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स्वस्थ जीवन के लिए खेल को आवश्यक बताते हुए संत डॉ रामप्रसाद महाराज ने दी प्रेरणा

प्रतियोगिता का उद्घाटन महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (चैनपुरा) में हुआ, पूर्व मंत्री डॉ महेंद्र सिंह राठौड़ ने खिलाड़ियों को किया प्रेरित

जोधपुर69 वीं जिला स्तरीय एथलेटिक प्रतियोगिता का भव्य आगाज महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) चैनपुरा में पूज्य संत 108 परमहंस डॉ. रामप्रसाद महाराज के सानिध्य में हुआ। इस अवसर पर संत ने अपने आशीर्वचन में कहा कि "जीवन में खेल को खेल की भावना से खेलना चाहिए। खेल में हार जीत महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि यह सतत् प्रयासरत रहने की शिक्षा देते हैं।"

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री राजस्थान सरकार एवं पूर्व जेडीए अध्यक्ष डॉ महेंद्र सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को जीवन में आगे बढ़ते रहने हेतु प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में भाजपा शहर अध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, पर्यावरणविद सुभाष गहलोत, लाल सागर भाजपा मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह भाटी, संपत भाटी, सुरेश भाटी, महेश व्यास सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।

मुख्य प्रायोजक महेश गहलोत देवगढ़, मनोहर सिंह टाक, रामकिशोर भट्टड़, नरपत सिंह सांखला, बलवीर सिंह भाटी, लीलावती, अशोक पंवार और अशोक चौधरी भी इस अवसर पर उपस्थित थे। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रजनी शेखावत ने अतिथियों का स्वागत किया, जबकि आयोजक विद्यालय के प्रधानाचार्य निमेष चारण ने अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर धन्यवाद ज्ञापित किया।

प्रतियोगिता संयोजक और वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक नरेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि आज गोला फेंक स्पर्धा में 17 वर्ष छात्र के परिणाम में वेदांत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि खुशवंत सिंह और बजरंग क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे। 19 वर्ष गोला फेक स्पर्धा में दीपेश परिहार ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि वीरेंद्र और अरविंद सिंह क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे। प्रतियोगिता के आयोजन से खिलाड़ियों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना देखने को मिल रही है।

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मुख्यमंत्री और कलेक्टर को 12000 स्थायी नर्सिंग पदों की मेरिट और बोनस आधारित भर्ती के लिए ज्ञापन

संघर्ष समिति ने गांधीवादी तरीके से आंदोलन को तेज करने का किया ऐलान

जोधपुरराजस्थान अस्थाई नर्सेज संघर्ष समिति के तत्वावधान में प्रदेश स्तरीय आह्वान किया गया, जिसमें जोधपुर अतिरिक्त कलेक्टर जवाहर चौधरी को मुख्यमंत्री और चिकित्सा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में 12,000 स्थायी नर्सिंग अधिकारी पदों की भर्ती की मांग की गई है, जो मेरिट और बोनस आधारित होगी।

संघर्ष समिति के सदस्य राहुल राजपुरोहित ने बताया कि सरकार द्वारा स्वीकृत रिक्त पदों पर जल्द से जल्द भर्ती करने की मांग भी रखी गई। उन्होंने कहा, "हमारी मांगें जायज हैं और हम इसे सक्षम स्तर पर रखने के लिए प्रयासरत हैं।"

आसाराम ने कहा कि वे आगामी दिनों में गांधीवादी तरीके से इस भर्ती की मांग को और अधिक गति देंगे, क्योंकि अल्प वेतन पर कार्य कर रहे कार्मिक लंबे समय से इसकी मांग कर रहे हैं।

महेंद्र पाल सिंह ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण कदम है और हम सभी नर्सेज को एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए आगे आना होगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संघर्ष समिति के कई पदाधिकारी मौजूद थे, जिनमें पर्वत सिंह, राकेश दाधीच, कपिल सेंवर, महेंद्र पाल सिंह, गुलाब सिंह सांखला, आसाराम, महेंद्र मेघवाल, पवन नैनीवाल, दिलीप, गणपत सिंह आदि शामिल थे।
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चिकित्सा मंत्री ने दुर्घटनास्थल का लिया जायजा, कहा - दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

फायर सेफ्टी एजेंसी के खिलाफ एफआईआर का निर्देश, मृतकों के परिजनों को दिया जाएगा मुआवजा

जयपुर/जोधपुरसवाई मान सिंह अस्पताल के ट्रोमा सेंटर में हुई आग की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के मद्देनजर राज्य सरकार ने सख्त निर्णय लेने का कार्य किया है। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी और ट्रोमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटा दिया गया है। इसके अलावा, अधिशाषी अभियंता मुकेश सिंघल को निलंबित कर दिया गया है।

यह निर्णय शनिवार सुबह हुई अग्निकांड के तुरंत बाद लिया गया। आग लगने के इस घटना के कारण 6 लोगों की मौत हो गई थी और सरकार ने फायर सेफ्टी में लापरवाही के लिए जिम्मेदार एजेंसी, एस.के इलेक्ट्रिक कम्पनी के खिलाफ FIR दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं।

चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा, "यह हादसा बेहद दुःखद है।" उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से प्रार्थना की कि वे इस कठिन समय में सहन शीलता प्राप्त करें।

घटना स्थल का दौरा करते हुए मंत्री ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त आईसीयू की मरम्मत जल्द से जल्द की जाए और जब तक यह ठीक नहीं होता, तब तक मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में जांच के लिए चिकित्सा शिक्षा आयुक्त की अध्यक्षता में एक 6-सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह समिति मामले की गहनता से जांच करेगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्सा मंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मृतकों के आश्रितों को शीघ्र उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि जून माह में ही सीआईएसएफ को फायर सेफ्टी और सुरक्षा व्यवस्थाओं की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। यह रिपोर्ट जल्द प्राप्त होने की उम्मीद है, जिसके आधार पर अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा।

