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श्री श्रीविद्या अनुष्ठान केन्द्र में ज्योतिषाचार्य पण्ड़ित पूर्णेंदु व्यास करा रहे हैं तर्पण, पितरों को तृप्त करने का सर्वोत्तम माध्यम: प्रवक्ता भानु कुमार दवे

पवित्र शम्भू-सागर की जलधारा और श्री मनकामेश्वर गजानन महाराज की साक्षी में हो रहा है कार्यक्रम, पितृ ऋण से उऋण होने का मिल रहा है अवसर

जोधपुर श्री श्रीविद्या अनुष्ठान केन्द्र, श्रीमाली ब्राह्मण श्री मनकरण जी की नाड़ी (मिनका-नाड़ी), चाँदपोल, जोधपुर में पितृ तर्पण कार्यक्रम चल रहा है। यह कार्यक्रम सर्वपितृ अमावस्या 21 सितम्बर तक जारी रहेगा।

मिनका-नाड़ी पर हो रहे इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए प्रवक्ता भानु कुमार दवे ने बताया कि चाँदपोल के बाहर सुरम्य पहाडियों में स्थित अति-प्राचीन परम् सिद्ध स्थान मिनका-नाड़ी की चमत्कारिक तपोभूमि पर स्थित पवित्र सरोवर में महालय श्राद्ध पक्ष के अति पावन अवसर पर बहुजन-हिताय व बहुजन-सुखाय की भावना रखते हुए ज्योतिषाचार्य पण्ड़ित पूर्णेंदु व्यास द्वारा प्रतिदिन प्रातः 06.30 बजे पितृ-तर्पण करवाया जा रहा हैं।

प्रवक्ता भानु कुमार दवे ने बताया कि पवित्र शम्भू-सागर की पावन जलधारा से और श्री मनकामेश्वर गजानन महाराज की दिव्य साक्षी में होने वाले तर्पण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जातक अपने पूर्वजों को तर्पण अर्पण कर उनका दिव्य आशीर्वाद प्राप्त कर पितृ ऋण से उऋण हो रहे हैं।

प्रवक्ता ने बताया कि अनेका-अनेक यत्न करने पर भी पितृगण संतुष्ट व तृप्त नहीं होते हैं जब तक कि उनको तर्पण द्वारा अर्थात् उन्हें जलांजलि द्वारा संतुष्ट व तृप्त ना किया जाए। पितृ-तर्पण ही पितरो को तृप्त करने का सर्वोत्तम माध्यम हैं। तर्पण का यह कार्यक्रम 21 सितम्बर सर्व-पितृ अमावस्या तक प्रतिदिन नियमित रूप से जारी रहेगा। पितृ-तर्पण का यह कार्यक्रम न केवल पितरों को संतुष्ट व तृप्त करने का माध्यम हैं बल्कि पितरों के दिव्य आशीर्वाद से अपनी दशा और दिशा सुधारने का सुअवसर हैं। मिनका-नाड़ी की यह तपोभूमि जोधपुर के श्रद्धालुओं के लिए निरंतर आस्था और विश्वास का केंद्र बनती जा रही हैं।
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"शीशा साँवरिया सेठ के भक्त" ने प्रस्तुत की धार्मिक पुस्तक, जिसमें चार धाम यात्रा का संक्षिप्त विवरण

ई-पुस्तक संस्करण भी उपलब्ध, धर्म प्रेमियों के लिए नि:शुल्क वितरण

जोधपुर। आज जोधपुर में एक विशेष कार्यक्रम के दौरान "शीशा साँवरिया सेठ के भक्त" द्वारा उनकी नई धार्मिक पुस्तक "हमारी चार धाम यात्रा भाग: प्रथम" का भव्य विमोचन किया गया। इस अवसर पर कई धर्म प्रेमी और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

पुस्तक में उत्तराखंड की प्रसिद्ध चार धाम यात्रा का संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली विवरण प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक न केवल यात्रा के महत्व को दर्शाती है, बल्कि इसमें यात्रा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ भी साझा की गई हैं, जिससे पाठक इस पवित्र यात्रा के बारे में अधिक जान सकें।

विमोचन समारोह में बोलते हुए लेखक ने कहा, "यह पुस्तक उन सभी श्रद्धालुओं के लिए समर्पित है जो चार धाम यात्रा के अनुभव को समझना चाहते हैं। ईश्वर की कृपा और माता-पिता के आशीर्वाद से यह पुस्तक तैयार हुई है।"

इस पुस्तक के विमोचन के साथ ही, इसे अधिक से अधिक धर्म प्रेमियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से इसका ई -पुस्तक संस्करण भी "साँवरिया परिवार - जोधपुर" की वेबसाइट पर नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है। लेखक ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया कि वे इस पुस्तक का लाभ उठाएं और अपने अनुभवों को साझा करें।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पुस्तक के विमोचन को एक महत्वपूर्ण धार्मिक घटना माना और लेखक को बधाई दी। इस पुस्तक के माध्यम से चार धाम यात्रा की महत्ता को और अधिक लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया गया है।
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सप्त ऋषियों और पूर्वजों के प्रति आस्था, पवित्र जलाशयों पर तर्पण कर समर्पित किया व्रत का पुण्य फल, नीम और पीपल सहित पांच वृक्षों का किया पूजन

मणीचे के आटा का हलवा, राब-खीर लगता है भोग, तुरई-काचरे की सब्जी और केर-सांगरी का रायता पितरों को अर्पित, समाज की बुजुर्ग महिलाओं से सुनी कथा

जोधपुर भाद्रपद शुक्ला पंचमी को ऋषि पंचमी के दिन जोधपुर में श्रीमाली ब्राह्मण समाज की महिलाओं की ओर से सप्त ऋषियों एवं पूर्वजों के प्रति आस्था व्यक्त करने के लिए तर्पण करने की अनूठी परम्परा सदियों से चली आ रही है। व्रती महिलाएं सप्त ऋषियों एवं ऋषि पत्नियों के नाम सगोत्र शास्त्रोक्त विधि से तर्पण कर मोक्ष की कामना करती है। इतना ही नहीं पवित्र जलाशयों पर ससुराल व पीहर पक्ष की तीन-तीन पीढिय़ों तक के दिवंगत ज्ञात अज्ञात पूर्वजों को याद कर तर्पण करती है। साथ ही अपने एक दिन के व्रत का पुण्य फल भी पूर्वजों को मोक्ष और सद्गति के लिए समर्पित करती है।

