"शीशा साँवरिया सेठ के भक्त" ने प्रस्तुत की धार्मिक पुस्तक, जिसमें चार धाम यात्रा का संक्षिप्त विवरण
ई-पुस्तक संस्करण भी उपलब्ध, धर्म प्रेमियों के लिए नि:शुल्क वितरण
सप्त ऋषियों और पूर्वजों के प्रति आस्था, पवित्र जलाशयों पर तर्पण कर समर्पित किया व्रत का पुण्य फल, नीम और पीपल सहित पांच वृक्षों का किया पूजन
मणीचे के आटा का हलवा, राब-खीर लगता है भोग, तुरई-काचरे की सब्जी और केर-सांगरी का रायता पितरों को अर्पित, समाज की बुजुर्ग महिलाओं से सुनी कथा
घर और सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित होंगी गणेश प्रतिमाएं, शहर में सजे मिट्टी की मूर्तियों के बाजार
रातानाडा गणेश मंदिर में लगेगा 51 हजार लड्डुओं का भोग, बुधवार का विशेष संयोग, मंदिरों में होगा विशेष श्रृंगार और रोशनी
महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध इस मेले में हजारों भक्तों ने महा आरती में लिया भाग, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
भाद्रपद शुक्ल दशमी तक चलेगा मेला, श्रद्धालुओं की भारी संख्या में पहुंचने की उम्मीद
कन्हैया गौशाला में गौ माता की सेवा कर किया सेवा दिवस का आयोजन, समाजसेवा के प्रति बढ़ाया जागरूकता का संदेश
गौ सेवा के साथ अन्य सेवा कार्यो को किया गया समर्पित
जोधपुर। सारथी यूथ फाउंडेशन ने रविवार को "रविवार सेवा दिवस" मनाते हुए कन्हैया गौशाला, पाल रोड में गौ सेवा का कार्य किया। संस्था के संस्थापक और अध्यक्ष देवेन्द्र गहलोत ने बताया कि इस दिन गौ माताओं को हरा चारा खिलाकर उनका पूजन किया गया। गहलोत ने हिन्दू धर्म में गौ माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौ सेवा से बड़े से बड़ा कष्ट दूर होता है क्योंकि गौ माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गौ माता के प्रति प्रेम और सेवा का संदेश देने की बात भी कही।
जता बेरा प्रांगण चांद बावडी पर हो रहा है कथा ज्ञान यज्ञ, विभिन्न पुराणों और श्रीमद्भागवत की महत्ता पर डाला गया प्रकाश
आध्यात्मिक शुद्धि, पर्यावरण शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति के लिए अग्निहोत्र का बताया गया महत्व, भागवताचार्या पुष्पा जोशी सहित कई विद्वानों का सम्मान
जोधपुर। श्री चैनेश्वर श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन जता बेरा प्रांगण चांद बावडी पर किया जा रहा है। इस कथा ज्ञान यज्ञ में अग्निहोत्री चंचल हर्ष ने श्रीमद्भागवत और श्री भगवान के स्वरूप को सच्चिदानंदमय बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत और श्री भगवान का स्वरूप सदा एक ही है और वह है सच्चिदानंदमय।
सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया गया अनूठा धींगा गवर उत्सव; पुरुषों के प्रवेश पर रोक
कांतारा शिव अवतार और दक्षिण भारतीय देवी-देवताओं के स्वांग ने खींचा ध्यान
यह कदम पिछले वर्ष भोलावणी मेले के दौरान महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी और छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद उठाया गया। महिलाओं और उत्सव समितियों के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में महिलाओं ने अपनी चिंताएं खुलकर रखीं और बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह उत्सव उनकी आस्था और परंपरा से जुड़ा है और बाहरी तत्वों से उनकी आस्था को ठेस पहुंचती है।
सोलह दिवसीय गवर पूजन अनुष्ठान के अंतिम दिन रात भर शहर में मस्ती और उल्लास का माहौल रहा। तीजणियां पुरुषों पर बेंतों से प्रहार करती हुई गवर माता के दर्शनार्थ घरों से निकलीं। इस बार कांतारा फिल्म में दिखाए गए भगवान शिव के तुल्लिका अवतार ने खासा ध्यान खींचा। इसके अलावा, दक्षिण भारत के देवी-देवताओं के भी कई स्वांग देखे गए। अयोध्या रामलला और दक्षिण भारत के देवी-देवताओं, नटराज, राम-हनुमान के स्वांग रचने वाली महिलाएं भी उत्सव का हिस्सा रहीं।