इस दौरान चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त इकबाल खान और सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी सहित कई अधिकारी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों के तहत पुलिस कंट्रोल रूम की पहल, महात्मा गांधी स्कूल ऑफ नर्सिंग में आयोजित हुआ अवेयरनेस प्रोग्राम

अधीक्षक फतेहसिंह भाटी की प्रेरणा से आई कलिंगा टीम, अशोक चौधरी नर्सिंग ट्यूटर ने चिकित्सा टीम का किया धन्यवाद

जोधपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के प्रति उठाए गए कदमों की श्रृंखला में शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन पुलिस कंट्रोल रूम की कलिंगा टीम द्वारा किया गया, जिसमें नर्सिंग छात्र-छात्राओं को सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।

महात्मा गांधी स्कूल ऑफ नर्सिंग में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों को सुरक्षा ऐप डाउनलोड करने और उसके उपयोग के बारे में आवश्यक जानकारियाँ दी गईं। टीम ने छात्र-छात्राओं को समझाया कि यह ऐप कैसे उनकी सुरक्षा में मदद कर सकता है और किसी आपात स्थिति में कौन से कदम उठाने चाहिए।

इस कार्यक्रम के लिए पुलिस टीम का धन्यवाद करते हुए, स्कूल के अधीक्षक फतेह सिंह भाटी ने बताया कि "महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और इस तरह के कार्यक्रम उनकी सुरक्षा को और भी सशक्त बनाते हैं।"

इस अवसर पर नर्सिंग ट्यूटर अशोक चौधरी ने कहा, "हमें बहुत खुशी है कि पुलिस प्रशासन ने हमारी छात्राओं को इस दिशा में जागरूक किया है। ऐसे कार्यक्रमों से न केवल छात्राओं को जानकारी मिलती है, बल्कि उनके मन में सुरक्षा को लेकर विश्वास भी बढ़ता है।"

अंत में, नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें इससे काफी मदद मिली है और वे भविष्य में किसी भी खतरे का सामना करने के लिए अधिक तैयार हैं।
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डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज ने किया डॉ. गर्ग की पुनर्नियुक्ति का आदेश जारी, 25 वर्षों का अनुभव लाएगा नई ऊर्जा

एम.डी.एम. अस्पताल के न्यूरोसर्जरी विभाग में तकनीकी सर्जरी और शोध कार्यों को मिलेगा नया आयाम

जोधपुरडॉ. एस. एन. मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रण डॉ. बी.एस. जोधा ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए वरिष्ठ आचार्य, न्यूरोसर्जरी डॉ. सुनील गर्ग को आगामी आदेश तक न्यूरोसर्जरी विभाग का विभागाध्यक्ष नियुक्त किया है। इस आदेश के अनुसार, डॉ. गर्ग अपने कार्यकाल के दौरान स्थानांतरण, त्यागपत्र, सेवानिवृत्ति या अन्य आदेशों के अधीन रहेंगे।

डॉ. सुनील गर्ग ने शनिवार को अपना कार्यभार ग्रहण किया। यह नियुक्ति पूर्व में डॉ. गर्ग द्वारा इसी पद पर दी गई सेवाओं के सिलसिले में हुई है। उल्लेखनीय है कि डॉ. गर्ग पिछले 25 वर्षों से जोधपुर चिकित्सा क्षेत्र में अपनी अद्भुत सेवाओं के चलते उत्कृष्ट पहचान बनाए हुए हैं।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डॉ. गर्ग की विशेषज्ञता और उनके लंबे अनुभव के आधार पर उन्हें यह जिम्मेदारी पुनः सौंपने का निर्णय लिया। डॉ. गर्ग के पास एमबीबीएस, एमएस (जनरल सर्जरी) और एमसीएच (न्यूरोसर्जरी) की डिग्रियां हैं और वे पश्चिमी राजस्थान में न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में सम्मान का प्रतीक माने जाते हैं।

एमडीएम अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक समुदाय ने डॉ. गर्ग की पुनर्नियुक्ति का स्वागत किया है। चिकित्सकों का मानना है कि उनके नेतृत्व में विभाग में न केवल उन्नत तकनीकी सर्जरी को बढ़ावा मिलेगा बल्कि शोध कार्यों में भी गति आएगी।

डॉ. गर्ग ने पहले भी एमडीएम अस्पताल में कई जटिल न्यूरो सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं और वे अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी सक्रिय रहते हैं। उनकी वापसी से न्यूरोसर्जरी विभाग में नई ऊर्जा और दिशा आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खराब लिखावट को बताया मरीजों की जान से खिलवाड़, डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन की व्यवस्था लागू होने तक सख्ती से पालन करने के निर्देश, मेडिकल कॉलेजों में शुरू होगी हैंडराइटिंग की ट्रेनिंग

अपठनीय लिखावट चिंताजनक, बन सकता है जीवन और मृत्यु का प्रश्न, कोर्ट ने कहा, स्पष्ट लिखावट मरीजों का मौलिक अधिकार, स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा मामला

जोधपुर/चंडीगढ़डॉक्टरों की लिखावट को लेकर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को साफ और बड़े अक्षरों में प्रिस्क्रिप्शन लिखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि यह मरीजों का मौलिक अधिकार है और इससे खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

