जोधपुर में ब्रह्मपुरी पीपलीया चौक पर चल रहे दस दिवसीय गणेश महोत्सव में अन्नकूट महोत्सव का आयोजन
नितिन बोहरा के नेतृत्व में विशेष श्रृंगार और महाआरती का आयोजन, भक्तों ने किया श्रद्धा से पूजन
संजय पंचारिया एण्ड पार्टी द्वारा भजनों की प्रस्तुति, गणेश उत्सव स्थल पर जीवंत झांकियों का प्रदर्शन
गणेश महोत्सव समिति ने सायं आरती के बाद भजन संध्या का रखा है आयोजन, सैन्य इतिहास की प्रमुख घटनाओं के पोस्टर भी होंगे प्रदर्शित
• प्रथम भारत युद्ध (1947)
• द्वितीय भारत-पाक युद्ध (1965)
• बांग्लादेश मुक्ति संग्राम (1971)
• कारगिल युद्ध (1999)
• उरी हमला (2016)
• पुलवामा (2019)
• हाल ही में किया गया ऑपरेशन सिंदूर (2025)
सावन के तीसरे सोमवार को सरदारपुरा में कुंभेश्वर महादेव सेवा समिति ने किया आयोजन, खुशहाली की कामना
ढोल नगाड़ों के साथ निकली यात्रा, महिलाओं ने मंगल कलश धारण कर भजनों से किया माहौल भक्तिमय
400 किलो आम, 1100 पेड़े और 160 मैंगो फ्रूटी का हुआ भोग
अरोड़ा खत्री समाज के भक्तों ने किया मनोरथ
जोधपुर में हुई दीक्षा से गूंजा 'गुरु हीरा की जय' का नारा, संतों ने दी नवदीक्षितों को शुभकामनाएँ
जैन समाज में हर्ष, आचार्य श्री ने बताया समता भाव ही है जीवन का सच्चा मंत्र
जोधपुर। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के दशहरा मैदान में आज सुप्रभात बेला में एक अद्भुत आध्यात्मिक आयोजन हुआ। पूज्य आचार्य भगवंत श्रद्धेय श्री हीराचंद्र जी महाराज साहब, भावी आचार्य प्रवर श्रद्धेय श्री महेंद्र मुनि जी महाराज साहब, और अन्य संत-सती वृन्द के पावन सानिध्य में तीन मुमुक्षु बहिनों ने जैन भागवती दीक्षा ग्रहण की। तीनों मुमुक्षु बहिनें अपने सांसारिक जीवन को त्यागकर, अभिनिष्क्रमण यात्रा के माध्यम से दीक्षा स्थल पर पहुंचीं और आचार्य भगवंत के समक्ष संयम ग्रहण करने के लिए तैयार हुईं।
पुष्पेश्वरनाथ महादेव और माँ पराम्बा का हुआ भव्य श्रृंगार, देर रात तक उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
रुद्राभिषेक, हवन और भजन-कीर्तन से हुआ पाटोत्सव समारोह संपन्न
जोधपुर। चांदपोल चौका, भूतानाडी स्थित ऐतिहासिक पुष्पेश्वरनाथ महादेव मंदिर में 2 जून 2025, सोमवार को भगवान पुष्पेश्वरनाथ महादेव और माँ पराम्बा का पाटोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और देर रात तक दर्शन करने वालों की लम्बी कतारें लगी रहीं।
27 मई को हुआ भव्य आयोजन, 251 किलो मालपुआ का हुआ प्रसाद वितरण
27,000 से ज़्यादा मंत्रो से सिद्ध, भक्तों को मिली निशुल्क शनि मंत्र मुद्रिका
जोधपुर। प्रताप नगर स्थित सदर पुलिस थाने के सामने हनुमान शनिधाम में 27 मई, मंगलवार को शनि जयंती का भव्य आयोजन किया गया। मंदिर के गादीपति पुजारी गोपाल महाराज ने बताया कि समस्त देश में शनि जयंती 27 मई को मनाई गई और इसी कड़ी में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हनुमान शनिधाम मंदिर में धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित किया गया।
आयोजित कार्यक्रम के अनुसार, प्रातः सवा नौ बजे ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके पश्चात् सुबह 10:30 बजे सर्व बाधा निवारण हवन का आयोजन किया गया। दोपहर 12:15 बजे से भक्तों को 251 किलो मालपुआ का प्रसाद वितरण किया गया, जिससे भक्तों में अत्यधिक उत्साह देखा गया। दोपहर 2 बजे से राजेश गुप्ता एंड पार्टी ने भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने सभी भक्तों को भाव विभोर कर दिया।
