रहेगी। जयपोल के बाहर से ही एक पंक्ति में लाईनों की व्यवस्था की गई जो मंदिर तक रहेगी तथा डी.एफ.एम.डी. गेट से ही जयपोल व फतेहपोल से दर्शनार्थियों को प्रवेश दिया जायेगा। पट्टे पर महिलाओं, बच्चों एवं वृद्धजनों के लिये आने-जाने की व्यवस्था की गई है वह वहीं से जायेगे और वहीं से आयेगे। इसी प्रकार पुरुषों एवं युवाओं के लिये सलीम कोट से होते हुए बसन्त सागर से आने-जाने की व्यवस्था की गई है।

मुहूर्त अनुसार थापना

श्री चामुण्डा मंदिर के बसंत सागर के पास नौ वेदपाठी ब्राह्मण स्थापना 22 से 30 सितंबर तक दुर्गापाठ का वाचन करेंगे। नवरात्रा के अंतिम दिन से पूर्व होमाष्टमी की रात हवन प्रारंभ किया जायेगा जिसकी पूर्ण आहुति 1 अक्टूबर नवमी को प्रातः 11.15 से 11.50 बजे के बीच में महाराजा गजसिंह एवं महारानी हेमलता राज्ये द्वारा की जायेगी व महाराजा गज सिंह की तिलक आरती प्रातः 11.51 से 12.01 तक व नवमी को प्रातः 12.05 से 12.15 के बीच थापना जी के उत्थापना का मुहूर्त होगा।

महिला व पुरुषों के प्रसाद चढ़ाने की अलग-अलग व्यवस्था

दर्शन करने आने वाली महिलाओं के लिए नारियल बड़ा करने की व्यवस्था पट्ठे पर की गई है और पुरुषों के लिए बसंत सागर के पास की गई है। मेहरानगढ़ म्यूजियम प्रबंधन व प्रशासन द्वारा यह अनुरोध है कि दर्शनार्थी अपने साथ पानी वाले नारियल के स्थान पर गोटे वाला प्रसाद लेकर आए जिससे उन्हें किसी प्रकार की सुविधा नहीं हो। व्यवस्था के तहत चामुंडा माता की मूर्ति का दर्शन करने के बाद मंदिर परिसर में परिक्रमा वर्जित रहेगी। 

पॉलिथीन में प्रसाद लाना मना होगा

नवरात्रा के दौरान पॉलिथीन में प्रसाद लाना मना होगा, साथ ही दर्शनार्थियों से निवेदन रहेगा कि वह कैरी बैग (हैंगिंग बैंग व थेले) इत्यादि अपने साथ नहीं लावे। 

शराब पीकर आना व साथ लाने पर प्रवेश नहीं

प्रशासन के निर्देशानुसार नवरात्रा के दौरान दर्शनार्थियों को शराब साथ लाने व शराब पीकर आने पर प्रवेश नहीं मिलेगा।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीसीटीवी कैमरे व कंट्रोल रूम

मेहरानगढ़ दुर्ग में नवरात्रा के दौरान जयपोल से चामुंडा माताजी मंदिर परिसर तक अलग-अलग स्थानो पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जो विभिन्न स्थानों पर दर्शनार्थियों की सुविधा और व्यवस्थाओं पर कड़ी नजर रखेंगे,इसके साथ ही कंट्रोल रूम की भी स्थापना की गई है जहां से महिला और पुरुष दर्शनार्थियों को दर्शन के निर्देश पब्लिक एड्रेस सिस्टम पर दिए जाएंगे।

पीने के पानी की सुविधा

दर्शनार्थियों के लिए पीने के पानी की प्याऊ की व्यवस्था जयपोल के बाहर डेढ कंगूरा पोल के पास, महिलाओं के लिए पट्ठे पर, पुरुषों के लिए सलीम कोट मैदान पर की गई है। उन्होंने बताया कि बिजली की व्यवस्था सभी स्थानों पर सुनिश्चित कर दी गई है तथा जनरेटर की भी व्यवस्था रहेगी जो पूरे 24 घंटे रहेगा और बिजली कर्मियों की नियुक्ति भी निर्देश अनुसार कर दी गई है। मेहरान गढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के सुरक्षाकर्मी भी स्थान स्थान पर अपनी ड्यूटी देंगे तथा प्रशासन व पुलिस के कर्मचारियों के साथ सहयोग करेंगे।

एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की रहेगी व्यवस्था
 
प्रशासन की ओर से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की जा रही है जो जयपोल के बाहर तैनात रहेगी। महरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की एंबुलेंस ऊपर पट्ठे पर तैनात रहेगी। चिकित्सा विभाग व महरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट की तरफ से डॉक्टर व कंपाउंडर नवरात्रा के दौरान सभी आवश्यक उपकरण एवं मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था के साथ उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर लिफ्ट सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

लंपी महामारी से बचाव हेतु जड़ी-बूटियों से बने लड्डू का वितरण

पुजारी हरिभाई गोस्वामी ने साझा की सफलता की कहानी, 45000 पैकेट पहले भी किए थे वितरित

जोधपुर। गौवंश को लंपी महामारी से बचाने के लिए रातानाडा स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में पुजारी हरिभाई गोस्वामी द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए गोपाल भोग लड्डू के 1500 पैकेट तैयार किए गए हैं। इन लड्डुओं में हल्दी, अजवाइन, कालीमिर्च, तुलसी, गिलोय पाउडर, गुड़, मेथी, वायविडग, दशमूल व संजीवनी बूटी जैसी जड़ी-बूटियों का मिश्रण शामिल है, जो गौमाता की इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं।

पुजारी हरिभाई ने बताया कि जब पहली बार लंपी बीमारी आई थी, तब इन लड्डुओं ने बहुत अच्छा काम किया था। उन्होंने तब 45000 पैकेट बनाकर विभिन्न गोशालाओं और गोपालों के घरों में वितरित किए थे। इस बार भी उनकी योजना 20 हजार लड्डू तैयार कर वितरण करने की है।

इस महत्वपूर्ण कार्य में मंदिर के इंद्रसिंह सांखला, शारदा चौधरी, ललित गेहलोत, राजेंद्र सोलंकी, सागर सिंह कच्छवाह, महेंद्र सोलंकी, विष्णु राठी, वीरेंद्र देवड़ा, सवाई राम चौधरी और विक्रम गुर्जर सहित महिला मंडली का विशेष सहयोग रहा है।

गौवंश की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति इस तरह की पहल न केवल समाज में जागरूकता फैलाती है, बल्कि गौमाता के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

भैरू बाग पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर तीर्थ में 9 दिवसीय नवग्रह आराधना के पांचवे दिन विशेष पूजा का आयोजन

साध्वी अर्चितगुणाश्री ने गुरु गृह की मजबूती पर दिया जोर, श्रद्धालुओं को दिए महत्वपूर्ण उपाय

जोधपुर भैरू बाग पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर तीर्थ में चल रही 9 दिवसीय नवग्रह आराधना के पांचवे दिन परमात्मा आदिनाथ एवं गुरु गृह की आराधना श्रद्धा एवं उल्लास के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर साध्वी अर्चितगुणाश्री ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक मजबूत गुरु गृह वाले व्यक्ति में ज्ञानी, धर्मनिष्ठ, बुद्धिमान, उदार हृदयी, धनवान, न्यायप्रिय, आत्मविश्वासी, सिद्धांतवादी, विवेकवान, शांत स्वभावी और व्यवहार कुशल गुण होते हैं।

साध्वी ने आगे कहा कि ऐसा व्यक्ति न केवल अपने जीवन में सुख की अनुभूति करता है, बल्कि दूसरों के दुख को दूर करने में भी तत्पर रहता है। इस आराधना का आयोजन तीर्थ के प्रवक्ता दिलीप जैन एवं सचिव जगदीश गांधी की देखरेख में किया गया।