न्यायमूर्ति जसगुरप्रीत सिंह पुरी ने कहा कि अक्सर डॉक्टरों की लिखावट इतनी खराब होती है कि मरीज या उनके परिजन समझ ही नहीं पाते कि कौन सी दवा लिखी गई है। कभी-कभी दवा बेचने वाले के गलत पढ़ने से भी गंभीर खतरे पैदा हो सकते हैं।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सभी डॉक्टर अब बड़े अक्षरों (CAPITAL LETTERS) में स्पष्ट लिखकर ही दवाइयां लिखें। जब तक डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन की व्यवस्था लागू नहीं होती, यह नियम सख्ती से अपनाया जाए। मेडिकल कॉलेजों में दो साल के भीतर हैंडराइटिंग की ट्रेनिंग शुरू की जाए।

आपको बता दें कि हाईकोर्ट की यह टिप्पणी उस समय आई जब कोर्ट एक मामले में बलात्कार, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपित की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहा था। हालांकि मूल मामला अलग था, लेकिन अदालत ने इस दौरान पर्चियों की समस्या पर स्वतः संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति पुरी ने कहा, “सरकार और संस्थानों के पास इतनी तकनीक उपलब्ध होने के बावजूद अगर आज भी डॉक्टर अपठनीय लिखावट में दवाएं लिख रहे हैं, तो यह बेहद चिंताजनक है। यह सीधे-सीधे जीवन और मृत्यु का प्रश्न बन सकता है।”

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को मरीजों के लिए साफ और पठनीय प्रिस्क्रिप्शन लिखने का आदेश दिया है, जिसमें कहा गया है कि यह मरीजों का मौलिक अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि बेहतर होगा कि पर्चे बड़े अक्षरों में लिखे जाएं या टाइप किए हुए हों, और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को भी निर्देश दिया है कि वह मेडिकल शिक्षा में स्पष्ट लिखावट पर ध्यान केंद्रित करे।

मुख्य बिंदु:

साफ लिखावट अनिवार्य: कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि सभी मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन और डायग्नोस्टिक नोट्स स्पष्ट होने चाहिए, चाहे वे किसी भी अस्पताल या निजी क्लिनिक से हों।

मरीजों का मौलिक अधिकार: कोर्ट ने पढ़ने योग्य प्रिस्क्रिप्शन को मरीजों के मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी है, क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा है।

बड़े अक्षरों में लिखने का सुझाव: कोर्ट ने बड़े अक्षरों (कैपिटल लेटर्स) में लिखने या फिर टाइप करके या डिजिटल रूप में पर्चे देने का सुझाव दिया है।

मेडिकल शिक्षा में शामिल होगा नियम: भविष्य में मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के पाठ्यक्रम में भी स्पष्ट लिखावट के नियम को शामिल किया जाएगा।

क्यों है यह आदेश महत्वपूर्ण:

डॉक्टरों की खराब लिखावट के कारण अक्सर, मरीजों को गलत दवाएं मिल सकती हैं, जिससे उनके जीवन को खतरा हो सकता है। इसलिए, यह आदेश मरीजों के हितों और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
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राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने किया विरोध प्रदर्शन, नर्सों ने उठाई भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता की मांग

नर्सिंग वर्ग में रोष, भविष्य में आंदोलन और उग्र रूप लेने की चेतावनी

जोधपुर मथुरा दास माथुर अस्पताल के बाहर राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के तत्वावधान में गेट मीटिंग आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मेडिकल कॉलेज द्वारा 302 पदों पर हो रही निविदा नर्सिंग भर्ती के खिलाफ आवाज उठाना था। इस आंदोलन में अस्पताल के सैकड़ों नर्सेज ने भाग लिया।

जिलाध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया ने कहा, "यह भर्ती एन आई सी यु और आई सी यू जैसे गंभीर रोगियों के उपचार हेतु की जा रही है। लेकिन भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय नहीं है, जिससे योग्य नर्सेज का चयन संदेहास्पद हो रहा है। यह मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के समान है।"

संयोजक सुरेन्द्र चौधरी ने बताया कि पहले चरण में नर्सेज ने सभी चिकित्सालयों में 5 दिन काली पट्टी बांधकर आंदोलन किया था। अब दूसरे चरण में गेट मीटिंग्स का आयोजन किया जा रहा है। संघर्ष सहसंयोजक जगदीश जाट ने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है। उन्होंने कहा, "निविदा प्रथा से जनता को मिल रही सेवा की गुणवत्ता में कमी आएगी और स्थाई नर्सिंग के पदों की बजाय ठेके पर नर्सिंग वर्ग को खत्म किया जा रहा है।"

उपसंयोजक बसंत रॉयल ने भी अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "पूरे नर्सिंग वर्ग में रोष है। बड़े स्तर पर फर्मों द्वारा ज्वाइनिंग के लालच और बोनस अंक की चाहत में भ्रष्टाचार की खबरें सामने आ रही हैं। इसलिए जनहित में निविदा भर्ती को रद्द कर स्थाई पदों में परिवर्तन करने की मांग की जा रही है।"

गेट मीटिंग में कई अन्य वक्ताओं ने भी अपनी बात रखी, जिनमें श्री गोपाल व्यास, सीमा जोशी, राजेश विश्नोई, प्रेमलता चौधरी, शशी शर्मा, अन्जु अग्रवाल, नरेंद्र प्रजापत, प्रितम चौहान और घमंडाराम शामिल थे। सभी ने निविदा भर्ती से जनता को हो रहे नुकसान के बारे में चर्चा की।

नर्सिंग वर्ग ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे कार्य बहिष्कार, रैली और अन्य उग्र आंदोलनों का सहारा लेंगे।
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आंदोलन का दूसरा चरण शुरू, सैकड़ों नर्सेज ने की भागीदारी

स्थायी नर्सिंग पदों की बजाय ठेके पर भर्ती से नर्सिंग वर्ग को खतरा, आंदोलन उग्र करने का आह्वान

