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लूनी क्षेत्र की महिला कलाकार ने 5 फीट ऊँची और 4 फीट चौड़ी कलाकृति से किया प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित

गाँव सरेचा की गीता देवी की कला ने ग्रामीण भारत में पेश की समर्पण और सृजनशीलता की नई मिसाल 

जोधपुरजिले की लूनी तहसील के गाँव सरेचा की निवासी गीता देवी ने अपनी अद्वितीय कला और समर्पण का एक अनोखा उदाहरण पेश किया है। गीता देवी पत्नी भंवरलाल पटेल ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूती धागों से बनी एक शानदार तस्वीर तैयार की है। यह तस्वीर लगभग पाँच फीट ऊँची और चार फीट चौड़ी है और पूरी तरह हाथों से बुनाई द्वारा बनाई गई है।

गीता देवी की इस कलाकृति ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है। यह तस्वीर न केवल एक कला का नमूना है, बल्कि यह ग्रामीण भारत में प्रधानमंत्री मोदी के प्रति श्रद्धा और प्रेरणा का प्रतीक भी बन गई है। गीता देवी ने अपनी मेहनत और सृजनशीलता के माध्यम से यह साबित कर दिया है कि कला किसी भी स्थान पर जन्म ले सकती है, चाहे वह ग्रामीण क्षेत्र ही क्यों न हो।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि गीता देवी की यह अनोखी कलाकृति उनकी प्रतिभा और मेहनत का प्रमाण है। उनके काम को देखकर अन्य ग्रामीण महिलाएँ भी प्रेरित हो रही हैं और अपने हुनर को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित हो रही हैं।

गीता देवी ने कहा, "मैंने यह तस्वीर प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करने के लिए बनाई है। मैं चाहती हूँ कि यह कलाकृति लोगों को प्रेरित करे और हमारे गाँव का नाम रोशन करे।"

इस प्रकार, गीता देवी ने न केवल अपनी कला के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी को सम्मानित किया है, बल्कि उन्होंने अपने गाँव और समुदाय को भी गर्वित किया है।
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गवर माता की भव्य शोभायात्रा ने जोधपुर को किया मस्ती से सराबोर

पुष्पा-2 से लेकर लव जिहाद तक, झांकियों ने खींचा सबका ध्यान

जोधपुरशहर चैत्र शुक्ल तृतीया गणगौर तीज के पश्चात् पीहर प्रवास से लौटी गवर माता की भोळावणी का सोमवार को भव्य आयोजन हुआ। सौभाग्य, सुहाग और सौहार्द के प्रतीक इस पर्व में शहरवासियों का उत्साह देखते ही बनता था। शाम को सजे-धजे शहर में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें गवर प्रतिमाओं को जल अर्पण करने के बाद विदाई दी गई।

लगभग 50 से अधिक धार्मिक-सांस्कृतिक और समसामयिक घटनाओं पर आधारित झांकियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। गवर माता के पारंपरिक गीतों की गूँज से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। फगड़ा-घुड़ला कमेटी, सिटी पुलिस, खाण्डा फलसा गणगौर मेला समिति और आड़ा बाजार कुम्हारियां कुआं गणगौर कमेटी ने अलग-अलग स्थानों से आकर्षक झांकी वाली शोभायात्राएँ निकालीं। कमेटी के सदस्य पारंपरिक श्लोक गाते हुए चल रहे थे।

ओलंपिक रोड से फगड़ा-घुड़ला मेला भी निकाला गया। कमेटी के अध्यक्ष चंद्रमोहन गांधी और सचिव प्रीतम शर्मा ने बताया कि पुरुषों ने महिला वेश धारण कर, सिर पर घुड़ला रखकर, गहनों से लदकर शोभायात्रा में भाग लिया।

खाण्डा फलसा गणगौर मेला समिति की शोभायात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पालीवाल और महापौर कुंती देवड़ा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह शोभायात्रा सिरे बाजार होते हुए घंटाघर पहुँची जहाँ जलपान कर विश्राम हुआ। शोभायात्रा के अंतिम छोर पर 18 फुट की ट्रॉली में गवर माता ईसरजी के साथ राधा-कृष्ण की झांकी विराजमान थी।

आकर्षक झांकियाँ:

शोभायात्रा में कई आकर्षक झांकियाँ शामिल थीं, जिनमें नौपत, घोड़े, 21 ट्रैक्टर ट्रॉली, विशेष ठाकुरजी की पैदल झांकी, रिल हीरो "पुष्पा 2" की झांकी (जिसमें बॉम्बे से आई मोना डांसर ने शहरवासियों को अपने नृत्य से मंत्रमुग्ध कर दिया), खाटू श्याम जी की झांकी, छप्पन भोग की झांकी, मसानी माता महादेव की धार्मिक झांकियाँ और बॉलीवुड नृत्य पर आधारित झांकियाँ शामिल थीं। सामाजिक जागरूकता फैलाते हुए "लव जिहाद" पर आधारित झांकी भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।

सोने से लदे फगड़ा:

सिटी पुलिस फगड़ा-घुड़ला कमेटी की ओर से फगड़ा बने माधव सोनी ने लगभग ढाई किलो सोने के आभूषण पहने हुए थे। वहीं, खाण्डा फलसा गणगौर समिति की ओर से मूक-बधिर संघ के सदस्य महेश बोराणा ने महिला वेश में 40 तोला सोने के आभूषण और 8 किलो की सुहाग पोशाक पहनी थी। भवानी कच्छवाहा ने भी महिला का स्वांग रचा।

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भूतनाथ में निःशुल्क साफ़ा प्रशिक्षण शिविर का हुआ समापन, युवाओं में दिखा खासा उत्साह

जस्टिस व्यास ने भी सीखा साफ़ा बांधना

जोधपुरजोधपुरी साफ़ा, राजस्थान की संस्कृति और गौरव का प्रतीक है। यह केवल एक वस्त्र नहीं, अपितु शौर्य और परंपरा का प्रतीक है। यह बात राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और राज्य मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष, जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने कही। उन्होंने भूतनाथ मंदिर के पार्क में पुष्करणा सृजन सोसायटी और पुष्करणा चिंतन द्वारा आयोजित चार दिवसीय निःशुल्क साफ़ा प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में अपने विचार व्यक्त किए।

जस्टिस व्यास ने कहा, "आज के दौर में, पाश्चात्य संस्कृति और सोशल मीडिया के प्रभाव से हमारी संस्कृति और परंपराएँ धीरे-धीरे कमज़ोर हो रही हैं। युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़े रखना बेहद ज़रूरी है और साफ़ा बांधना इस दिशा में एक छोटा सा, लेकिन महत्वपूर्ण कदम है।" उन्होंने पुष्करणा सृजन सोसायटी के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिकता के इस दौर में संस्कृति को जीवित रखने के उनके प्रयास सराहनीय हैं।

शिविर संयोजक सोमदत्त हर्ष ने बताया कि भारतीय नववर्ष के उपलक्ष में आयोजित इस शिविर में युवाओं और बुज़ुर्गों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में ख्यातनाम साफ़ा प्रशिक्षक मनोज बोहरा और उनकी टीम ने जोधपुरी पेच सहित कई तरह के साफ़े बांधने की कला सिखाई। बोहरा ने बताया कि वे वर्षों से यह प्रशिक्षण दे रहे हैं और हज़ारों लोगों को साफ़ा बांधना सिखा चुके हैं। उन्होंने कहा कि साफ़ा बांधना-सीखना बहुत आसान है, बस दो मिनट में पेच समझ आ जाता है, बाकी अभ्यास से ही परिपूर्णता आती है।

साफ़ा प्रशिक्षक बोहरा ने साफ़े के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा, "साफ़ा राजस्थान की आन, बान और शान का प्रतीक है।  जोधपुर के हर व्यक्ति को यह कला आनी चाहिए।"

समापन समारोह में सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय के पूर्व उपनिदेशक आनंदराज व्यास, इतिहासकार प्रो. जहूर खां मेहर, दुर्गादास राठौड़ स्मृति समिति के सचिव भागीरथ वैष्णव, डॉ. संजय कृष्ण व्यास, मारवाड़ सोशल मीडिया सहयोग संस्थान के सचिव आनंद जोशी, जोधपुर फ़ोटोग्राफ़र एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण सांखला, रामजी व्यास, प्रवीण मेहड़ सहित भूतनाथ मित्रमंडल के वरिष्ठ जन उपस्थित थे। शिविर में राज कुमार वर्मा, रमेश सिसोदिया, राहुल बोड़ा, अनिल बोहरा और मनीष जोशी ने भी सहयोग किया।