कैलाश पटवा ने बताया कि गुरूवर्या ने गुरु गृह को मजबूत करने के लिए आदिनाथ परमात्मा के साथ गुरु गृह के मंत्र जाप करने की प्रेरणा दी। इसके साथ ही उन्होंने श्रद्धालुओं को परमात्मा आदिनाथ की अष्ठ प्रकारी पूजा करने की सलाह दी।

प्रदीप खिंवसरा ने बताया कि साध्वी ने गुरु गृह को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक गुरुवार एकासन व्रत के साथ पीली माला पहनने और मंत्र आराधना करने की प्रेरणा दी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने पुखराज रत्न धारण करने सहित कई विशेष उपाय भी बताए।

इस अवसर पर परमात्मा एवं गुरु गृह के यंत्र की अष्ठ प्रकारी पूजा का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आस्था के साथ भगवान की आराधना की।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने प्रेस वार्ता में विधेयक को बताया "समाज की सुरक्षा और संस्कृति की रक्षा की दिशा में ऐतिहासिक कदम", धर्मांतरण कराने वाली संस्थाओं पर बुलडोजर की कार्रवाई का प्रावधान

जबरन धर्मांतरण पर 20 साल तक की सजा, विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण पर 20 लाख तक का जुर्माना, घर वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा

जोधपुरविश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने जोधपुर में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित किया। उन्होंने राजस्थान विधानसभा में पारित "राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025" का स्वागत करते हुए कहा कि यह कानून समाज की सुरक्षा और सनातन संस्कृति की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

विधेयक की प्रमुख बातें:
  1. यह विधेयक फरवरी 2025 में प्रस्तुत बिल से कहीं अधिक कठोर है।
  2. धर्मांतरण के मामलों में सजा और जुर्माना कई गुना बढ़ाया गया है।
  3. जबरन, लालच या धोखे से कराए गए धर्मांतरण पर 7 से 14 साल की कैद और 15 लाख तक का जुर्माना।
  4. नाबालिग, महिला, SC/ST और दिव्यांगजनों के धर्मांतरण पर 10 से 20 साल की सजा और ₹10 लाख जुर्माना।
  5. सामूहिक धर्मांतरण पर 20 साल से लेकर आजीवन कारावास और न्यूनतम ₹25 लाख जुर्माना।
  6. विदेशी फंडिंग से धर्मांतरण कराने पर 10-20 साल की कैद और ₹20 लाख जुर्माना।
  7. दोहराए गए अपराध पर आजीवन कारावास और ₹50 लाख तक जुर्माना।
  8. शादी के जरिए धर्मांतरण अवैध घोषित होगा।
  9. धर्मांतरण कराने वाली संस्थाओं पर बुलडोजर एक्थान व संपत्ति जब्ती का प्रावधान।
अन्य प्रावधान:
  •    सभी अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे।
  •    धर्म परिवर्तन से 90 दिन पूर्व जिला कलेक्टर/एडीएम     को सूचना देना अनिवार्य।
  •    धर्माचार्यों को भी 2 महीने पूर्व नोटिस देना होगा।
  •    घर वापसी को धर्मांतरण नहीं माना जाएगा।
विशेष:

मिलिंद परांडे ने कहा कि यह कानून जनभावनाओं के अनुरूप है और अब जबरन या गुप चुप तरीके से होने वाले धर्मांतरण पर सख्त अंकुश लगेगा। यह देश का सबसे सख्त कानून है।उन्होंने बताया कि इस कानून में जबरन धर्मांतरण कराने वालों को 7 से 20 साल तक की सजा का प्रावधान है। यह कानून दबाव, धोखे या आर्थिक प्रलोभन के कारण होने वाले धर्म परिवर्तन पर सख्त रोक लगाएगा। कोई भी धर्म जबरन धर्मांतरण की अनुमति नहीं देता, लेकिन कुछ संस्थाएं सुनियोजित रूप से समाज को टारगेट करती हैं। अब ऐसे षड्यंत्रकारी तत्वों पर कठोर कार्रवाई होगी। विशेष रूप से इस बिल में धर्मांतरण कराने वाली संस्थाओं के भवनों को सीज करने और आवश्यक होने पर बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करने का प्रावधान पहली बार किया गया है।