जोधपुर। महात्मा गांधी चिकित्सालय में मेडिकल कॉलेज द्वारा 302 पदों पर हो रही निविदा नर्सिंग भर्ती के विरोध में एक गेट मीटिंग का आयोजन हुआ। इस वार्ता में विजेंद्रसिंह मेड़तिया के नेतृत्व में सैकड़ों नर्सेज ने भाग लिया और अपना विरोध प्रकट किया।

संयोजक सुरेन्द्र चौधरी ने बताया कि इस आंदोलन का प्रथम चरण सफल रहा, जिसमें नर्सेज ने सभी चिकित्सालयों में 5 दिन तक काली पट्टी बांधकर कार्य किया। अब दूसरे चरण में गेट मीटिंग आयोजित की गई है। उनका कहना है कि अगर भविष्य में समय रहते उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन और ज्यादा उग्र रूप में समर्पित होगा। इसी संदर्भ में, उन्होंने कहा कि निविदा प्रथा से जनता को मिलने वाली नर्सिंग सेवा की गुणवत्ता में गिरावट आ रही है।

मेड़तिया ने अपनी बात में कहा कि पूरे नर्सिंग वर्ग में निविदा प्रथा को लेकर गहरा रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में फर्मों द्वारा ज्वाइनिंग के लालच में बेरोजगारों से 2 लाख रुपये तक की रिश्वत मांगी जा रही है। इस स्थिति को देखते हुए, उन्होंने जनहित में निविदा भर्ती रद्द करने और सीएसआर के पदों को स्थायी पदों में परिवर्तित करके स्थायी भर्ती करने की मांग की।

सह संयोजक बसंत रॉयल ने बताया कि अगले कदम के तौर पर सोमवार को मथुरादास माथुर चिकित्सालय में भी गेट मीटिंग आयोजित की जाएगी। समय पर कार्यवाही न होने पर आंदोलन के और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे, जैसे कार्य बहिष्कार और रैलियाँ इत्यादि।

गेट मीटिंग में महासचिव राजूसिंह राजपुरोहित, प्रेमलता चौधरी, सीमा जोशी, राजेश विश्नोई, जागदीश जाट, माधुरी पुरोहित, दीपिका सैन और गायत्री मेड़तिया जैसे कई वक्ताओं ने निविदा भर्ती से जनता को हो रहे नुकसान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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मुख्य सड़कें और गलियां गंदगी और बदबू से भरी
, स्थानीय लोग बीमारी की चपेट में

निवासियों ने जनप्रतिनिधियों से की शिकायत, लेकिन नहीं हुआ समस्या का समाधान 

जोधपुरकुड़ी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सेक्टर 1ए का हाल बेहाल है। यहाँ के निवासी गंदे पानी के कारण नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सीवेज का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जो स्वास्थ्य पर गहरा असर डाल रहा है।

आपसी बातचीत में स्थानीय निवासी बताते हैं कि मुख्य सड़क और कॉलोनी के अंदरूनी हिस्सों में सीवेज का गंदा पानी बहे जा रहा है, जिससे पूरा इलाका बदबू और गंदगी से सना हुआ है। सड़कों का उचित लेवल न होने के कारण सीवेज लाइनें बार-बार चोक हो जाती हैं, जिसका नतीजा यह होता है कि गंदा पानी घरों के बाहर जमा हो जाता है।

इस स्थिति के कारण खासकर बुजुर्ग और बच्चे बीमार हो रहे हैं। निवासियों का कहना है कि उन्हें बुखार, उल्टी और दस्त जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंदे पानी से उत्पन्न मच्छरों ने हालात को और भी खराब कर दिया है। ऐसी स्थिति में लोग अपने घरों में रहना भी पसंद नहीं कर पा रहे हैं।
निवासियों द्वारा जोधपुर दक्षिण नगर निगम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कई बार शिकायत की गई है, परंतु उनकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही। निवासियों की ओर से भोपाल सिंह, शैलेंद्र सिंह चौहान, भगवान राम चौधरी और अन्य ने बताया कि कई बार लिखित में शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन या तो शिकायतें अनसुनी रह गईं या फिर ठेकेदार ने बिना काम किए ही शिकायतें बंद कर दीं।

स्थानीय निवासियों ने अपने स्वास्थ्य और स्वच्छ जीवन के लिए जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की अपील की है। इस मुद्दे को लेकर भंवरलाल चौधरी, देवाराम, अनिल कुमार झा, राजाराम, विशाल पंवार, रेखा देवी, जयश्री, उषा कंवर, संध्यासिंह और गीता शर्मा सहित कई लोग विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए हैं।

अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है और निवासियों को कब तक इस समस्या से राहत मिलती है।
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जोधपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में नर्सेज ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए स्थायी भर्ती की मांग

संघर्ष समिति ने कहा, "भर्ती रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा," आम लोगों का भी मिल रहा है समर्थन

जोधपुरराजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जोधपुर शहर के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया के नेतृत्व में 302 निविदा नर्सिंग कर्मियों की भर्ती के खिलाफ आंदोलन का दूसरा दिन भी जारी रहा। मेडिकल कॉलेज जोधपुर के अधीन सभी अस्पतालों की नर्सों ने काली पट्टी बांधकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और प्रदर्शन करते हुए काम किया।

संघर्ष समिति के संयोजक सुरेन्द्र चौधरी ने बताया कि सभी अस्पतालों में प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार किया जा रहा है। महात्मा गांधी अस्पताल, मथुरादास माथुर अस्पताल, उम्मेद अस्पताल, कमला नेहरू अस्पताल और अन्य जगहों पर नर्सेज ने एकजुट होकर इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