पूरी रात सड़कों पर केवल मातृशक्ति का प्रभुत्व दिखाई दिया। कई स्थानों पर गणगौर माता की प्रतिमाएं विराजमान की गईं, जहां महिलाओं ने दर्शन कर पूजन किया। एक मान्यता यह भी है कि तीजणियों के हाथ की छड़ी जिस कुंवारे युवक पर लगती है, वह जल्द ही विवाह बंधन में बंध जाता है, इसीलिए इसे बेंतमार मेला भी कहा जाता है।
हाथी चौक, चाचा की गली और ब्रह्मपुरी सहित कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। जूनी मंडी, पुंगलपाड़ा, सुनारों की घाटी आदि स्थानों पर भी गवर माता की प्रतिमाएं विराजमान की गईं। रात में महिलाओं के समूह विभिन्न देवी-देवताओं के स्वांग रचकर गवर गीत गाते हुए रिश्तेदारों के घरों पर गए। कई मोहल्लों में तीजणियों द्वारा धींगा गवर माता की चार प्रहर में आरती की गई। अंतिम आरती के बाद भोलावणी करके 16 दिन के पूजन का समापन हुआ।
चाचा की गली में धींगा गवर महोत्सव समिति के अध्यक्ष अनिल गोयल और महासचिव रतन पुरोहित ने बताया कि इस बार छह फीट की गवर माता विराजमान की गई। हाथी चौक में गवर माता को सोने के आभूषणों से सजाया गया। श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित सोलह दिवसीय सामूहिक गणगौर पूजा में कई महिलाओं को पुरस्कृत भी किया गया।
धींगा गवर मेले के दौरान पुलिस का भारी जाब्ता तैनात रहा। महिला पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों के अलावा कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला सिपाही भी गश्त पर रहीं। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पूर्व) वीरेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि बाहरी युवकों और पुरुषों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए परकोटे पर नाके लगाए गए थे। महिलाओं को सिर्फ बेंत ले जाने की अनुमति दी गई, बैसबॉल बैट ले जाने पर रोक लगाई गई और शराब पीने वालों की जांच के लिए ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया गया।
जोधपुर के विभिन्न मोहल्लों में धींगा-गंवर की पूजा का आयोजन, परकोटे के बाहर भी दिखा उत्साह का अद्भुत नजारा
मसूरिया क्षेत्र में महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में किया पूजन
जोधपुर। शहर में आज गणगौर का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। शहर के भीतरी क्षेत्र के परकोटे के अंदर स्थित विभिन्न मोहल्लों में तो धींगा-गंवर की पूजा का उत्साह चरम पर है, लेकिन ख़ास बात ये है कि इस वर्ष परकोटे के बाहर के क्षेत्रों में भी तीजणियों का जोश देखते ही बन रहा है। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर गणगौर माता की पूजा अर्चना की और गीतों के साथ उल्लास मनाया।
गवर माता की भव्य शोभायात्रा ने जोधपुर को किया मस्ती से सराबोर
पुष्पा-2 से लेकर लव जिहाद तक, झांकियों ने खींचा सबका ध्यान
जोधपुर। शहर चैत्र शुक्ल तृतीया गणगौर तीज के पश्चात् पीहर प्रवास से लौटी गवर माता की भोळावणी का सोमवार को भव्य आयोजन हुआ। सौभाग्य, सुहाग और सौहार्द के प्रतीक इस पर्व में शहरवासियों का उत्साह देखते ही बनता था। शाम को सजे-धजे शहर में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें गवर प्रतिमाओं को जल अर्पण करने के बाद विदाई दी गई।
आकर्षक झांकियाँ:
सोने से लदे फगड़ा:
सिटी पुलिस फगड़ा-घुड़ला कमेटी की ओर से फगड़ा बने माधव सोनी ने लगभग ढाई किलो सोने के आभूषण पहने हुए थे। वहीं, खाण्डा फलसा गणगौर समिति की ओर से मूक-बधिर संघ के सदस्य महेश बोराणा ने महिला वेश में 40 तोला सोने के आभूषण और 8 किलो की सुहाग पोशाक पहनी थी। भवानी कच्छवाहा ने भी महिला का स्वांग रचा।
450 से अधिक झांकियाँ, ओडिशा-आंध्रप्रदेश के लोक कलाकारों का जलवा, पर्यावरण व सामाजिक समरसता का संदेश
केन्द्रीय मंत्री सहित गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ भव्य आयोजन