मिलिंद परांडे का वक्तव्य:

  •  "यह विश्व हिन्दू परिषद की पुरानी मांग थी जिसे       राजस्थान सरकार ने स्वीकार किया है।"
  • "हम मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी सहित पूरी सरकार  को साधुवाद देते हैं।"
  • "यह कानून अवैध धर्मांतरण रोकने और समाज की  एकता बनाए रखने में मील का पत्थर साबित होगा।"

https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

गणेश उत्सव में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव का अनूठा संगम, भक्तों में देशभक्ति की भावना का संचार

संजय पंचारिया एण्ड पार्टी ने प्रस्तुत किए भक्ति गीत, सेना के वीरों को किया गया सम्मानित

जोधपुर गोल बिल्डिंग चौराहे पर स्थित भगवान गणेश के उत्सव स्थल पर बुधवार को एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। "एक शाम गणेश के नाम" शीर्षक से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक संजय पंचारिया एंड पार्टी ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों की सरिता के बीच,  गणेश उत्सव स्थल को "ऑपरेशन सिंदूर" और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने की जीवंत झांकियों से सजाया गया था।

सांय आरती के पश्चात् शुरू हुई इस भजन संध्या में संजय पंचारिया ने एक से बढ़कर एक भजन गाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया। इस अवसर पर उत्सव स्थल पर भारत के सैन्य इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाते पोस्टर भी लगाए गए थे। इनमें प्रथम भारत-पाक युद्ध (1947), द्वितीय भारत-पाक युद्ध (1965), बांग्लादेश मुक्ति संग्राम (1971), कारगिल युद्ध (1999), उरी हमला (2016), पुलवामा हमला (2019) और हाल ही में संपन्न "ऑपरेशन सिंदूर" (2025) शामिल थे। यह प्रदर्शन भक्तों में देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना जागृत करने के उद्देश्य से किया गया।

उत्सव स्थल पर "ऑपरेशन सिंदूर" विंग कमांडर व्योमिका सिंह और कर्नल सोफिया कुरैशी के अलावा सेना के जवानों की जीवन झांकी ने भी दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके साथ ही, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में संघ के बाल स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत जीवंत झांकी ने सभी का ध्यान खींचा।

इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें हेमराज शर्मा, मुकेश लोढ़ा, अरूण माथुर, पुरुषोत्तमदास खेमनानी, राजेन्द्र शर्मा, निरंजन चैधरी, टीकम चांदोरा, अजय सियोटा, भुवनेश खनालिया, दीपेश चांदोरा और दयाराम सियोटा आदि शामिल थे। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल सरदारपुरा प्रखंड की ओर से हेमराज शर्मा को तलवार भेंट की गई। भजन संध्या का कुशल संचालन अरूण माथुर ने किया।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

जोधपुर के जुना खेड़ापति हनुमान मंदिर में की पूजा - अर्चना, सरलता और संवेदनशीलता से बिखेरा अपना जादू

सफाई कर्मियों से मिलकर उपमुख्यमंत्री ने दिखाई अपनी सादगी

जोधपुरआज सुबह उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी जोधपुर के जुना खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुँचीं। उन्होंने विधि-विधान से शनि देव महाराज का तेल अभिषेक किया और हनुमान जी सहित अन्य देवी-देवताओं के दर्शन किये। इस दौरान समाज सेवी एवं पूर्व न्यासी कमलेश पुरोहित सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। मंदिर परिसर में स्थित पीपल, बड़ और कल्प वृक्ष की भी उन्होंने पूजा की और श्रद्धालुओं के कल्याण की कामना की।