सह संयोजक जगदीश जाट ने कहा कि निविदा भर्ती के मुद्दे पर उनका आंदोलन धरातल पर और मजबूत होगा। काली पट्टी के साथ गेट मीटिंग, रैली और धरने के साथ सरकारी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। उप संयोजक बसंत रॉयल ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह प्रकरण प्राचार्य के संज्ञान में आने के बाद निविदा भर्ती को रद्द किया जाना चाहिए, अन्यथा महाविद्यालय की छवि को नुकसान होगा।

अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया ने दावा किया कि पेरामेडिकल संगठन भी इस आंदोलन में अपना योगदान दे रहा है और उन्होंने सरकार से स्थायी भर्ती की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक होता है तो एक दिवसीय सामूहिक अवकाश भी लिया जा सकता है।

नर्सेज का मानना है कि इस निविदा भर्ती के जरिए धीरे-धीरे स्थायी पदों को समाप्त किया जा रहा है और निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। नर्सेज का यह आंदोलन सामूहिक एकता और स्थायी भर्ती की आवश्यकता को उजागर करता है।
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302 नर्सिंगकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर जताया विरोध, गांधीवादी तरीके से शुरू हुआ आंदोलन

राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने की स्थाई भर्ती की मांग, पेरामेडिकल संगठन भी शामिल

जोधपुर राजस्थान में नर्सिंग अधिकारियों ने निविदा भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ अपना पहला चरण शुरू कर दिया है। राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जोधपुर के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया के नेतृत्व में 302 निविदा नर्सिंग कर्मियों की भर्ती के विरोध में आज से काली पट्टी बांधकर काम करने का निर्णय लिया गया है। यह आंदोलन गांधीवादी तरीके से किया जा रहा है।
संघर्ष समिति के संयोजक सुरेन्द्र चौधरी के निर्देश पर, विभिन्न चिकित्सालयों में नर्सिंग कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। महात्मा गांधी अस्पताल में राजू सिंह, मथुरादास माथुर अस्पताल में श्रीगोपाल व्यास, उम्मेद अस्पताल में गजेन्द्र शेखावत, और कमला नेहरू अस्पताल में जीतेन्द्र बड़वाल के नेतृत्व में यह आंदोलन चल रहा है। अगले चार-पांच दिन तक इसी तरह काली पट्टी बांधकर विरोध जारी रहेगा।

सह संयोजक जगदीश जाट ने बताया कि निविदा भर्ती प्रक्रिया में न तो पारदर्शी चयन है, न कोई नियम और न ही कोई ऑनलाइन प्रक्रिया। हजारों लोगों ने फॉर्म भरे हैं, लेकिन किसी को रसीद या नंबर नहीं दिया गया। चर्चा है कि विभिन्न फर्मों द्वारा बैक डोर एंट्री और लेन-देन के माध्यम से भर्ती की जा रही है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को मिलने की संभावना कम हो रही है।
उप संयोजक बसंत रॉयल ने कहा कि निविदा भर्ती के माध्यम से धीरे-धीरे स्थाई पदों को खत्म किया जा रहा है और निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। पेरामेडिकल संगठन ने भी इस आंदोलन में भाग लेकर सरकार से मांग की है कि इस भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर स्थाई भर्ती की जाए।

राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जोधपुर शहर के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया ने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं।
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राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन ने जोधपुर मेडिकल कॉलेज में सैंकड़ों नर्सेज के साथ किया विरोध प्रदर्शन

अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया ने बताया, "निविदा प्रथा नर्सिंग संवर्ग को खत्म करने की पहली कड़ी"

जोधपुर राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के जोधपुर शहर अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया के नेतृत्व में सैंकड़ों महिला और पुरुष नर्सेज ने मेडिकल कॉलेज में निविदा नर्सिंग भर्ती के विरोध में प्रदर्शन किया। नर्सेज ने 302 नर्सिंग अधिकारियों की नियुक्ति के खिलाफ आवाज उठाते हुए भर्ती निरस्त करने की मांग की। इस दौरान, नर्सेज ने तख्तियों और बैनर के साथ अपने विरोध का प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान विजयेंद्र सिंह मेड़तिया ने कहा, "हमारा मानना है कि निविदा प्रथा नर्सिंग संवर्ग के लिए एक खतरे के तौर पर है। इससे न केवल बेरोजगार युवाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, बल्कि ठेकेदारों द्वारा बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार करने का प्रयास भी किया जा रहा है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई ठेकेदार अपने अनुबंधों का पालन नहीं कर रहे हैं और बैक डोर एंट्री के द्वारा लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

मेड़तिया ने नर्सेज के आर्थिक शोषण की बात करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन द्वारा केवल 13000 रुपये का वेतन देकर नर्सेज का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कई फर्में नियमों का उल्लंघन कर रही हैं और कई जगहों पर ये फर्में डिफॉल्टर या ब्लैक लिस्टेड हो चुकी हैं।

प्रदर्शन के दौरान, जोधपुर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. बी.एस. जोधा ने ज्ञापन लेकर नर्सेज को आश्वासन दिया कि वे जयपुर को एक चिट्ठी लिखेंगे और टेंडर प्रक्रिया को एक माह के लिए रोकने पर सहमत हुए हैं।

इस दौरान कई प्रबुद्ध वक्ताओं ने भी नर्सेज के मुद्दों के समर्थन में अपनी बात रखी, जिनमें संरक्षक पीयूष ज्ञानी, पूर्व अध्यक्ष जगदीश जाट, महासचिव राजूसिंह राजपुरोहित समेत कई अन्य सदस्य शामिल रहे।

भर्ती पूरी तरह से रद्द नहीं करने पर संगठन ने आगे के आंदोलन की चेतावनी दी है और अगले दो दिनों के रूपरेखा बनाने हेतु प्रस्ताव पास किया है।
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लंपी महामारी से बचाव हेतु जड़ी-बूटियों से बने लड्डू का वितरण