तर्पण के बाद नीम, आक, पीपल, बोल्टी एवं हाटी-काटी वृक्ष का पूजन कर समाज की बुजुर्ग महिलाओं से ऋषि पंचमी से जुड़ी पौराणिक कथाओं का श्रवण करती है। कथा श्रवण के बाद व्रती महिलाएं अपने घरों में मणीचा (बिना बोया धान) की खीर, बनाकर ऋषियों, ऋषि पत्नियों व अपने और पीहर के सात पीढिय़ों के पूर्वजों को तुरई-काचरे की सब्जी, केर-सांगरी का रायता पितरों को अर्पित कर व्रत का पारणा करती है।

पं. रमेशचंद्र बोहरा के अनुसार इस व्रत को करने वाली व्रती महिलाएं वनक्षेत्र में पैदा होने वाले मणीचे के आटा का भोग ठाकुरजी, सप्त ऋषियों व ऋषि पत्नियों को लगाकर प्रसाद ग्रहण करते थे। मणीचे का आटा फलाहार की श्रेणी में आता है, उस मणीचे को शुद्ध व साफ कर काम में लेते थे। उस मणीचे के आटे का हलवा, खीर व राब बनाकर तथा साथ में तुरई की सब्जी का सेवन किए जाने की परम्परा है।

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घर और सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित होंगी गणेश प्रतिमाएं, शहर में सजे मिट्टी की मूर्तियों के बाजार

रातानाडा गणेश मंदिर में लगेगा 51 हजार लड्डुओं का भोग, बुधवार का विशेष संयोग, मंदिरों में होगा विशेष श्रृंगार और रोशनी

जोधपुर गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त को श्रद्धा और भक्ति के साथ धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर को लेकर शहर में शिवसेना सहित कई अन्य संस्थाओं और संगठनों ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।

गणेश चतुर्थी के दिन, जोधपुर के विभिन्न गणेश मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना और अभिषेक का आयोजन किया जाएगा। शहर में पावटा, रातानाडा, 12वी रोड, आखलिया, मंडोर, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड, जालोरी गेट, गोल बिल्डिंग, सोजती गेट सहित अन्य स्थानों पर अस्थायी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी और इस मौके पर मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का बाजार भी सज गया है।

रातानाडा गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी का पर्व भव्य रूप से मनाने की तैयारियां पूरे जोश-खरोश के साथ की जा रही हैं। मंदिर में इस अवसर पर 51,000 लड्डुओं का भोग लगाया जाएगा। इसके लिए बीते दो दिनों से मंदिर परिसर में लड्डू बनाने का काम चल रहा है।

कारीगर गोंद, मेवा, मिश्री, और कलाकंद जैसे सामग्रियों से लड्डू बना रहे हैं। मंदिर के पुजारी महेश अबोटी ने बताया कि इस बार गणेश चतुर्थी पर बुधवार का विशेष संयोग बना है, जो विशेष फलदाई रहेगा। भगवान गणपति को लड्डू और मोदक का भोग लगाया जाएगा, साथ ही मेवे के बने 101 किलो लड्डू भी तैयार किए जा रहे हैं।

भोग लगाने के बाद, मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद के तौर पर लड्डू वितरित किया जाएगा। गणेश और रिद्धि-सिद्धि का विशेष श्रृंगार भी किया जाएगा। मंदिर परिसर में आकर्षक रोशनी की जाएगी। वहीं, सुबह मंदिर में आरती का आयोजन होगा और संतों के सान्निध्य में ध्वजारोहण किया जाएगा।

इस गणेश चतुर्थी पर, शहर के सभी श्रद्धालु और भक्त इस पर्व को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाने के लिए तैयार हैं, जिससे समाज में एकता और समर्पण का भाव देखने को मिलेगा।

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महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध इस मेले में हजारों भक्तों ने महा आरती में लिया भाग, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

भाद्रपद शुक्ल दशमी तक चलेगा मेला, श्रद्धालुओं की भारी संख्या में पहुंचने की उम्मीद

जोधपुर। पश्चिमी राजस्थान के महाकुंभ के रूप में प्रसिद्ध बाबा रामदेव (रामसा पीर) मेले का शुभारंभ जोधपुर के मसूरिया स्थित बाबा रामदेव मंदिर में भाद्रपद शुक्ल द्वितीया (बीज) के दिन भव्य महा आरती के साथ हुआ। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपनी आस्था प्रकट की।

बाबा रामदेव मंदिर, जो कि उनके गुरु बालीनाथ की समाधि स्थल पर स्थित है। यह मेला भाद्रपद शुक्ल दशमी तक चलेगा। इस दौरान लाखों भक्त बाबा के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। एएसपी सुनील के. पवार ने बताया कि मेले के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए कालिका टीम को भी तैनात किया गया है।

इस बार, बाहर और अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालु जोधपुर के बजाय सीधे जैसलमेर के रामदेवरा जाएंगे। भाद्रपद दूज और दशमी के दिन सबसे अधिक भीड़ होने की संभावना है। मेले में राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

एसीपी आनंद कुमार ने बताया कि दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जुट रहे हैं और पुलिस व्यवस्था को सेक्टरों में बांटा गया है ताकि कानून-व्यवस्था सुचारू रूप से रहे। उन्होंने कहा, "हम सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो।"

