1 अक्टूबर को हनुमान चालीसा पाठ और लेजर लाइट शो से हुई शुरुआत, 2 अक्टूबर को रावण दहन और आतिशबाजी के साथ महादेव व्यायाम शाला का अखाड़ा प्रदर्शन, स्वदेशी अपनाने का संदेश
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत होंगे मुख्य अतिथि, बारिश के बावजूद सुचारू रूप से चलेगा आयोजन, शस्त्र पूजन से होगी शुरुआत
जोधपुर। दो दिवसीय दशहरा महोत्सव का अगाज 1 अक्टूबर 2025 बुधवार को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 16 में बहुत उत्साह और धूमधाम से हुआ।
1 अक्टुबर को सांय 7:30 बजे हनुमान चालीसा पाठ से कार्यक्रम शुभारम्भ हुआ तत्पश्चात भक्ति संगीत के साथ लेजर लाइट शो का आयोजन हुआ। बच्चों ने रावण के साथ सेल्फी लेने का आनन्द उठाया।
गुरुवार 2 अक्टूबर 2025 को रावण दहन और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा साथ ही महादेव व्यायाम शाला के द्वारा अखाड़ा प्रदर्शन रहेगा जिसमे बालिका अखाड़ा के भी हैरत अंगेज करतब रहते हैं।
दशहरा महोत्सव 2025 की विशेषताएं:
* रावण दहन: इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण रावण दहन है, जिसमें 55 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा।
* आतिशबाजी: महोत्सव में लगभग 45 मिनट की आतिश बाजी होगी, जिसमें विभिन्न प्रकार के आतिशबाजी के आइटम शामिल होंगे।
* मुख्य अतिथि: इस बार के मुख्य अतिथि भारत सरकार में केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत और राज्यसभा के सांसद राजेंद्र गहलोत महापोर वनिता सेठ, सूरसागर विधायक देवेन्द्र जोशी, शहर विधायक अतुल भंसाली, शेरगढ़ विधायक बाबू सिंह राठौड़, भाजपा जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पालीवाल सहित और भी अतिथिगण सम्मिलित होंगे।
* स्थानीय भागीदारी: इस महोत्सव में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता समिति के सदस्य मिलकर रावण के पुतले का निर्माण करते हैं।
* बारिश के बावजूद आयोजन: इस महोत्सव का एक विशेष पहलू यह है कि यह आयोजन बारिश के बावजूद भी सुचारु रूप से चलता रहता है, और रावण का पुतला सीना तान कर खड़ा रहता है ।
दशहरा महोत्सव 2025 के अध्यक्ष देवेन्द्र शर्मा, संयोजक राजेशरूप राय व कमलेश श्रीपत, उपाध्यक्ष शैलेश जैन, महासचिव जुगलकिशोर सोलंकी, सचिव लोकेश भाटी व मेला प्रभारी योगेश दईया हैं।
कार्यक्रम का समय:
* शस्त्र पूजन कार्यक्रम: सांय 6:30 बजे दशहरा मैदान मे शस्त्र पूजन का आयोजन नन्दन मयूर सेवा समिति द्वारा किया जाएगा।
* पुतले का दहन: शाम को 7:30 बजे के करीब होगा।* आतिशबाजी: लगभग 45 मिनट तक चलेगी।
इस दशहरा महोत्सव में इस वर्ष स्वदेशी अपनाओ देश को बढ़ाओ का संदेश दिया जाएगा दशहरा महोत्सव मे हर वर्ष अलग अलग संदेश दिया जाता है यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है और इस महोत्सव मे हर प्रकार से राष्ट्रीय सेवा को भी महत्व दिया जाता है।
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