जो बात आज सबसे ज़्यादा चर्चा में है वो है उपमुख्यमंत्री की सरलता और संवेदनशीलता। पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने मंदिर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले एक सफाई कर्मी दंपति से मुलाक़ात की। उन्होंने न केवल उनसे बातचीत की बल्कि उनके परिवार के हालचाल भी पूछे। इस साधारण से कार्य ने उप मुख्यमंत्री की छवि को और भी ऊँचा उठाया। वहाँ मौजूद श्रद्धालु इस दृश्य से भावुक हो उठे और उपमुख्यमंत्री की विनम्रता की सराहना की।

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की इस यात्रा से साफ़ जाहिर होता है कि वे सिर्फ़ एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि एक जनसेवक भी हैं जो जनता की भावनाओं को समझती हैं और उनके साथ सहानुभूति रखती हैं।  उनकी इस सरलता और संवेदनशीलता ने एक बार फिर साबित किया है कि जनता का दिल जीतने के लिए बड़े पद की ज़रूरत नहीं होती, बल्कि एक सच्चे दिल और नेक इरादों की।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

सप्त ऋषियों और पूर्वजों के प्रति आस्था, पवित्र जलाशयों पर तर्पण कर समर्पित किया व्रत का पुण्य फल, नीम और पीपल सहित पांच वृक्षों का किया पूजन

मणीचे के आटा का हलवा, राब-खीर लगता है भोग, तुरई-काचरे की सब्जी और केर-सांगरी का रायता पितरों को अर्पित, समाज की बुजुर्ग महिलाओं से सुनी कथा

जोधपुर भाद्रपद शुक्ला पंचमी को ऋषि पंचमी के दिन जोधपुर में श्रीमाली ब्राह्मण समाज की महिलाओं की ओर से सप्त ऋषियों एवं पूर्वजों के प्रति आस्था व्यक्त करने के लिए तर्पण करने की अनूठी परम्परा सदियों से चली आ रही है। व्रती महिलाएं सप्त ऋषियों एवं ऋषि पत्नियों के नाम सगोत्र शास्त्रोक्त विधि से तर्पण कर मोक्ष की कामना करती है। इतना ही नहीं पवित्र जलाशयों पर ससुराल व पीहर पक्ष की तीन-तीन पीढिय़ों तक के दिवंगत ज्ञात अज्ञात पूर्वजों को याद कर तर्पण करती है। साथ ही अपने एक दिन के व्रत का पुण्य फल भी पूर्वजों को मोक्ष और सद्गति के लिए समर्पित करती है।

तर्पण के बाद नीम, आक, पीपल, बोल्टी एवं हाटी-काटी वृक्ष का पूजन कर समाज की बुजुर्ग महिलाओं से ऋषि पंचमी से जुड़ी पौराणिक कथाओं का श्रवण करती है। कथा श्रवण के बाद व्रती महिलाएं अपने घरों में मणीचा (बिना बोया धान) की खीर, बनाकर ऋषियों, ऋषि पत्नियों व अपने और पीहर के सात पीढिय़ों के पूर्वजों को तुरई-काचरे की सब्जी, केर-सांगरी का रायता पितरों को अर्पित कर व्रत का पारणा करती है।

पं. रमेशचंद्र बोहरा के अनुसार इस व्रत को करने वाली व्रती महिलाएं वनक्षेत्र में पैदा होने वाले मणीचे के आटा का भोग ठाकुरजी, सप्त ऋषियों व ऋषि पत्नियों को लगाकर प्रसाद ग्रहण करते थे। मणीचे का आटा फलाहार की श्रेणी में आता है, उस मणीचे को शुद्ध व साफ कर काम में लेते थे। उस मणीचे के आटे का हलवा, खीर व राब बनाकर तथा साथ में तुरई की सब्जी का सेवन किए जाने की परम्परा है।

https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

2100 किलो फूलों से सजे मंदिर में 7-8 हजार भक्तों ने किए दर्शन; पदनाभम और मीनाक्षी अम्मा मंदिरों की अद्भुत प्रतिकृति ने मोहा मन