पुजारी हरिभाई गोस्वामी ने साझा की सफलता की कहानी, 45000 पैकेट पहले भी किए थे वितरित

जोधपुर। गौवंश को लंपी महामारी से बचाने के लिए रातानाडा स्थित श्रीकृष्ण मंदिर में पुजारी हरिभाई गोस्वामी द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए गोपाल भोग लड्डू के 1500 पैकेट तैयार किए गए हैं। इन लड्डुओं में हल्दी, अजवाइन, कालीमिर्च, तुलसी, गिलोय पाउडर, गुड़, मेथी, वायविडग, दशमूल व संजीवनी बूटी जैसी जड़ी-बूटियों का मिश्रण शामिल है, जो गौमाता की इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक माने जाते हैं।

पुजारी हरिभाई ने बताया कि जब पहली बार लंपी बीमारी आई थी, तब इन लड्डुओं ने बहुत अच्छा काम किया था। उन्होंने तब 45000 पैकेट बनाकर विभिन्न गोशालाओं और गोपालों के घरों में वितरित किए थे। इस बार भी उनकी योजना 20 हजार लड्डू तैयार कर वितरण करने की है।

इस महत्वपूर्ण कार्य में मंदिर के इंद्रसिंह सांखला, शारदा चौधरी, ललित गेहलोत, राजेंद्र सोलंकी, सागर सिंह कच्छवाह, महेंद्र सोलंकी, विष्णु राठी, वीरेंद्र देवड़ा, सवाई राम चौधरी और विक्रम गुर्जर सहित महिला मंडली का विशेष सहयोग रहा है।

गौवंश की सुरक्षा और स्वास्थ्य के प्रति इस तरह की पहल न केवल समाज में जागरूकता फैलाती है, बल्कि गौमाता के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाती है।
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चांदपोल के बाहर गायों के गौर में ठेकेदारों की लापरवाही से जाम हुआ रास्ता, बीमारियों का बढ़ा खतरा

नगर निगम की अनदेखी से नागरिकों का जीवन हुआ कठिन, जल्द ही सड़कों को जाम करने की योजना

जोधपुर अमृत मिशन 2.0 के तहत वार्ड नंबर 19, चांदपोल क्षेत्र में जारी निर्माण कार्य ने स्थानीय निवासियों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। यहां, गायों के गौर के पास दो गलियों की सड़क का काम आधा छोड़कर ठेकेदार, कर्मचारी और मजदूर सभी यहां से चले गए हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि रास्ते के बीच में एक सीवरेज ढक्कन को हटाकर पूरा खोद दिया गया है, जिससे दिनभर गंदा पानी जमा रहता है। इस समस्या को और बढ़ाते हुए, अमृत मिशन 2.0 के तहत लगाए गए बेरिकेट्स ने स्थिति को और भी खराब कर दिया है। दूसरी तरफ कंक्रीट और मिट्टी डालने से रास्ता पूरी तरह जाम हो चुका है, जिससे आने-जाने के सारे रास्ते बंद हो गए हैं।

स्थानीय निवासी पिछले दो महीनों से इस समस्या का सामना कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम वार्ड कर्मचारी द्वारा किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। सीवरेज के ढक्कन सही से न लगे होने के कारण गंदा पानी सड़क पर जमा रहता है, जिससे बच्चे घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। मच्छरों की बढ़ती संख्या ने बीमारियों का खतरा और भी बढ़ा दिया है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि 2 फरवरी को अमृत योजना के तहत सिविल लाइन डालने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 8 महीने बीत जाने के बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। इससे मौहल्लेवासियों में भारी आक्रोश है और वे अब मुख्य मेहरानगढ़ जाने वाली सड़क को जाम करने की योजना बना रहे हैं।

स्थानीय निवासी राधेश्याम ने कहा, "सरकार अमृत योजना चला रही है, लेकिन दूसरी ओर बीमारियों का फैलना प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। हमें अपने बच्चों की चिंता है।"

मौजूदा स्थिति को लेकर स्थानीय निवासियों ने नगर निगम और प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान किया जाए, ताकि उनकी दिनचर्या सामान्य हो सके।
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जोधपुर में नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन और श्री राम हॉस्पिटल के सहयोग से स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाने पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी

मण्डल रेल प्रबंधक ने कर्मचारियों को स्वास्थ्य की अहमियत समझाई, आवास सुधार का दिया आश्वासन

जोधपुर नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे एम्प्लॉइज यूनियन और श्री राम हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वाधान में यूनियन मण्डल कार्यालय में निशुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य रेल कर्मचारियों और उनके परिवारजनों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के दीप प्रज्वलन, माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मण्डल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी, वरिष्ठ मण्डल चिकित्सा अधिकारी सीताराम बुनकर, वरिष्ठ मण्डल कार्मिक अधिकारी अभिषेक गांधी, वरिष्ठ मण्डल इंजीनियर (समन्वय) मनोहर सिंह और राम हॉस्पिटल के ओनर सुनील चांडक उपस्थित थे। सभी अतिथियों का स्वागत मण्डल पदाधिकारियों द्वारा माला और साफा पहनाकर किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मण्डल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने कर्मचारियों से कहा कि वे अपने कार्य को पूरी ईमानदारी और निष्ठा से करें। उन्होंने रेलवे कॉलोनियों की जर्जर अवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें बेहतर बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी और आश्वासन दिया कि इसे वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से अपडेट कर दिया जाएगा।

मण्डल सचिव मनोज कुमार परिहार ने सभी कर्मचारियों को सलाह दी कि वे हेल्थ चेकअप कैम्प का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और साल में कम से कम दो बार अपनी स्वास्थ्य जांच करवाएं।