बाबा रामदेव का प्राकट्य दिवस भाद्रपद शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है। इस अवसर पर जोधपुर के मसूरिया और जैसलमेर के रामदेवरा (रूणीचा) में मेले का आयोजन होता है। श्रद्धालु ट्रेन, बस और निजी वाहनों से पहुंचते हैं, लेकिन सबसे अधिक भक्त पैदल यात्रा करते हैं। ये श्रद्धालु मसूरिया पहाड़ी पर बाबा रामदेव मंदिर में दर्शन के बाद जैसलमेर के पोकरण में बाबा की समाधि स्थल पर माथा टेककर अपनी यात्रा पूरी करते हैं। मेले में भक्तों की आस्था और उत्साह चरम पर रहता है।
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कन्हैया गौशाला में गौ माता की सेवा कर किया सेवा दिवस का आयोजन, समाजसेवा के प्रति बढ़ाया जागरूकता का संदेश

गौ सेवा के साथ अन्य सेवा कार्यो को किया गया समर्पित

जोधपुरसारथी यूथ फाउंडेशन ने रविवार को "रविवार सेवा दिवस" मनाते हुए कन्हैया गौशाला, पाल रोड में गौ सेवा का कार्य किया। संस्था के संस्थापक और अध्यक्ष देवेन्द्र गहलोत ने बताया कि इस दिन गौ माताओं को हरा चारा खिलाकर उनका पूजन किया गया। गहलोत ने हिन्दू धर्म में गौ माता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गौ सेवा से बड़े से बड़ा कष्ट दूर होता है क्योंकि गौ माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गौ माता के प्रति प्रेम और सेवा का संदेश देने की बात भी कही।

गहलोत ने बताया कि "रविवार सेवा दिवस मिशन" के तहत हर रविवार को विभिन्न सेवा कार्य किए जाते हैं। इनमें गौ सेवा के अलावा पक्षी सेवा, संतों की सेवा, वानर सेवा, वृद्धजनों की सेवा, अनाथ, नेत्रहीन, विकलांग, निराश्रित और दिव्यांग बच्चों की सेवा, वस्त्रदान आदि शामिल हैं। फाउंडेशन सदस्यों के जन्मदिन और वैवाहिक वर्षगाँठ पर भी सेवा कार्य किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 3-4 सालों से फाउंडेशन प्रति माह 5 से 7 सेवा कार्य कर रहा है। गहलोत ने आम जनता से अपील की है कि वे इस पुण्य कार्य में अधिक से अधिक भागीदारी करें और रविवार सेवा दिवस मिशन से जुड़ें।

इस अवसर पर विजय लक्ष्मी हर्ष, जय प्रकाश हरवानी, राम नारायण थिरोदा, गीता हरवानी, सुरेन्द्र सिंह तोमर, जसपाल सिंह खालसा और रामचन्द्र मंगल सहित कई लोग उपस्थित थे।
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जता बेरा प्रांगण चांद बावडी पर हो रहा है कथा ज्ञान यज्ञ, विभिन्न पुराणों और श्रीमद्भागवत की महत्ता पर डाला गया प्रकाश

आध्यात्मिक शुद्धि, पर्यावरण शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति के लिए अग्निहोत्र का बताया गया महत्व, भागवताचार्या पुष्पा जोशी सहित कई विद्वानों का सम्मान

जोधपुरश्री चैनेश्वर श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन जता बेरा प्रांगण चांद बावडी पर किया जा रहा है। इस कथा ज्ञान यज्ञ में अग्निहोत्री चंचल हर्ष ने श्रीमद्भागवत और श्री भगवान के स्वरूप को सच्चिदानंदमय बताया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत और श्री भगवान का स्वरूप सदा एक ही है और वह है सच्चिदानंदमय।

उन्होंने विभिन्न पुराणोंकी श्लोक संख्या, श्रीमद्भागवत की महत्ता, श्रीमद्भागवत का स्वरूप, प्रमाण, श्रोता व्यक्ता का लक्षण, श्रवण विधि और महामात्य, परिक्षित व व्रजनाम का समागम, व्रजभूमि का महत्व, यमुना व श्रीकृष्ण पत्नियों का संवाद मार्कण्डेयजीकी की तपस्या और वर प्राप्ति, अर्थवेदो की शाखाएं, पुराणों के लक्षण, परिक्षित की परमगति के बारे में विस्तार से बताया।

कार्यक्रम समन्वयक अरूण कुमार जोशी ने बताया कि मण्डल दत शर्मा, अग्निहोत्री विट्ठल मूथा, योगेश मूथा, पुखराज बिस्सा अग्निहोत्री पर प्रकाश डालते हुए विट्ठल मूथा ने आध्यात्मिक शुध्दी एवं ध्यान शुद्धी, पर्यावरण व वायुमंडल की शुद्धि, संतान, धन, और ऐश्वर्य में वृद्धि मोक्ष और पुण्य की प्राप्ती सृष्टि के लिए कार्य करने के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में पंडित गोपीकिशन जोशी, शांति प्रसाद, दिपक बटुक का यथा योग्य सम्मान किया गया। भागवताचार्या पुष्पा जोशी, मुरलीधर जोशी का सम्मान किया गया, अग्निहोत्री चंचल हर्ष सोमियाजी का साफा पहनाकर सम्मानित किया गया, व्यासपीठ ने संस्थान व क्षेत्रवासियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।
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सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया गया अनूठा धींगा गवर उत्सव; पुरुषों के प्रवेश पर रोक

कांतारा शिव अवतार और दक्षिण भारतीय देवी-देवताओं के स्वांग ने खींचा ध्यान

जोधपुर। बुधवार रात शहर एक अद्भुत नज़ारे का गवाह बना। अखंड सौभाग्य, सुहाग और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक धींगा गवर मेला श्रद्धा, उल्लास और उमंग से सराबोर रहा। विश्व प्रसिद्ध इस उत्सव ने एक बार फिर अपनी अनूठी पहचान बनाई। गत वर्षों में बाहरी पुरुषों और युवाओं के प्रवेश को लेकर विवाद के बाद इस बार पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाई। बाहरी पुरुषों के प्रवेश पर रोक लगाई गई, और भीतरी शहर में कुछ जगहों पर लगे डीजे और स्टेज भी हटवा दिए गए।