जोधपुर। विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित रामनवमी महोत्सव समिति ने रविवार को जोधपुर में एक भव्य रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन किया। सुबह 10 बजे घंटाघर से शुरू हुई इस शोभायात्रा में 450 से अधिक झांकियों ने शहर को राममय बना दिया। भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा।
5 से 13 अप्रैल तक चलेगा भव्य आयोजन, जैन समाज में ख़ासा उत्साह
ध्वजारोहण से लेकर भजन संध्या तक, कई कार्यक्रमों का आयोजन
कार्यक्रमों की रूपरेखा:
शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शहर भर में रही भक्तिमय रौनक
दिन में लोटियों के मेले ने बढ़ाई रौनक
शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया जाएगा 30 मार्च को हिन्दू नववर्ष
27 मार्च से शुरू होंगे उत्सव, 29 मार्च को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
जोधपुर। शहर 30 मार्च को हिन्दू नववर्ष 2082 (संवत् 2082, युगाब्द 5127) का धूमधाम से स्वागत करने के लिए तैयार है। नववर्ष महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस उत्सव में शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन और कई अन्य कार्यक्रम शामिल होंगे।
16 दिनों तक चलेगा अखंड शोभाग्य की प्रतीक गणगौर माता का पर्व, वैष्णो देवी मंदिर में विशेष पूजा
तीजणियां महिलाओं ने गवर पूजन और मंगल गीतों से मनाया त्यौहार
श्रद्धालुओं ने फूलों से किया स्वागत, भजन-कीर्तन से गूँजा शहर
जोधपुर। प्रयागराज महाकुंभ में जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय श्री महंत सचिव की प्रतिष्ठित गद्दी प्राप्त करने वाले कंचनगिरी जी महाराज के सम्मान में एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कंचनगिरी जी महाराज, श्री दादा दरबार नेपाली बाबा सिद्धनाथ गुरु आश्रम के महंत श्री मुनेश्वरगिरी महाराज के शिष्य और श्री दादा दरबार एवं श्री अचलनाथ मंदिर के उत्तराधिकारी हैं।
लहरिया साड़ियों में सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने किया गणगौर माता का पूजन
सोलह दिनों से जारी है, तीजणियों का अनवरत पूजन
जोधपुर। भीतरी शहर चांदपोल स्थित प्राचीन मनमहेश महादेव मंदिर में गणगौर माता का विशेष पूजन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर की तीजणियों ने लहरिया साड़ी पहनकर गणगौर माता का पूजन किया और माता के भजनों और गीतों से माहौल भक्तिमय बना दिया। महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर माता की पूजा-अर्चना की।
जोधपुर के मोहनगढ़ में महिलाओं ने गीतों और पूजन के साथ की गणगौर माता की आराधना
ग्रीन साड़ी थीम के साथ हुईं मज़ेदार प्रतियोगिताएँ
जोधपुर। मोहनगढ़ में तिजनियों ने परंपरागत तरीके से गणगौर माता का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया। आज, महिलाओं ने सुबह से ही गणगौर माता की पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी। मंडली की सदस्या नीलम सांखला और वर्षा गौड़ ने बताया कि महिलाओं ने गणगौर के पारंपरिक गीत गाए और सोलह श्रृंगार कर माता का विधि-विधान से पूजन किया।
"एक शाम हिंदू नव वर्ष के नाम" कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर
जुनी धान मंडी में होगा भव्य आयोजन
80 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए युवा पीढ़ी करेगी "श्लील गाली गायन" की प्रस्तुति
चंचल कुमार दवे और स्वर्गीय विश्वेश्वर दत्त व्यास को मिलेगा लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड
जोधपुर। श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा एक अनोखे आयोजन की तैयारी की जा रही है। 15 मार्च 25 शनिवार को शिवबाड़ी स्थित समाज भवन (चांदपोल के बाहर) में "श्लील गाली गायन" कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। समाज अध्यक्ष महेन्द्र बोहरा और मंत्री नरेंद्र राज बोहरा ने बताया कि यह कार्यक्रम मारवाड़ की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
