मंदिर में दर्शन करने आए हज़ारों भक्तों को 27,000 से अधिक शनि मंत्रों से सिद्ध मुद्रिकाएँ निःशुल्क वितरित की गईं। यह कार्यक्रम भक्ति और आध्यात्मिकता से परिपूर्ण रहा और हज़ारों भक्तों ने इसमें भाग लेकर पुण्य अर्जित किया। शनि जयंती महोत्सव की सफलता के लिए मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
27 मई को भव्य महोत्सव, 251 किलो मालपुआ का होगा प्रसाद वितरण
शनि जयंती पम्पलेट का हुआ विमोचन, भक्तों को मिलेंगी निशुल्क सिद्ध मुद्रिकाएँ
जोधपुर। प्रताप नगर स्थित हनुमान शनिधाम में 27 मई, मंगलवार को शनि जयंती का भव्य आयोजन किया जा रहा है। मंदिर के पुजारी गोपाल महाराज ने बताया कि समस्त देश में शनि जयंती 27 मई को मनाई जाएगी और इसी कड़ी में हनुमान शनिधाम में भी हर साल की तरह इस साल भी भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी कडी में महोत्सव के पम्पलेट का विमोचन किया गया।
महोत्सव में कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। कार्यक्रम के अनुसार, 27 मई को प्रातः सवा नौ बजे ध्वजारोहण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसके बाद सुबह 10:30 बजे सर्व बाधा निवारण हवन का आयोजन किया जाएगा। दोपहर 12:15 बजे से भक्तों को 251 किलो मालपुआ का प्रसाद वितरण किया जाएगा। दोपहर 2 बजे से राजेश गुप्ता एंड पार्टी द्वारा भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी जाएगी।
नृसिंह चतुर्दशी पर मंदिरों में उमड़ी भक्तों की भीड़, सुरक्षा के मद्देनज़र कुछ बदलाव
मोती चौक स्थित मंदिर में 15वाँ वार्षिकोत्सव, गंगश्यामजी मंदिर में सीमित आयोजन
जोधपुर। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी पर रविवार को जोधपुर शहर में भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव धूमधाम से मनाया गया। विष्णु अवतार भगवान नृसिंह के प्राकट्योत्सव पर शहर के सभी प्रमुख नृसिंह मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। मान्यता है कि इसी तिथि पर भगवान विष्णु ने हिरण्यकशिपु का वध कर अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी। यह दिन बुराई पर अच्छाई की विजय और भक्तों की रक्षा के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।
कुलदेवी वरुणार्ची एवं योगेश्वरी माताजी का भव्य आयोजन, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने की सहभागिता
80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों का हुआ सम्मान
जोधपुर। श्रीमाली ब्राह्मण समाज सनकस एवं कश्यप गौत्रीय समिति द्वारा आयोजित कुलदेवी वरुणार्ची एवं योगेश्वरी माता जी का 7वां पाटोत्सव रविवार, 4 मई 2025 को धूमधाम से संपन्न हुआ। यह आयोजन वि.सं. 2082, वैशाख सुदी सप्तमी के शुभ अवसर पर किला रोड स्थित श्री रिक्तेश्वर भैरुनाथ मन्दिर परिसर में आयोजित किया गया था।
समिति अध्यक्ष नंदकिशोर ओझा ने बताया कि प्रातः 11:30 बजे गणेश पूजन, मातृका पूजन और पीठ पूजन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद दोपहर 12:15 बजे ध्वजारोहण किया गया, जिसके बाद 1 बजे अग्नि स्थापना और हवन का आयोजन किया गया। मध्यान्ह 2:30 बजे कुलदेवी का महा अभिषेक संपन्न हुआ। शाम 5:00 बजे यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद सायं 6:15 बजे 80 वर्ष से ऊपर के वृद्धजनों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मांगीलाल व्यास, घनश्याम व्यास, गणपतलाल व्यास, श्रीमती शांता व्यास, श्रीमती पुष्पा त्रिवेदी आदि को माल्यार्पण, शॉल ओढ़ाकर और कुलदेवी की तस्वीर भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह का समापन सायं 7:15 बजे महाआरती के साथ हुआ। रात्रि 8 बजे भव्य महाप्रसादी का आयोजन किया गया।