बंगाली कारीगरों व कार्यकर्ताओं ने 10 दिन में दिया दक्षिण भारतीय स्वरूप, बारिश के बावजूद उत्कृष्ट प्रबंधन; वॉलेट पार्किंग व विशेष व्यवस्था से भक्तों को मिली सुविधा

जोधपुरश्री मनोकामेश्वर नाथ डुंगरिया महादेव मंदिर प्रांगण में इस वर्ष का पाटोत्सव बड़े ही धूमधाम और भव्यता के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर, भक्तों को दक्षिण भारत के विश्व प्रसिद्ध मंदिरों के अलौकिक दर्शन करने का अवसर मिला, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

डुंगरिया महादेव मंदिर में भव्य पाटोत्सव: दक्षिण भारत की अद्भुत झांकी

जोधपुर शहर के हृदय में स्थित श्री मनोकामेश्वर नाथ डुंगरिया महादेव मंदिर प्रांगण में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी पाटोत्सव का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। इस वर्ष का पाटोत्सव भक्तों के लिए एक विशेष अनुभव लेकर आया, जब मंदिर परिसर को दक्षिण भारत के भव्य और ऐश्वर्यशाली मंदिरों का रूप दिया गया।

ट्रस्ट के अध्यक्ष सोहन भूतड़ा ने बताया कि पिछले 10 दिनों से कोलकाता के बंगाली कारीगर और डुंगरिया मंदिर के समस्त कार्यकर्ता लगातार इस कार्य में जुटे हुए थे, ताकि मंदिर को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थों का हूबहू स्वरूप दिया जा सके।

पदनाभम और मीनाक्षी अम्मा मंदिरों की जीवंत प्रतिकृति

इस पाटोत्सव में विशेष रूप से केरल के विश्व में ऐश्वर्यशाली व धनवान मंदिरों में गिने जाने वाले श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर और तमिलनाडु के मदुरै स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर की भव्य प्रति कृतियां स्थापित की गईं। इन प्रतिकृतियों को इतनी सजीवता से बनाया गया था कि उपस्थित भक्तों को वास्तव में यह आभास हुआ कि वे दक्षिण भारत के इन भव्य मंदिरों के ही दर्शन कर रहे हैं। कारीगरी इतनी अद्भुत और अद्वितीय थी कि लोग इसे देखकर अचंभित हो उठे। मंदिर के स्तंभों और पत्थरों पर वैसी ही बारीकी से कारीगरी की गई थी, जैसी इन भव्य मंदिरों में होती है।

शेषनाग पर विराजे भगवान और महालक्ष्मी के दर्शन
पाटोत्सव के दौरान भगवान शिव स्वयं शेषनाग के ऊपर विराजित थे और साथ में महालक्ष्मी के भव्य दर्शन भी भक्तों को कराए गए। मंदिर में सात दरवाजे बनाए गए थे, जहां भक्तों ने अपनी मनोकामनाएं मांगी। पूरे मंदिर प्रांगण में प्राकृतिक फूलों की मनमोहक महक फैली हुई थी, जिसमें लगभग 2100 किलो पुष्प मंदिर की सजावट में काम आए।

बारिश के बावजूद भक्तों की अपार भीड़ और उत्कृष्ट व्यवस्था

इस दौरान भगवान इंद्रदेव भी बड़े मेहरबान रहे और मौसम बड़ा ही आनंदित हो गया। हालांकि बारिश की विपरीत परिस्थितियों में भी डुंगरिया परिवार द्वारा व्यवस्थाएं सफलतापूर्वक संभाली गईं। भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी, जिसे व्यवस्थित करने के लिए कतारबद्ध दर्शनों हेतु बैरिकेड लगाए गए, जिससे सुलभ दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकी।