यह कदम पिछले वर्ष भोलावणी मेले के दौरान महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी और छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद उठाया गया। महिलाओं और उत्सव समितियों के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में महिलाओं ने अपनी चिंताएं खुलकर रखीं और बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह उत्सव उनकी आस्था और परंपरा से जुड़ा है और बाहरी तत्वों से उनकी आस्था को ठेस पहुंचती है।

सोलह दिवसीय गवर पूजन अनुष्ठान के अंतिम दिन रात भर शहर में मस्ती और उल्लास का माहौल रहा। तीजणियां पुरुषों पर बेंतों से प्रहार करती हुई गवर माता के दर्शनार्थ घरों से निकलीं। इस बार कांतारा फिल्म में दिखाए गए भगवान शिव के तुल्लिका अवतार ने खासा ध्यान खींचा। इसके अलावा, दक्षिण भारत के देवी-देवताओं के भी कई स्वांग देखे गए। अयोध्या रामलला और दक्षिण भारत के देवी-देवताओं, नटराज, राम-हनुमान के स्वांग रचने वाली महिलाएं भी उत्सव का हिस्सा रहीं।पूरी रात सड़कों पर केवल मातृशक्ति का प्रभुत्व दिखाई दिया। कई स्थानों पर गणगौर माता की प्रतिमाएं विराजमान की गईं, जहां महिलाओं ने दर्शन कर पूजन किया। एक मान्यता यह भी है कि तीजणियों के हाथ की छड़ी जिस कुंवारे युवक पर लगती है, वह जल्द ही विवाह बंधन में बंध जाता है, इसीलिए इसे बेंतमार मेला भी कहा जाता है।

हाथी चौक, चाचा की गली और ब्रह्मपुरी सहित कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। जूनी मंडी, पुंगलपाड़ा, सुनारों की घाटी आदि स्थानों पर भी गवर माता की प्रतिमाएं विराजमान की गईं। रात में महिलाओं के समूह विभिन्न देवी-देवताओं के स्वांग रचकर गवर गीत गाते हुए रिश्तेदारों के घरों पर गए। कई मोहल्लों में तीजणियों द्वारा धींगा गवर माता की चार प्रहर में आरती की गई। अंतिम आरती के बाद भोलावणी करके 16 दिन के पूजन का समापन हुआ।

चाचा की गली में धींगा गवर महोत्सव समिति के अध्यक्ष अनिल गोयल और महासचिव रतन पुरोहित ने बताया कि इस बार छह फीट की गवर माता विराजमान की गई। हाथी चौक में गवर माता को सोने के आभूषणों से सजाया गया। श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित सोलह दिवसीय सामूहिक गणगौर पूजा में कई महिलाओं को पुरस्कृत भी किया गया।

धींगा गवर मेले के दौरान पुलिस का भारी जाब्ता तैनात रहा।  महिला पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों के अलावा कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला सिपाही भी गश्त पर रहीं।  अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पूर्व) वीरेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि बाहरी युवकों और पुरुषों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए परकोटे पर नाके लगाए गए थे। महिलाओं को सिर्फ बेंत ले जाने की अनुमति दी गई, बैसबॉल बैट ले जाने पर रोक लगाई गई और शराब पीने वालों की जांच के लिए ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया गया।

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जोधपुर के विभिन्न मोहल्लों में धींगा-गंवर की पूजा का आयोजन, परकोटे के बाहर भी दिखा उत्साह का अद्भुत नजारा

मसूरिया क्षेत्र में महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में किया पूजन

जोधपुरशहर में आज गणगौर का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। शहर के भीतरी क्षेत्र के परकोटे के अंदर स्थित विभिन्न मोहल्लों में तो धींगा-गंवर की पूजा का उत्साह चरम पर है, लेकिन ख़ास बात ये है कि इस वर्ष परकोटे के बाहर के क्षेत्रों में भी तीजणियों का जोश देखते ही बन रहा है। महिलाओं ने  पारंपरिक वेशभूषा में सजकर गणगौर माता की पूजा अर्चना की और गीतों के साथ उल्लास मनाया।

मसूरिया क्षेत्र के रामदेव भवन में कलावती पुरोहित, अंजू व्यास, आशा रामदेव, सरोज रामदेव, श्यामा, सरोज, श्वेता, ज्योति, सविता, वैशाली, आशिमा, संतोष, शीतल और मंजू सहित कई तीजणियों ने मिलकर पारम्परिक तरीके से नखराली गणगौर पूजन में सहभागिता की। इन महिलाओं ने पूरे उत्साह और  आस्था के साथ पूजा की और आने वाले साल के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने बताया कि गणगौर पर्व  परंपरागत रूप से महिलाओं के जीवन में ख़ुशी और उल्लास लाता है।

यह न केवल एक धार्मिक अवसर है, बल्कि समाज में  महिलाओं के एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को भी  प्रतिबिंबित करता है। जोधपुर के विभिन्न क्षेत्रों में आज गणगौर  त्यौहार की रौनक देखने लायक थी।
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गवर माता की भव्य शोभायात्रा ने जोधपुर को किया मस्ती से सराबोर

पुष्पा-2 से लेकर लव जिहाद तक, झांकियों ने खींचा सबका ध्यान

जोधपुरशहर चैत्र शुक्ल तृतीया गणगौर तीज के पश्चात् पीहर प्रवास से लौटी गवर माता की भोळावणी का सोमवार को भव्य आयोजन हुआ। सौभाग्य, सुहाग और सौहार्द के प्रतीक इस पर्व में शहरवासियों का उत्साह देखते ही बनता था। शाम को सजे-धजे शहर में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें गवर प्रतिमाओं को जल अर्पण करने के बाद विदाई दी गई।