जोधपुर के खुड़ियाला गांव में नवनिर्मित मंदिर में विधि-विधान से हुई भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा, गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
समाज के सहयोग से बनें मंदिर से मिलेगा संस्कार और शिक्षा का लाभ
जोधपुर। ग्राम खुंडियाला (बालेसर) में आज नवनिर्मित श्री विश्वकर्मा जी के मंदिर में भगवान विश्वकर्मा की भव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का महोत्सव धूमधाम से संपन्न हुआ। इस पवित्र अवसर पर मंदिर में विधि-विधान से मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की गई। शुभ मुहूर्त पर पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ मूर्ति को गंगा जल से स्नान कराया, तिलक लगाया, जनेऊ और वस्त्र पहनाए। इसके बाद जजमानों, भामाशाहों और गणमान्य लोगों ने अपने हाथों से मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया। मंदिर के गुम्बज पर भी पूजा अर्चना की गई, तिलक लगाकर पुष्प चढ़ाए गए, कुंकुम, रोली, चावल और माला अर्पित की गई।
सनकस एवं कश्यप गौत्रीय कुलदेवी योगेश्वरी व वरुणार्ची माताजी का भव्य आयोजन
धूमधाम से मनाया जाएगा पाटोत्सव, वृद्धजनों का भी होगा सम्मान
जोधपुर में चार दिवसीय कार्यक्रम के तीसरे दिन हुआ विशेष पूजन, हवन और शय्याधिवास
वैदिक विद्वानों ने संपन्न किया सांगोपांग विधि-विधान से पूरे अनुष्ठान
100 से अधिक झांकियों ने बिखेरा रंग, हजारों सैन बंधु हुए शामिल
सामाजिक सुधारों पर आधारित झांकियों ने खींचा सबका ध्यान
विशेष झांकियाँ:
सामाजिक संदेश:
शोभायात्रा का मार्ग:
सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच मनाया गया अनूठा धींगा गवर उत्सव; पुरुषों के प्रवेश पर रोक
कांतारा शिव अवतार और दक्षिण भारतीय देवी-देवताओं के स्वांग ने खींचा ध्यान
यह कदम पिछले वर्ष भोलावणी मेले के दौरान महिलाओं के साथ हुई बदसलूकी और छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद उठाया गया। महिलाओं और उत्सव समितियों के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में महिलाओं ने अपनी चिंताएं खुलकर रखीं और बाहरी तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह उत्सव उनकी आस्था और परंपरा से जुड़ा है और बाहरी तत्वों से उनकी आस्था को ठेस पहुंचती है।
सोलह दिवसीय गवर पूजन अनुष्ठान के अंतिम दिन रात भर शहर में मस्ती और उल्लास का माहौल रहा। तीजणियां पुरुषों पर बेंतों से प्रहार करती हुई गवर माता के दर्शनार्थ घरों से निकलीं। इस बार कांतारा फिल्म में दिखाए गए भगवान शिव के तुल्लिका अवतार ने खासा ध्यान खींचा। इसके अलावा, दक्षिण भारत के देवी-देवताओं के भी कई स्वांग देखे गए। अयोध्या रामलला और दक्षिण भारत के देवी-देवताओं, नटराज, राम-हनुमान के स्वांग रचने वाली महिलाएं भी उत्सव का हिस्सा रहीं।
पूरी रात सड़कों पर केवल मातृशक्ति का प्रभुत्व दिखाई दिया। कई स्थानों पर गणगौर माता की प्रतिमाएं विराजमान की गईं, जहां महिलाओं ने दर्शन कर पूजन किया। एक मान्यता यह भी है कि तीजणियों के हाथ की छड़ी जिस कुंवारे युवक पर लगती है, वह जल्द ही विवाह बंधन में बंध जाता है, इसीलिए इसे बेंतमार मेला भी कहा जाता है।