कोषाध्यक्ष हंसराज धूत ने बताया कि इस वर्ष वॉलेट पार्किंग की व्यवस्था से सभी को सुविधा मिली और यातायात बाधित नहीं हुआ। ट्रस्ट द्वारा लगभग एक हजार चार पहिया वाहन और एक हजार दुपहिया वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, वरिष्ठ नागरिकों के लिए मंदिर आने-जाने की विशेष व्यवस्था भी की गई थी।

भव्य आरती और महाप्रसादी

सायं 6:15 बजे संत रामप्रसाद बड़ा राम, सूरसागर के सानिध्य में भक्तों द्वारा भगवान की भव्य आरती की गई। प्रसादी की व्यवस्था में भी डुंगरिया मंदिर के समस्त कार्यकर्ता जुटे रहे। अनुमानतः 7000 से 8000 लोगों ने महाप्रसादी ग्रहण की।

आधुनिक सुविधाओं के साथ परंपरा का संगम

मंदिर में प्रवेश से पहले दर्पण की विशेष व्यवस्था थी, जिसमें आने वाले भक्तों ने अपने प्रतिबिंब को देखकर प्रसंचित मुद्रा में मंदिर में प्रवेश किया। परंपरा और आधुनिकता का संगम दिखाते हुए, मंदिर प्रांगण में मोबाइल कैमरे से फोटो लेना प्रतिबंधित रहा, वहीं स्कैनर के साथ सेल्फी जोन की व्यवस्था मंदिर के बाहर की गई थी, जहां युवक-युवतियों ने अपनी तस्वीरें लीं।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध इस मेले में हजारों भक्तों ने महा आरती में लिया भाग, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

भाद्रपद शुक्ल दशमी तक चलेगा मेला, श्रद्धालुओं की भारी संख्या में पहुंचने की उम्मीद

जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान के महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध बाबा रामदेव (रामसा पीर) मेले का शुभारंभ जोधपुर के मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर में भाद्रपद शुक्ल द्वितीया (बीज) के दिन भव्य महा आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।

बाबा रामदेव मंदिर, जो कि उनके गुरु बालीनाथ की समाधि स्थल पर स्थित है। यह मेला भाद्रपद शुक्ल दशमी तक चलेगा। इस दौरान लाखों भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। एएसपी सुनील के. पवार ने बताया कि मेले के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए कालिका टीम को भी तैनात किया गया है।

इस बार, बाहर और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु जोधपुर के बजाय सीधे जैसलमेर के रामदेवरा जाएंगे। भाद्रपद दूज और दशमी के दिन सबसे अधिक भीड़ होने की संभावना है। मेले में राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

एसीपी आनंद कुमार ने बताया कि दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं और पुलिस व्यवस्था को सेक्टरों में बांटा गया है ताकि कानून-व्यवस्था सुचारू रूप से रहे। उन्होंने कहा, "हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो।"

बाबा रामदेव का प्राकट्य दिवस भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है। इस अवसर पर जोधपुर के मसूरिया और जैसलमेर के रामदेवरा (रूणीचा) में मेले का आयोजन होता है। श्रद्धालु ट्रेन, बस और निजी वाहनों से पहुंचते हैं, लेकिन सबसे अधिक भक्त पैदल यात्रा करते हैं। ये श्रद्धालु मसूरिया पहाड़ी पर बाबा रामदेव मंदिर में दर्शन के बाद जैसलमेर के पोकरण में बाबा की समाधि स्थल पर माथा टेककर अपनी यात्रा पूरी करते हैं। मेले में भक्तों की आस्था और उत्साह चरम पर रहता है।
https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

जैन धर्म के पर्यूषण पर्व के उपलक्ष्य में श्रावकों के कर्तव्यों के निर्वहन हेतु आयोजित की जा रही है यात्रा

धार्मिक स्थलों पर दर्शन का लाभ उठाने के लिए 2 और 3 सितंबर को आयोजित होगी तीर्थ यात्रा