लगभग 50 से अधिक धार्मिक-सांस्कृतिक और समसामयिक घटनाओं पर आधारित झांकियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। गवर माता के पारंपरिक गीतों की गूँज से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा। फगड़ा-घुड़ला कमेटी, सिटी पुलिस, खाण्डा फलसा गणगौर मेला समिति और आड़ा बाजार कुम्हारियां कुआं गणगौर कमेटी ने अलग-अलग स्थानों से आकर्षक झांकी वाली शोभायात्राएँ निकालीं। कमेटी के सदस्य पारंपरिक श्लोक गाते हुए चल रहे थे।

ओलंपिक रोड से फगड़ा-घुड़ला मेला भी निकाला गया। कमेटी के अध्यक्ष चंद्रमोहन गांधी और सचिव प्रीतम शर्मा ने बताया कि पुरुषों ने महिला वेश धारण कर, सिर पर घुड़ला रखकर, गहनों से लदकर शोभायात्रा में भाग लिया।

खाण्डा फलसा गणगौर मेला समिति की शोभायात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र पालीवाल और महापौर कुंती देवड़ा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह शोभायात्रा सिरे बाजार होते हुए घंटाघर पहुँची जहाँ जलपान कर विश्राम हुआ। शोभायात्रा के अंतिम छोर पर 18 फुट की ट्रॉली में गवर माता ईसरजी के साथ राधा-कृष्ण की झांकी विराजमान थी।

आकर्षक झांकियाँ:

शोभायात्रा में कई आकर्षक झांकियाँ शामिल थीं, जिनमें नौपत, घोड़े, 21 ट्रैक्टर ट्रॉली, विशेष ठाकुरजी की पैदल झांकी, रिल हीरो "पुष्पा 2" की झांकी (जिसमें बॉम्बे से आई मोना डांसर ने शहरवासियों को अपने नृत्य से मंत्रमुग्ध कर दिया), खाटू श्याम जी की झांकी, छप्पन भोग की झांकी, मसानी माता महादेव की धार्मिक झांकियाँ और बॉलीवुड नृत्य पर आधारित झांकियाँ शामिल थीं। सामाजिक जागरूकता फैलाते हुए "लव जिहाद" पर आधारित झांकी भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।

सोने से लदे फगड़ा:

सिटी पुलिस फगड़ा-घुड़ला कमेटी की ओर से फगड़ा बने माधव सोनी ने लगभग ढाई किलो सोने के आभूषण पहने हुए थे। वहीं, खाण्डा फलसा गणगौर समिति की ओर से मूक-बधिर संघ के सदस्य महेश बोराणा ने महिला वेश में 40 तोला सोने के आभूषण और 8 किलो की सुहाग पोशाक पहनी थी। भवानी कच्छवाहा ने भी महिला का स्वांग रचा।

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450 से अधिक झांकियाँ, ओडिशा-आंध्रप्रदेश के लोक कलाकारों का जलवा, पर्यावरण व सामाजिक समरसता का संदेश

केन्द्रीय मंत्री सहित गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ भव्य आयोजन

जोधपुरविश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित रामनवमी महोत्सव समिति ने रविवार को जोधपुर में एक भव्य रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन किया। सुबह 10 बजे घंटाघर से शुरू हुई इस शोभायात्रा में 450 से अधिक झांकियों ने शहर को राममय बना दिया। भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा।

शोभायात्रा में शामिल झांकियों ने सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। ओडिशा के गोटी पुआ और डोकरा नृत्य, आंध्र प्रदेश की कुचीपुड़ी, गुजरात के गरबा, राजस्थान के बाड़मेर की गेर, उज्जैन की महाकाल टोली, काशी घाट की मसान होली और बिश्नोई समाज की पर्यावरण जागरूकता झांकियाँ विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। जोधपुर के पांचथी रोड स्थित लखारा समाज युवा संगठन ने केदारनाथ मंदिर की एक भव्य झांकी प्रस्तुत की, जो थर्माकोल और ऑपल पेंट से तैयार की गई थी। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रमों को भी झांकियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
घंटाघर पर आयोजित ध्वजारोहण समारोह में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री विनायक राव देशपांडे ने मुख्य वक्ता के रूप में समारोह को संबोधित किया।

शोभायात्रा घंटाघर से प्रस्थान कर कन्दोई बाजार, सिटी पुलिस, आडा बाजार, कुम्हारिया कुआं, बालवाड़ी, जालोरी गेट, गोल बिल्डिंग और सरदारपुरा बी रोड होते हुए सत्संग भवन पहुँची जहाँ इसका समापन हुआ। यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखी गई।
रामनवमी महोत्सव समिति के अध्यक्ष डॉ. पप्पूराम ने बताया कि इस शोभायात्रा का उद्देश्य हिंदुत्व की भावना को जागृत करना और हिंदू जन को एकजुट करना था। इस वर्ष विशेष ध्यान रखा गया कि शोभायात्रा पूरी तरह से कचरा मुक्त रहे।  हर ट्रैक्टर पर कचरा एकत्रित करने के लिए बैग लगाए गए थे और लोगों से अपील की गई कि वे कचरा सड़क पर न फेंके।
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5 से 13 अप्रैल तक चलेगा भव्य आयोजन, जैन समाज में ख़ासा उत्साह

ध्वजारोहण से लेकर भजन संध्या तक, कई कार्यक्रमों का आयोजन

जोधपुर श्री महावीर जैन नवयुवक मंडल एवं भगवान महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव समिति ने प्रेसवार्ता में बताया कि 5 अप्रैल से 13 अप्रैल 2025 तक भारतीय धार्मिक परम्परा व अहिंसा के प्रतीक, श्रमण भगवान महावीर का 2624वाँ जन्म कल्याणक महोत्सव (जयती) बड़े ही धूमधाम से मनाएंगे। इस आयोजन में जोधपुर के जैन समाज की सभी सामाजिक और धार्मिक संस्थाएँ सक्रिय रूप से भाग लेंगी।

समिति के सचिव धीरज कुमार रांका और मीडिया प्रभारी प्रवीण सुराणा ने बताया कि समिति पिछले 65 वर्षों से जोधपुर में महावीर जन्म कल्याणक के कार्यक्रमों का बड़े स्तर पर आयोजन कर रही है। इस वर्ष भी 5 अप्रैल से 13 अप्रैल तक कई भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। जैन समाज में इस आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है।