जस्टिस व्यास का अनुभव:

ख़ास बात यह रही कि राजस्थान मानवाधिकार आयोग के पूर्व अध्यक्ष जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास स्वयं भी इस शिविर में पहुँचे और जोधपुरी साफ़ा बांधना सीखा। उन्होंने कहा कि वह अपने आप को रोक नहीं पाए और इस उम्र में भी साफ़ा बांधना सीखने आ गए। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में साफ़ा बांधना सीखें और अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाएँ। उन्होंने केसरिया बालम गीत भी गाया और साफ़े के महत्व पर प्रकाश डाला।

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दस राज्यों के 700 से अधिक कलाकार देंगे अपनी प्रस्तुतियाँ, प्रवेश निःशुल्क

जयनारायण व्यास स्मृति भवन (टाउन हॉल) में होगा भव्य आयोजन

जोधपुरराजस्थान संगीत नाटक अकादमी द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तरीय लोकानुरंजन मेला इस वर्ष 23 से 25 मार्च 2025 तक जोधपुर के जय नारायण व्यास स्मृति भवन (टाउन हॉल) में आयोजित किया जाएगा। अकादमी सचिव अजीत सिंह राजावत ने बताया कि इस तीन दिवसीय मेले में देश के दस राज्यों के लगभग 700 कलाकार अपनी विविध और मनमोहक लोक कलाओं का प्रदर्शन करेंगे। यह आयोजन पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (उदयपुर), उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (प्रयागराज), उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (पटियाला), चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी, चंडीगढ़ और हरियाणा कला परिषद, कुरुक्षेत्र के सहयोग से किया जा रहा है।

दो चरणों में होगा आयोजन:

राजावत ने बताया कि मेला दो चरणों में आयोजित होगा। पहले चरण में, 23 मार्च 2025 को शाम 6:00 बजे, टाउन हॉल के खुले प्रांगण में राजस्थान की विभिन्न लोक कलाओं का प्रदर्शन होगा। इसमें लंगा सिम्फ़नी, जेपूखा लंगा, तेरहताल लीलादेवी, पारदला, कालबेलिया नृत्य, जोधपुर चकरी नृत्य, चाचौडा रिंग भवाई, अलवर शहरिया नृत्य, शाहबाद कठपुतली, बम्ब नृत्य, नगाडा वादन, शहनाई वादन, भंपग वादन, तीन ढोल थाली बांकिया, कच्ची धोडी, लाल आंगी गैर, डांडिया नृत्य, बिजली करतब, धौलपुर जादूगर, टोंक बहुरूपिया और बादी कुई नृत्य जैसे अनेक आकर्षक कार्यक्रम शामिल होंगे।

दूसरे चरण में, 24 और 25 मार्च 2025 को टाउन हॉल के प्रेक्षागृह में राजस्थान के साथ-साथ अन्य राज्यों की लोक कलाओं का प्रदर्शन होगा। पंजाब का भांगड़ा और गिद्दा, हरियाणा का घूमर और फाग, गुजरात का सिद्धी धमाल, गरबा रास, डांग नृत्य, महाराष्ट्र की लावणी और सौंगी मुखटे नृत्य जैसे कार्यक्रम दर्शकों का मन मोहेंगे। राजस्थान के कलाकार लंगा, मागणियार गायन, मयूर और दीपक नृत्य, चकरी नृत्य, भपंग वादन, कालबेलिया नृत्य, अलगोजा वादन और चरी नृत्य जैसे कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। इस आयोजन में प्रवेश पूरी तरह से निःशुल्क होगा।
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कुड़ी भगतासनी में पारंपरिक ढूंढ उत्सव का आयोजन, बच्चों की सुख-समृद्धि की कामना

पार्क विकास हेतु समिति को मिली जनसहयोग से प्राप्त धनराशि

जोधपुरशहर के कुड़ी भगतासनी हाऊसिंग बोर्ड के सेक्टर 6 स्थित एचक्यू पार्क विकास समिति द्वारा एक अनोखा और रमणीय दृश्य देखने को मिला। प्राचीन ढूंढ परंपरा के अनुसार, "ढूंढ ढूंढ कर मारू ढूंढा, टाबरियों ने छोड़ दे ढूंढा.." के स्वरों के साथ एक भव्य ढूंढोत्सव का आयोजन किया गया। इस परंपरा में नवजात शिशुओं की ढूंढ उतारकर उनकी बुरी नज़रों से रक्षा की जाती है और उनके दीर्घायु, सुख-समृद्धि और स्वस्थ जीवन की कामना की जाती है।

