Annual Seminar of Jain Ratna Shravika Mandal: A wonderful example of unity and inspiration. जैन रत्न श्राविका मंडल की वार्षिक संगोष्ठी।

600 श्राविकाओं ने संगोष्ठी में भाग लेकर उत्साह और धार्मिक आत्मीयता का किया प्रदर्शन

मुख्य अतिथि सुशीला बोहरा ने समारोह में की प्रेरणा दायक बातें

जोधपुरजैन रत्न श्राविका मंडल द्वारा आयोजित वार्षिक संगोष्ठी का उद्देश्य श्राविकाओं के मध्य स्नेह, एकता और प्रेरणा का प्रसार करना है। यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के श्राविका मंडलों की प्रतिनिधियाँ एकत्र होकर अपने-अपने मंडल की गतिविधियों की जानकारी साझा करती हैं।

इस वर्ष की संगोष्ठी का आयोजन सफलता से संपन्न हुआ, जिसमें लगभग 600 श्राविकाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में सुशीला बोहरा, वनिता कांकरिया (अखिल भारतीय श्राविका मंडल उपाध्यक्ष) और रुचिका पटवा (अखिल भारतीय श्राविका मंडल सचिव) उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जोधपुर श्राविका मंडल की अध्यक्षा श्वेता कर्नावट ने की, जबकि मंत्री पूजा गिड़िया ने कार्यक्रम का संचालन एवं वार्षिक रिपोर्ट का वाचन किया। संगोष्ठी का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ, जिसे सभी उपस्थित लोगों ने श्रद्धा के साथ सुना।

इस संगोष्ठी में विभिन्न श्राविका मंडलों द्वारा प्रेरक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने वातावरण में उत्साह और भक्ति का संचार किया। बीच-बीच में रितु बाफना और लवीना चोपड़ा ने धार्मिक प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कार्यक्रम में रोचकता और सहभागिता का अविष्करण किया।

मीडिया प्रभारी दीपक कुमार सिंघवी ने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न श्राविकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनमें मधु ततेड, लवीना लुंकड़, निर्मला बाफना, सीमा मेहता, रंजीता बाफना, रेखा लोढा, अंजू कांकरिया और अन्य शामिल हैं। सब ने तन-मन-धन से सहयोग देकर कार्यक्रम की सफलता में अहम भूमिका निभाई।

विशिष्ट उपस्थितियों में जोधपुर श्रावक संघ के अध्यक्ष नवरत्न डागा, मंत्री जिनेन्द्र और अखिल भारतीय श्रावक संघ के महामंत्री सुभाष गुंदेचा शामिल थे। 

संपूर्ण संगोष्ठी श्रद्धा, सौहार्द और प्रेरणा से ओत-प्रोत रही और यह श्राविका संगठन की एकता एवं उत्साह का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया।

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