कार्यक्रमों की रूपरेखा:

* 5 अप्रैल (शनिवार): पावटा स्थित भगवान महावीर उद्यान में प्रातः 8.30 बजे शुभ मुहूर्त में अतिथियों द्वारा ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। दिन भर मानव सेवा दिवस मनाया जाएगा जिसमें वात्सलयपुरम, अपनाघर, टाउनहॉल, सेवाभारती आदि स्थानों पर भोजन वितरण और अन्य जनसेवा कार्य किए जाएँगे।

* 6 अप्रैल (रविवार): जीव दया दिवस के रूप में श्री वीर प्रभु संस्थान और श्री वीर प्रभु महिला मंडल के तत्वावधान में अरणा झरणा मोकलावास स्थित श्री ओसवाल सिंह सभा धर्मपुरा गौ शाला में गायों, बकरों, खरगोशों और कुत्तों को भोजन वितरित किया जाएगा।

* 8 अप्रैल (मंगलवार): सायं 7.15 बजे सरदार दून स्कूल में "एक शाम प्रभु महावीर के नाम" विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा। मुंबई के ख्यातनाम भजन गायक अभिषेक परमार और पायल राणावत अपनी प्रस्तुति देंगे। भजन संध्या में लकी ड्रा भी होगा।

* 10 अप्रैल (गुरुवार): प्रातः 8.30 बजे फतेहपोल से भगवान महावीर स्वामी की विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें 100 से अधिक झांकियाँ शामिल होंगी। शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जूनी धानमण्डी स्थित भगवान महावीर स्वामी मंदिर पर समाप्त होगी। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से उप-शोभायात्राएँ मुख्य शोभायात्रा में शामिल होंगी। जैन बंधुओं से शोभा यात्रा में श्वेत गणवेश (पुरुष) और लाल चूदड़ी की साड़ी (महिलाएँ) पहनकर शामिल होने की अपील की गई है।

* 12 अप्रैल (शनिवार): भैरूबाग जैन मंदिर के सामने स्थित
महावीर कॉम्पलेक्स में प्रातः 9:00 बजे से दोपहर 4:00 बजे तक। स्वैच्छिक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। जैन समाज के अलावा अन्य युवक-युवतियाँ भी भाग लेंगे।  

13 अप्रैल (रविवार): पाल रोड उद्यान अपार्टमेंट के पास स्थित खरतरगच्छ जैन सेवा ट्रस्ट प्रांगण में कार्यक्रमों का समापन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया जायेगा। शोभा यात्रा में भाग लेने वाली संस्थाओं को स्मृति चिन्ह दिए जाएँगे। 

भगवान महावीर उद्यान की सजावट: पावटा स्थित भगवान महावीर उद्यान को आकर्षक रंगीन रोशनी से सजाया जाएगा।
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शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, शहर भर में रही भक्तिमय रौनक

दिन में लोटियों के मेले ने बढ़ाई रौनक

जोधपुर शहर में चैत्र शुक्ल तृतीया पर गवर माता की भव्य शोभायात्रा का साक्षी बना। सोमवार शाम को सिरे बाजार से निकली इस शोभायात्रा ने शहर में भक्तिमय रौनक भर दी।  शाम होते ही सड़कों के दोनों किनारे और छतों पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, गवर माता की झांकी देखने के लिए लोग उत्सुक नज़र आ रहे थे।

शोभायात्रा में ट्रैक्टरों और बग्गियों पर सजी विभिन्न झांकियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। खाटू श्याम, शिव बारात, राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती और दुर्गा माता जैसी मनमोहक झांकियाँ गाजे-बाजे के साथ चल रही थीं। एक खास आकर्षण थी क्राउन से सजी सुंदर बग्गी जिसमें गवर माता के आगे सुहागिन महिला का स्वांग बनाये अमित बोहरा और यश भूतड़ा घुड़ला लेकर चल रहे थे।
शहर के भीतरी इलाके पैला मूंदड़ों की गली से गणगौर मेला कमेटी के तत्वावधान में यह धार्मिक शोभायात्रा शुरू हुई। गवर माता की झांकी स्वर्ण आभूषणों से सजी हुई थी। शोभायात्रा के दर्शन को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह दिखा।  संयोजक अशोक भैया और मदन मोहन भैया ने बताया कि शोभायात्रा पुंगलपाड़ा, हट्टड़ियों का चौक, कबूतरों का चौक, जालोरी गेट, बालवाड़ी स्कूल, खाण्डा फलसा, आडा बाजार, सर्राफा बाजार, कपड़ा बाजार, सिटी पुलिस, त्रिपोलिया बाजार होते हुए घण्टाघर पहुँची, जहाँ विश्राम के बाद माणक चौक, लखारा बाजार होते हुए राखी हाउस पहुँची। रास्ते में विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों और गवर समितियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। गवर माता को भोलावनी तक विराजमान किया जाएगा।

होली के दूसरे दिन से शुरू हुए गणगौर पूजन का समापन सोमवार को हुआ और सोमवार से ही अगले पखवाड़े तक धींगा गवर पूजन की शुरुआत हो गई है।

दिन में गणगौर तीज पर लोटियों के मेले का भी खास आकर्षण रहा। गवर पूजन करने वाली तीजणियाँ गाजे-बाजे के साथ पास के कुओं और तालाबों से पवित्र जल भरकर गवर माता को अर्पित करती नज़र आईं।
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शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और धार्मिक आयोजनों के साथ मनाया जाएगा 30 मार्च को हिन्दू नववर्ष

27 मार्च से शुरू होंगे उत्सव, 29 मार्च को निकलेगी भव्य शोभायात्रा

जोधपुर शहर 30 मार्च को हिन्दू नववर्ष 2082 (संवत् 2082, युगाब्द 5127) का धूमधाम से स्वागत करने के लिए तैयार है। नववर्ष महोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस उत्सव में शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन और कई अन्य कार्यक्रम शामिल होंगे।