जोधपुर। भेरू बाग तीर्थ में भगवान महावीर स्वामी के जन्म महोत्सव के अवसर पर अर्चित गुणाश्रीजी महाराज साहब के सानिध्य में दो दिवसीय धार्मिक तीर्थ यात्रा का बैनर विमोचन किया गया। यह यात्रा 2 और 3 सितंबर को भेरू बाग तीर्थ से प्रारंभ होकर शेशली पार्श्वनाथ, दादा पारसनाथ जूना बेड़ा, जीवित महावीर स्वामी नाना बेड़ा, राता महावीर स्वामी, सेवाड़ी तीर्थ लोटस मंदिर जवाई बांध आदि धार्मिक स्थलों पर दर्शन का लाभ उठाने के लिए आयोजित की जा रही है।

इस अवसर पर श्री भैरूबाग तीर्थ के अध्यक्ष गणेश भंडारी, सचिव जगदीश गांध, यात्रा संयोजक शांतिचंद सालेचा, आवास प्रमुख विरेन्द्रकुमार सिंघवी, कोष प्रमुख सुपार्श्ववराज भंसाली, भोजन प्रमुख गौतम सिंघवी, धार्मिक कार्यक्रम प्रमुख प्रोफेसर मांगीलाल वडेरा, बस प्रमुख हेमंत लोढ़ा एवं राजेंद्र मेहता सहित अनेक श्रावकगण उपस्थित रहे।

यात्रा का शुभारंभ जैन धर्म के पर्यूषण पर्व के पश्चात श्रावक के 11 कर्तव्यों में से तीसरे कर्तव्य के निर्वहन की प्रेरणा के साथ किया जा रहा है। इस यात्रा का उद्देश्य श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थलों पर जाकर दर्शन करने का अवसर प्रदान करना और जैन धर्म के मूल सिद्धांतों का पालन करना है।

यात्रा संयोजक शांतिचंद सालेचा ने कहा, "यह यात्रा हमें हमारे धर्म और संस्कृति से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। हम सभी श्रावकों से अनुरोध करते हैं कि वे इस यात्रा में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने कर्तव्यों का पालन करें।"

https://www.swarnadeepreporter.blogspot.com we provide informative content like politics, national, jobs, trade, entertainment & crime hindi news

मेले में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, सांस्कृतिक कार्यक्रम और धार्मिक आयोजन बने आकर्षण का केंद्र, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने मेले को बताया जोधपुर की सांस्कृतिक पहचान, डीसीपी विनीत बंसल ने शांति और सुरक्षा का दिया आश्वासन

जोधपुरमसूरिया स्थित लोक देवता बाबा रामदेव मेले का शनिवार को विधिवत शुभारंभ हुआ। मीडिया प्रभारी एवं प्रवक्ता रंजन दईया ने बताया कि इस अवसर पर जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और DCP विनीत बंसल ने फीता काटकर मेले का विधिवत उद्घाटन किया।

मेले में भारी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग शामिल हुए। बाबा रामदेव के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन और विभिन्न स्टॉल्स आकर्षण का केंद्र रहे। जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं।

इस अवसर पर बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ जी की समाधि स्थल के अध्यक्ष नरेंद्र चौहान, सचिन नरेंद्र गोयल, उपाध्यक्ष शिवप्रसाद दईया, दिनेश गोयल, कोषाध्यक्ष पुरुषोत्तम राखेचा, दिनेश पंवार के साथ अन्य सदस्य मौजूद रहे।

जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने कहा कि यह मेला जोधपुर की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान का प्रतीक है। DCP विनीत बंसल ने बताया कि मेले में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।

बाबा रामदेव मेला भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया से दशमी तक आयोजित होता है, देश भर से लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यह मेला बाबा रामदेव के गुरु बालीनाथ की समाधि स्थल पर आयोजित होने वाला एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। बाबा रामदेव, जिन्हें भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है। अपने चमत्कारों और सामाजिक समरसता के कार्यों से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बनाया है।

बाबा रामदेव मेला अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा, जिसमें विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन होगा।