एचक्यू पार्क विकास समिति के अध्यक्ष, शंकरलाल जांगिड़ ने बताया कि इस ढूंढोत्सव में चंग की थाप के साथ लोकप्रिय होरी गायक पंकज जांगिड़ और उनके सहयोगियों ने शानदार होरिया गाई और घर-घर जाकर नवजात शिशुओं के लिए ढूंढ की। इस दौरान लोगों द्वारा भेंट की गई धनराशि को पार्क के विकास कार्यों के लिए समिति को सौंपा गया। यह धनराशि पार्क में  सुधार कार्य, हरी-भरी वनस्पतियों के रोपण तथा अन्य विकास कार्यों में लगाई जाएगी।

जांगिड़ ने क्षेत्रवासियों के सहयोग और उत्साह के लिए आभार व्यक्त किया और इस परंपरा को जीवित रखने के लिए सभी का धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि यह आयोजन न केवल परंपरा का निर्वाह करता है, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव को भी बढ़ावा देता है।

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आस्था वृद्धाश्रम के बुजुर्गों के साथ मनाया होली का त्योहार, जिला कलेक्टर और पूर्व न्यायाधीश रहे शामिल

राजस्थानी लोक कलाकारों ने दीं मनमोहक प्रस्तुतियाँ, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी की सराहना।

मारवाड़ प्रेस क्लब के प्रयासों को बताया प्रेरणादायी, बुजुर्गों को दी शुभकामनाएँ

पत्रकारों, जनप्रतिनिधियों और लोक कलाकारों ने मिलकर मनाया होली पर्व

जोधपुरशहर में मारवाड़ प्रेस क्लब ने एक अनूठी पहल करते हुए होली का त्योहार बेहद ही खास अंदाज में मनाया। पत्रकारों ने पाल रोड, खेमे के कुआं स्थित आस्था वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों की सेवा करते हुए उनके साथ होली का पर्व मनाया। यह आयोजन आस्था वृद्धाश्रम के प्रभारी राजेंद्र सिंह परिहार और उनकी टीम के सहयोग से संपन्न हुआ।

इस बेहद विशेष अवसर पर जोधपुर के जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल और राजस्थान उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास भी मौजूद रहे। समारोह का शुभारंभ परम
पिता परमेश्वर की पूजा-अर्चना से हुई, इसके बाद बुजुर्गों की सेवा की गई और उनको सम्मानपूर्वक भोजन कराया गया।

मारवाड़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजीव गौड़ ने बताया कि राजस्थान में यह दूसरा अवसर है जब मारवाड़ प्रेस क्लब ने होली के त्योहार पर वृद्धाश्रम में रहने वाले बुजुर्गों के साथ होली मनाई है। पिछले साल जोधाणा वृद्धाश्रम में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस बार आस्था वृद्धाश्रम के 87 से अधिक बुजुर्गों ने इस खास होली समारोह में हिस्सा लिया।  उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी इस पुनीत कार्यक्रम की सराहना करते हुए संदेश भेजा है।

यह आयोजन जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल, डीसीपी राजर्षी राज वर्मा और पूर्व उच्च न्यायालय न्यायाधीश गोपाल कृष्ण व्यास के सानिध्य में संपन्न हुआ। बीएसएफ के जवानों के जाज बैंड ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। राजस्थानी लोक कलाकार कालूराम प्रजापति और गायिका दिव्या कुमावत ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं। न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास ने भी लोकगीत गाकर समारोह में चार चाँद लगा दिए। जादूगर गोपाल और बाल जादूगर योगिता ने अपने जादुई करतबों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस शुभअवसर पर इंटरनेशनल ब्राह्मण फेडरेशन के अध्यक्ष हस्तीमल सारस्वत, समाजसेवी विमला गट्टानी, शोभा परिहार, अभिनव परिहार, बिंदु टाक, अजय त्रिवेदी, पंडित एस. के. जोशी, पंडित हेमंत बोहरा, पार्षद अनिल गट्टानी और समाज सेवी तेज कंवर भी उपस्थित रहे। न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास को राजस्थानी लोकगीत गाने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कई अन्य लोगों को भी उनकी सेवाओं और प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया।

जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल ने मारवाड़ प्रेस क्लब की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायक हैं। डीसीपी राजश्री राज वर्मा और न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास ने भी इस पहल की प्रशंसा की।

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने मारवाड़ प्रेस क्लब द्वारा आस्था वृद्धा आश्रम में आयोजित होली स्नेह समारोह की सराहना करते हुए एक संदेश जारी किया है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, "मुझे यह जानकर अत्यंत प्रसन्नता हुई कि मारवाड़ प्रेस क्लब ने आस्था वृद्धा आश्रम में निवास कर रहे वरिष्ठजनों के साथ होली का पर्व मनाया। यह हमारे बुजुर्गों के जीवन में खुशियों के रंग भरने का एक प्रेरणादायी प्रयास है।"

राजे ने अपने संदेश में कहा कि बुजुर्ग समाज के वो वृक्ष हैं जो हमारी जिंदगी में घनी छाया प्रदान करते हैं। उनके आशीर्वाद से हमारी समस्याओं का समाधान होता है। क्लब की इस पहल को उन्होंने नई पीढ़ी द्वारा पूर्वजों के प्रति सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उन बुजुर्गों के लिए हर्ष के पल हैं, जो यह देखकर अहसास कर सकेंगे कि नई पीढ़ी में उनके द्वारा बचपन में दिए गए संस्कार अभी भी जीवित हैं। 

राजे ने मारवाड़ प्रेस क्लब के इस पुनीत कार्य के लिए साधुवाद दिया और आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने आस्था वृद्धा आश्रम से जुड़े सभी बुजुर्गों को आदरपूर्वक प्रणाम किया और उनके स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता की कामना की।

आयोजन में पत्रकार परिवारों के अलावा, जनप्रतिनिधि, राजनेता, पुलिस और प्रशासन के अधिकारी, न्यायाधीश, अधिवक्ता, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, जोधपुर के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक संगठनों के पदाधिकारी और समाजसेवी शामिल हुए। राजस्थान के लोक कलाकारों, लोक नर्तकों, लोक गायकों, जादूगरों और टेलीविजन एवं फ़िल्मी दुनिया से जुड़े कलाकारों ने भी अपनी प्रस्तुतियाँ दीं, जिससे यह आयोजन और भी यादगार बन गया।

अंत मे मारवाड़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष राजीव गौड़ ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक एवं जनहित कार्य करते रहने का संकल्प दोहराते हुए सभी गणमान्य अतिथियों एवं क्लब सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
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शहर के परकोटे में राजा मानसिंह के समय से चली आ रही परंपरा का होगा जीवंत प्रदर्शन

केशव थानवी 'सोहन फाग' के बैनर तले देंगे प्रस्तुति

जोधपुरफाल्गुनी पवन और होली के त्योहार का माहौल जोश से भर गया है। इसी रंगारंग माहौल में, धुलंडी के दिन शहर के परकोटे के भीतर एक बार फिर संगीत की सुमधुर धुन गूंजेगी। प्रसिद्ध श्लील गायक अपनी गायकी के जरिए शहरवासियों का मन मोह लेंगे।

शहर के पुष्करणा बाहुल्य क्षेत्र में, राजा मानसिंह के समय से चली आ रही इस परंपरा को शहर के विभिन्न गेर गायक जीवंत करेंगे। आतुजी, जवरसा, मूलसा, अशोक जी घेरवानी, दिनेश-नरेश, श्याम जी और मारवाड़ रत्न स्व. माईदास जी थानवी सहित गेर गायको ने समाज मे तत्कालीन बुराईयो व समाज मे व्याप्त विभिन्न कुरुतियो बाल विवाह, दहेज प्रथा सहित अन्य विषयो पर कटाक्ष किया बल्कि विभिन्न सरकारो को जाग्रत कर आमजन को लाभान्वित करने का प्रयास किया।

हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्लील गायक केशव थानवी 'सोहन फाग' के बैनर तले अपनी मधुर आवाज से शहर के रसिक श्रोताओ को गैर निकाल कर झूमने पर मजबूर करने के साथ ही प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षाविद, कलमकार और विभिन्न रचनाओ के रचनाकार स्व.गुरू गोविंद कल्ला को भावभीनी श्रधांजलि देंगे।

सोहन फाग के संरक्षक हीरालाल जोशी और अध्यक्ष गुरुदत्त पुरोहित ने बताया कि श्लील गायन के रचयिता डॉ. धर्मदत्त पुरोहित (रॉबिन) और संगीतकार दीपक जोशी (बटुकड़ी) के निर्देशन में शहर के विभिन्न मंचों पर श्लील गायन की धूम रहेगी।
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उत्साह और भक्तिमय माहौल में सौ से अधिक महिलाओं ने खेली फूलों की होली

56 भोगों के साथ हुआ श्रीकृष्ण का भव्य श्रृंगार

जोधपुर। जायंट्स ग्रुप ऑफ़ रॉयल लेडीज़ ने रविवार को एक भव्य फाग उत्सव का आयोजन किया। सौ से अधिक महिलाओं ने इस रंगारंग कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और फूलों की होली खेलकर माहौल को खुशियों से भर दिया। कार्यक्रम में भक्तिमय गीतों का भी विशेष आयोजन किया गया, जिसमें भजन मंडली ने कृष्ण और राधा के मनमोहक भजन प्रस्तुत किये। स्वादिष्ट अल्पाहार, मनमोहक गीतों के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों को रिटर्न गिफ्ट भी प्रदान किए गए।

रॉयल लेडीज़ ग्रुप की सचिव तारा सोलंकी के निवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में श्रीकृष्ण को 56 प्रकार के भोग लगाए गए। कार्यक्रम में कई महिलाओं ने राधा और कृष्ण का स्वांग भी रचा, जिससे माहौल और भी जीवंत हो गया। कुछ ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया तो कुछ ने इस पर्व का भरपूर आनंद लिया।

सभी महिलाओं ने फागण माह के इस बड़े आयोजन का उत्साहपूर्वक आनंद लिया और साथ मिलकर भजन गाए। सभी आगंतुक सदस्यों का ग्रुप की सचिव तारा सोलंकी ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन अध्यक्ष निरुपा पटवा ने किया और परिवार के सदस्यों के सहयोग को भी सराहा गया। यह कार्यक्रम भक्ति, उल्लास और महिला सशक्तिकरण का एक बेहतरीन उदाहरण रहा।
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उत्साह और रचनात्मकता से भर गया निफ्ट का वार्षिक उत्सव

एम्स निदेशक गोवर्धन दत्त पुरी रहे मुख्य अतिथि

जोधपुरराष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) में शुक्रवार को दो दिवसीय वार्षिक उत्सव 'स्पेक्ट्रम 25' का भव्य शुभारंभ हुआ। 'सिनेस्थेसिया' थीम पर आधारित इस फैशन शो में निफ्ट के विद्यार्थियों ने अपनी अद्भुत कला, रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन किया, दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विद्यार्थियों द्वारा डिज़ाइन किए गए अनोखे परिधानों और स्टाइलिश प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

मुख्य अतिथि के रूप में एम्स जोधपुर के निदेशक, गोवर्धन दत्त पुरी ने शिरकत की। निफ्ट जोधपुर के निदेशक प्रो. जीएचएस प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि "निफ्ट द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित स्पेक्ट्रम कार्यक्रम देशभर के विद्यार्थियों को अपनी कला और रचनात्मकता को निखारने का एक अद्भुत अवसर प्रदान करता है।"

'स्पेक्ट्रम 25' केवल एक फैशन शो तक सीमित नहीं रहा। इस वार्षिक उत्सव में मिनी एडवेंचर, सोलो डांस, सोलो सिंगिंग, बॉलीमानिया, फेस पेंटिंग और विभिन्न रोमांचक खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। दिन की शुरुआत एक ऊर्जावान वॉकथॉन से हुई, जिसमें फैकल्टी मेंबर्स, स्टाफ और विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को एक मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और कला कौशल को और निखारने में भी सहायक सिद्ध हुआ। दो दिवसीय उत्सव में अनेक प्रतिभाशाली छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया जिससे कार्यक्रम और भी यादगार बन गया।