कैम्प का उद्घाटन मण्डल रेल प्रबंधक और प्रशासन की टीम द्वारा हेल्थ चैकअप करवाने से हुआ, जिसके बाद सभी रेल कर्मचारी, उनके परिवार और सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त कर निशुल्क सेवाओं का लाभ उठाया।

इस शिविर में हृदय रोग विशेषज्ञ, सीनियर फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग विशेषज्ञ, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ, और जनरल सर्जरी विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं प्रदान की। लगभग 280 रेल कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने इस शिविर में भाग लिया और स्वास्थ्य जांच करवाई।

मण्डल अध्यक्ष महेन्द्र व्यास ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि संगठन हमेशा अपने कर्मचारियों के प्रति सजग रहा है और उनके लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता रहता है।

कार्यक्रम का संचालन परमानन्द गुर्जर द्वारा किया गया। इस अवसर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया, जिनमें संजय मीना, सुनील टाक, बन्ने सिंह पंवार, जसबीर सिंह चौधरी, और अन्य शामिल थे।
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‘रक्तदान महादान’ की भावना के साथ छात्रों और फैकल्टीज ने किया 100 यूनिट रक्तदान

प्राचार्य मुकेश तेतरवाल ने रक्तदाताओं का किया आभार व्यक्त

जोधपुरराजकीय नर्सिंग महाविद्यालय जोधपुर में रविवार को स्थापना दिवस के पूर्व दिवस पर एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ‘रक्तदान महादान’ की भावना को साकार करना था, जिसमें महाविद्यालय के फैकल्टीज और छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए प्राचार्य मुकेश तेतरवाल ने बताया कि इस शिविर में कुल मिलाकर करीब 100 यूनिट रक्तदान किया गया। प्राचार्य के साथ-साथ अन्नम्मा सूमोन, सुरेंद्र चौधरी, अनिल मीना और अन्य रक्तदाताओं ने इस पुनीत कार्य में योगदान दिया।

रक्तदान शिविर में कई प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. बी. एस. जोधा, प्राचार्य एसएन मेडिकल कॉलेज, विजय शर्मा, प्राचार्य जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र, विभिन्न अस्पतालों के नर्सिंग अधिकारी और राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन के संरक्षक पीयूष ज्ञानी, अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया, जगदीश जाट, जितेंद्र बङवाल और राजेश बिश्नोई शामिल थे। इन सभी ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और शिविर की सफलता में योगदान दिया।

रक्त संग्रहण का कार्य मथुरा दास माथुर अस्पताल की टीम ने चिकित्सा अधिकारी डॉ. नीतीशा और लैब टेक्नीशियन जगदीश चौधरी के नेतृत्व में संपन्न किया। शिविर के दौरान रक्तदाताओं को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की गईं और उनके स्वास्थ्य की जांच भी की गई।

प्राचार्य मुकेश तेतरवाल ने सभी रक्तदाताओं और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में जागरूकता फैलाने और जरूरतमंदों की मदद करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे आगे भी रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों में भाग लें।
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चांदपोल क्षेत्र में सिवरेज का ढकन सही न लगाने से गंदा पानी सड़कों पर, बीमारियों का खतरा बढ़ा

पार्षद और प्रशासन की चुप्पी से बढ़ रहा है आक्रोश, नागरिकों की सुरक्षा को खतरा

जोधपुर अमृत मिशन 2.0 के तहत वार्ड नंबर 19, चांदपोल क्षेत्र में जारी विकास कार्यों की स्थिति बेहद गंभीर है। यहां के निवासियों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदारों, मजदूरों और पार्षदों की मिलीभगत से सड़कों का काम आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। दो महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद इस मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिवरेज के ढकन सही से नहीं लगे होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। इस समस्या के चलते दो बुजुर्ग महिलाएं भी फिसलकर गिर गई हैं। महिलाओं, बुजुर्गों ओर बच्चों को घर से बाहर निकलने में दिक्कत हो रही है, मच्छरों की अपार संख्या ने बीमारियों का खतरा बढ़ा दिया है।

एक ओर जहां सरकार अमृत योजना के तहत विकास कार्यों का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में बीमारियों का फैलना प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है।क्षेत्र के निवासियों ने बताया कि फरवरी 2 तारीख 2025 को अमृत योजना के तहत सिविल लाइन डालने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन सात महीने बीत जाने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हुआ है।

स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय पार्षद और प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं। तस्वीरों में साफ नजर आ रहा है कि आमजन किस तरह गंदगी और बीमारियों के बीच जूझ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जाए और उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
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188 युवाओं ने किया रक्तदान, समाजसेवियों और अतिथियों ने बढ़ाया हौंसला

रक्तदान को बताया सबसे बड़ा दान, महंत रामप्रसाद ने किया प्रेरित

जोधपुर श्री बड़ा रामद्वारा सूरसागर के महंत राम प्रसाद  महाराज के 54 वें जन्मोत्सव पर श्री रामदेव ग्रुप एवं फ्यूचर किड्स एकेडमी द्वारा फ्यूचर किड्स एकेडमी स्कूल कालीबेरी प्रांगण में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में समाज के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मानवता की सेवा में अपना योगदान दिया।

संस्थान के अध्यक्ष कुलदीप सोलंकी और रामकिशोर देवड़ा ने बताया कि इस रक्तदान शिविर में संतों के सानिध्य में करीब 188 युवाओं ने रक्तदान किया। गोविंद सैन ने इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया, जिनमें पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह सोलंकी, नरेन्द्रसिंह कच्छवाह, समाजसेवी विनोद सिंघवी, प्रमोद कुमार, आदर्श शर्मा, गौरव जैन, दीपक सोनी, ठेकेदार छगनीराम गहलोत, विशनाराम देवड़ा, राजेश जाखड़, स्वरुप राम देवङा, मुन्नी देवी गोदारा, दिलीप, कुलदीप, जितेन्द्र गहलोत, जगदीश, आनंद सिह गहलोत, संदीप भाटी और दुर्गाराम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।