समिति के अध्यक्ष अशोक चौहान, संरक्षक निर्मल गहलोत और महासचिव वरूण धनाडिया ने बताया कि उत्सव की शुरुआत 27 मार्च को शाम 4.30 बजे गौशाला मैदान में 2082 की आकृति बनाकर की जाएगी। इसी दिन शाम 5:00 बजे सरदारपुरा ए रोड पर लघु उद्योग भारती महिला इकाई और नववर्ष महोत्सव समिति द्वारा मेहंदी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।

28 मार्च को शाम 6 बजे श्री हनवंत गार्डन पावटा बी रोड में सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्नेह मिलन का आयोजन किया जाएगा। चैत्र कृष्णा अमावस्या, 29 मार्च को शाम 4 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी जो घण्टाघर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए जलजोग चौराहे पर समाप्त होगी। जलजोग चौराहे पर अखण्ड भारतमाता मानचित्र पर दीपक प्रज्वलित किए जाएंगे।

नववर्ष के मुख्य कार्यक्रम 30 मार्च को होंगे। सुबह 5:45 से 6:15 बजे तक संस्कार भारती द्वारा हनवन्त आदर्श विद्या मन्दिर लालसागर में प्रभाती भजन होंगे और 6.21 बजे सूर्य देवता को अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद शहर के विभिन्न चौराहों, मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर तिलक लगाकर मुंह मीठा कराकर हिन्दू नववर्ष की शुभकामनाएं दी जाएंगी। कई समाज और मोहल्ला विकास समितियां सामूहिक हवन, प्रभात फेरी और मंदिरों में दीपोत्सव का आयोजन करेंगी। दोपहर 12.30 बजे आनन्द सिनेमा स्थित गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा में पूरे विश्व के कल्याण की अरदास की जाएगी।
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16 दिनों तक चलेगा अखंड शोभाग्य की प्रतीक गणगौर माता का पर्व, वैष्णो देवी मंदिर में विशेष पूजा

तीजणियां महिलाओं ने गवर पूजन और मंगल गीतों से मनाया त्यौहार

जोधपुरमसूरिया में अखंड शोभाग्य की प्रतीक गणगौर पूजा का 16 दिवसीय कार्यक्रम बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। बालाजी रोड स्थित वैष्णो देवी माता जी के मंदिर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गणगौर उत्सव का आयोजन किया गया है। तिजणियां महिलाएँ परम्परागत मंगल गीतों के साथ पूरे हर्षोल्लास के साथ इस पर्व को मना रही हैं।

यह कार्यक्रम पिछले 12 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष भी गवर पूजन और गणगौर गीतों का आयोजन किया गया। इस वर्ष ईश्वर (शालू राठी) ने गवर माता (लक्षिता लद्धर) का किरदार निभाया। गायत्री राठी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कार्यक्रम में भारी उत्साह और धूमधाम देखने को मिला।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल हुईं। इनमें निकिता गांधी, मीना राठी, सजनी चाँडक, निकिता राठी, संगीता बलदेवा, शिल्पा मुथा, संगीता मूंदड़ा, कांता झवर, भगवती भूतड़ा, कविता लद्धर, ईशा लद्धर, मोनिका लद्धर, सारिका जाजू, सरोज बूब, पिंकी डांगरा, आनंदा बट्टू और सीमा चाँडक सहित कई अन्य महिलाएँ उपस्थित रहीं। सभी महिलाओं ने मिलकर इस पर्व को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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प्रयागराज महाकुंभ में जूना अखाड़े की गद्दी मिलने पर जोधपुर में निकली भव्य शोभायात्रा

श्रद्धालुओं ने फूलों से किया स्वागत, भजन-कीर्तन से गूँजा शहर

जोधपुरप्रयागराज महाकुंभ में जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय श्री महंत सचिव की प्रतिष्ठित गद्दी प्राप्त करने वाले कंचनगिरी जी महाराज के सम्मान में एक भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। कंचनगिरी जी महाराज, श्री दादा दरबार नेपाली बाबा सिद्धनाथ गुरु आश्रम के महंत श्री मुनेश्वरगिरी महाराज के शिष्य और श्री दादा दरबार एवं श्री अचलनाथ मंदिर के उत्तराधिकारी हैं।

रविवार, 23 मार्च 2025 को प्रातः 8:30 बजे, यह शोभायात्रा जूना खेड़ापति हनुमान मंदिर चीरघर से प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में घोड़े, बग्गी, ढोल-नगाड़े और बैंड-बाजों के साथ भक्तजन भजन-कीर्तन करते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा 1st पुलिया और भट्टी की बावड़ी होते हुए श्री दादा दरबार सिद्धनाथ मंदिर पहुँची।

शोभायात्रा के मार्ग में गुरुभक्तों और जोधपुर के श्रद्धालुओं ने कंचनगिरी जी महाराज का फूलों और मालाओं से भव्य स्वागत किया।  महाराज जी ने श्री दादा दरबार में अपने आराध्य श्री सतगुरु नारायण प्रभु और श्री गुरु नेपाली दादाजी के शरण में प्रार्थना और विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर भक्तों द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन भी किया गया।
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लहरिया साड़ियों में सोलह श्रृंगार कर महिलाओं ने किया गणगौर माता का पूजन

सोलह दिनों से जारी है, तीजणियों का अनवरत पूजन

जोधपुर भीतरी शहर चांदपोल स्थित प्राचीन मनमहेश महादेव मंदिर में गणगौर माता का विशेष पूजन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शहर की तीजणियों ने लहरिया साड़ी पहनकर  गणगौर माता का पूजन किया और माता के भजनों और गीतों से माहौल भक्तिमय बना दिया। महिलाओं ने सोलह श्रृंगार कर माता की पूजा-अर्चना की।

महिला समूह की सदस्या नीतु गाँधी ने बताया कि "आज हम सभी ने लहरिया साड़ी पहनने की थीम रखी थी। पिछले सोलह दिनों से हम लगातार गणगौर माता की पूजा कर रही हैं। आज भी हम सभी ने मिलकर पूजा-अर्चना की और माता के गीत गाए। इस पूरे आयोजन से तीजणियों में आपसी प्रेम और सौहार्द का वातावरण रहा।"