महंत रामप्रसाद महाराज ने इस अवसर पर कहा, “रक्तदान सबसे बड़ा दान है। एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। सभी को आगे आकर इस पुनीत कार्य में भाग लेना चाहिए।” उनके इस प्रेरणादायक संदेश ने उपस्थित सभी लोगों को रक्तदान के महत्व को समझाया और सभी को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस रक्तदान शिविर का आयोजन न केवल रक्त की कमी को पूरा करने के लिए किया गया था, बल्कि यह समाज में जागरूकता फैलाने का भी एक प्रयास था। रक्तदाताओं की संख्या देखकर यह स्पष्ट होता है कि युवा पीढ़ी मानवता की सेवा के लिए हमेशा तत्पर है।

इस प्रकार, जोधपुर में आयोजित यह रक्तदान शिविर न केवल महंत रामप्रसाद महाराज के जन्मोत्सव का हिस्सा बना, बल्कि यह समाज में एकता और मानवता की सेवा का संदेश भी फैलाने में सफल रहा।

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30 और 31 अगस्त 2025 को आयोजित होने वाले महोत्सव में विभिन्न कार्यक्रमों के लिए जारी हुए निर्देश और जिम्मेदारियाँ

नैत्र जांच शिविर, भजन संध्या, रक्तदान शिविर और विश्व शांति यज्ञ सहित कई आयोजन

जोधपुर दाधीच समाज सेवा समिति जोधपुर संभाग के अध्यक्ष पवन आसोपा ने महर्षि दघिची जयन्ती महोत्सव की तैयारियों को लेकर विभिन्न कमेटियों का गठन किया है। यह महोत्सव 30 और 31 अगस्त को आयोजित होगा, जिसमें कई सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम शामिल है।

30 अगस्त को प्रातः नैत्र जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राकेश दाधीच द्वारा शिविर का संचालन किया जाएगा। इसके बाद, शाम को एक भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें दाधीच समाज के भजन सम्राट अजुर्न दाधीच के अलावा अन्य कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

31 अगस्त को प्रातः महर्षि दघिची का रुद्राभिषेक फलोदी के पंडितों द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही, महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली जाएगी।

महिला कार्यक्रमों की जिम्मेदारी महिला अध्यक्ष सरिता शर्मा, प्रेरणा त्रिवेदी, रेखा दाधीच, पूजा दाधीच, मनिता दाधीच, दिपाली दाधीच, सिमा दाधीच, शीला आसोपा और संतोष करेशिया को दी गई है।

इस महोत्सव की व्यवस्था को लेकर गठित की गई कमेटियों में अमृत लाल नादणी, राम जीवन दाधीच, दुर्गाप्रसाद लाम्बा, पं अशोक दाधीच, बंशीलाल दाधीच, पप्पसा रणसी, हरि प्रसाद खारडा, और अन्य सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा, दाधीच मेडिकल सोसायटी द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा और वाहन रैली भी निकाली जाएगी, जिससे समाज के सदस्यों को एकजुट किया जा सके।

इस महोत्सव के माध्यम से दाधीच समाज की धरोहर और संस्कृति को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा, और समाज के सभी सदस्यों को इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

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1200 प्रतिभागियों ने साइकिल चलाकर दिया स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

राजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र जोधपुर और जिला जोधपुर ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में हुआ आयोजन, मॉर्निंग योगा, जुम्बा और रोप स्किपिंग भी आयोजित

पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण ने हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली का किया शुभारंभ, पीटीएस जोधपुर से मंडोर तक निकाली गई रैली

जोधपुरराजस्थान पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र जोधपुर, पुलिस ट्रेनिंग स्कूल जोधपुर, पुलिस कमांडो ट्रेनिंग स्कूल जोधपुर, प्रथम आरएसी जोधपुर एवं जिला जोधपुर ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को 'संडेज ऑन साईकल अभियान' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

खेल एवं युवा मंत्रालय के फिट इंडिया मूवमेंट के अंतर्गत स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, जोधपुर शाखा के सहयोग से आरपीटीसी, जोधपुर ग्राउंड में आयोजित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और शहरवासियों को साइकिल चलाने के लिए प्रेरित करना था। इसके अंतर्गत रविवार सुबह 6 बजे से मॉर्निंग योगा, जुम्बा, रोप स्किपिंग तथा साइक्लिंग सेशन का आयोजन किया गया।

आयोजन के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण नारायण टोगस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण भोपाल सिंह लखावत एवं कमाण्डेन्ट पीटीएस जोधपुर रविराज सिंह ने प्रातः 7:15 बजे हरी झंडी दिखाकर साइकिल रैली का शुभारंभ किया। यह रैली पीटीएस जोधपुर से प्रारंभ होकर मंडोर होते हुए पुनः पीटीएस जोधपुर में संपन्न हुई।

इस अवसर पर उप अधीक्षक पुलिस, प्रथम आरएसी जोधपुर बुधाराम, कमाण्डेन्ट पीसीटीएस जोधपुर किशन सिंह, उप अधीक्षक पुलिस आरपीटीसी जोधपुर जेठाराम, उप अधीक्षक पुलिस पीटीएस जोधपुर भंवर सिंह, निरीक्षक पुलिस पीटीएस जोधपुर चक्रवर्ती सिंह एवं निरीक्षक पुलिस आरपीटीसी जोधपुर पंकज राज माथुर भी उपस्थित रहे तथा विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।

इस आयोजन में आरपीटीसी जोधपुर, पीटीएस जोधपुर, पीसीटीएस जोधपुर, प्रथम आरएसी जोधपुर तथा जिला जोधपुर ग्रामीण से कुल 1200 प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।