इस विशेष पूजन में कमला धूत, रामसूरी बरिता इन्द्रा, सविता, मन्जु, अधिका गांधी, निकिता गांधी, अनिता गांधी, उमा, रेखा, संगीता, रंजना, पूनम गाँधी और लीना सहित कई तीजणियों ने  अपना  योगदान दिया। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखते ही बन रहा था। सभी महिलाओं के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ झलक रहा था। 
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जोधपुर के मोहनगढ़ में महिलाओं ने गीतों और पूजन के साथ की गणगौर माता की आराधना

ग्रीन साड़ी थीम के साथ हुईं मज़ेदार प्रतियोगिताएँ

जोधपुर मोहनगढ़ में तिजनियों ने परंपरागत तरीके से गणगौर माता का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया। आज, महिलाओं ने सुबह से ही गणगौर माता की पूजा-अर्चना शुरू कर दी थी। मंडली की सदस्या नीलम सांखला और वर्षा गौड़ ने बताया कि महिलाओं ने गणगौर के पारंपरिक गीत गाए और सोलह श्रृंगार कर माता का विधि-विधान से पूजन किया।

इस वर्ष गणगौर पूजन की एक खास थीम रखी गई थी - "ग्रीन साड़ी"। ममता बागड़ी और दीप्ति सांखला ने बताया कि इस थीम के अनुरूप सभी महिलाओं ने हरे रंग की साड़ियाँ पहनीं।  इसके अलावा, "एक मिनट" और "बेस्ट ग्रीन मैचिंग" जैसी कई मज़ेदार प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं, जिनमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

पूरे कार्यक्रम में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला।  करुणा तापड़िया, टीना लोहिया, कमला धूत, संतोष मंत्री, तारा तापड़िया, नेहा करवा, माधवी बागड़ी, गुनगुन सांखला, दीपिका राठी, नीलम लड्ढा और रूपाली बजाज सहित कई महिलाओं ने इस आयोजन में सक्रिय रूप से सहयोग किया और पूजा को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह त्यौहार तिजनियों के लिए आस्था और परंपरा का प्रतीक है और यह  उत्साह आने वाले कई दिनों तक याद रखा जाएगा।
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"एक शाम हिंदू नव वर्ष के नाम" कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर

जुनी धान मंडी में होगा भव्य आयोजन

जोधपुर। शहर के भीतरी इलाके में एक उत्साहवर्धक कार्यक्रम होने वाला है। पचेटिया भगवा ग्रुप द्वारा आयोजित होने वाले इस भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ के पोस्टर का विमोचन आज किया गया है। यह आयोजन "एक शाम हिंदू नव वर्ष के नाम" के तौर पर मनाया जाएगा। भीतरी शहर जुनी धान मंडी स्थित गंगश्याम जी के मंदिर के ठीक बाहर शनिवार, 29 मार्च 2025 को सांय: 7:30 बजे आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। मुख्य संरक्षक संदीप गिल, अध्यक्ष नितिन सोलंकी और संरक्षक चेतन गोयल के मार्गदर्शन में अरुण कुमार प्रजापत, आलोक चोरडिया, धर्मेंद्र गेहानि, कृष्ण सोलंकी, पंकज सिंह, मंगल परिहार, एडवोकेट राहुल राजपुरोहित, एडवोकेट गौरव भाटी, एडवोकेट दिनेश चौहान, ललित सोनी, श्याम सुंदर शर्मा, पवन वैष्णव, अनिल तिवाड़ी (राज सा), वीरेंद्र शर्मा सहित कई अन्य ग्रुप कार्यकर्ता लगातार तैयारी में जुटे हुए हैं। उन्होंने पोस्टर विमोचन के साथ ही इस भव्य कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है।

यह भव्य संगीतमय सुंदरकांड पाठ हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है और ग्रुप द्वारा उम्मीद की जा रही है कि इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
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80 साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए युवा पीढ़ी करेगी "श्लील गाली गायन" की प्रस्तुति

चंचल कुमार दवे और स्वर्गीय विश्वेश्वर दत्त व्यास को मिलेगा लाइफ़ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

जोधपुरश्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा एक अनोखे आयोजन की तैयारी की जा रही है। 15 मार्च 25 शनिवार को शिवबाड़ी स्थित समाज भवन (चांदपोल के बाहर) में "श्लील गाली गायन" कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। समाज अध्यक्ष महेन्द्र बोहरा और मंत्री नरेंद्र राज बोहरा ने बताया कि यह कार्यक्रम मारवाड़ की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि 80 से भी अधिक वर्षों से होली के त्यौहार पर श्रीमाली ब्राह्मण समाज में यह परंपरा चली आ रही है। इस वर्ष युवा पीढ़ी इस परंपरा को नया रूप देती हुई "श्लील गाली गायन" में नई गालियों का समावेश करेगी और उन्हें संगीतबद्ध करके प्रस्तुत करेगी। रमेश बोहरा, जितेन्द्र राज जोशी, गोपाल भट्ट, प्रेमदत्त ओझा, धर्मेंद्र बोहरा, विरेन्द्र राज जोशी, संजीव दवे, राजीव जोशी, हेमंत व्यास, सुरेंद्र कुमार त्रिवेदी, प्रेमप्रकाश दवे आदि इस कार्यक्रम के लिए रमन लाल त्रिवेदी और पंडित गोपाल ओझा के निर्देशन में पूरी तैयारी कर रहे हैं।

इस अवसर पर पिछले पचास वर्षों से "गाली गायन" कर रहे  चंचल कुमार दवे और स्वर्गीय विश्वेश्वर दत्त व्यास को उनके योगदान के लिए मरणोपरांत लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन श्रीमाली ब्राह्मण समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है और युवा पीढ़ी में इस परंपरा को जीवित रखने का एक प्रयास है।