हाथी चौक, चाचा की गली और ब्रह्मपुरी सहित कई स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। जूनी मंडी, पुंगलपाड़ा, सुनारों की घाटी आदि स्थानों पर भी गवर माता की प्रतिमाएं विराजमान की गईं। रात में महिलाओं के समूह विभिन्न देवी-देवताओं के स्वांग रचकर गवर गीत गाते हुए रिश्तेदारों के घरों पर गए। कई मोहल्लों में तीजणियों द्वारा धींगा गवर माता की चार प्रहर में आरती की गई। अंतिम आरती के बाद भोलावणी करके 16 दिन के पूजन का समापन हुआ।
चाचा की गली में धींगा गवर महोत्सव समिति के अध्यक्ष अनिल गोयल और महासचिव रतन पुरोहित ने बताया कि इस बार छह फीट की गवर माता विराजमान की गई। हाथी चौक में गवर माता को सोने के आभूषणों से सजाया गया। श्रीमाली ब्राह्मण समाज द्वारा आयोजित सोलह दिवसीय सामूहिक गणगौर पूजा में कई महिलाओं को पुरस्कृत भी किया गया।
धींगा गवर मेले के दौरान पुलिस का भारी जाब्ता तैनात रहा। महिला पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों के अलावा कालिका पेट्रोलिंग यूनिट की महिला सिपाही भी गश्त पर रहीं। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पूर्व) वीरेन्द्रसिंह राठौड़ ने बताया कि बाहरी युवकों और पुरुषों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए परकोटे पर नाके लगाए गए थे। महिलाओं को सिर्फ बेंत ले जाने की अनुमति दी गई, बैसबॉल बैट ले जाने पर रोक लगाई गई और शराब पीने वालों की जांच के लिए ब्रेथ एनालाइजर का इस्तेमाल किया गया।
जोधपुर के विभिन्न मोहल्लों में धींगा-गंवर की पूजा का आयोजन, परकोटे के बाहर भी दिखा उत्साह का अद्भुत नजारा
मसूरिया क्षेत्र में महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में किया पूजन
जोधपुर। शहर में आज गणगौर का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। शहर के भीतरी क्षेत्र के परकोटे के अंदर स्थित विभिन्न मोहल्लों में तो धींगा-गंवर की पूजा का उत्साह चरम पर है, लेकिन ख़ास बात ये है कि इस वर्ष परकोटे के बाहर के क्षेत्रों में भी तीजणियों का जोश देखते ही बन रहा है। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर गणगौर माता की पूजा अर्चना की और गीतों के साथ उल्लास मनाया।
गवर माता की भव्य शोभायात्रा ने जोधपुर को किया मस्ती से सराबोर
पुष्पा-2 से लेकर लव जिहाद तक, झांकियों ने खींचा सबका ध्यान
जोधपुर। शहर चैत्र शुक्ल तृतीया गणगौर तीज के पश्चात् पीहर प्रवास से लौटी गवर माता की भोळावणी का सोमवार को भव्य आयोजन हुआ। सौभाग्य, सुहाग और सौहार्द के प्रतीक इस पर्व में शहरवासियों का उत्साह देखते ही बनता था। शाम को सजे-धजे शहर में शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें गवर प्रतिमाओं को जल अर्पण करने के बाद विदाई दी गई।
आकर्षक झांकियाँ:
सोने से लदे फगड़ा:
सिटी पुलिस फगड़ा-घुड़ला कमेटी की ओर से फगड़ा बने माधव सोनी ने लगभग ढाई किलो सोने के आभूषण पहने हुए थे। वहीं, खाण्डा फलसा गणगौर समिति की ओर से मूक-बधिर संघ के सदस्य महेश बोराणा ने महिला वेश में 40 तोला सोने के आभूषण और 8 किलो की सुहाग पोशाक पहनी थी। भवानी कच्छवाहा ने भी महिला का स्वांग रचा।
450 से अधिक झांकियाँ, ओडिशा-आंध्रप्रदेश के लोक कलाकारों का जलवा, पर्यावरण व सामाजिक समरसता का संदेश
केन्द्रीय मंत्री सहित गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ भव्य आयोजन
जोधपुर। विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित रामनवमी महोत्सव समिति ने रविवार को जोधपुर में एक भव्य रामनवमी शोभा यात्रा का आयोजन किया। सुबह 10 बजे घंटाघर से शुरू हुई इस शोभायात्रा में 450 से अधिक झांकियों ने शहर को राममय बना दिया। भगवान श्रीराम के जयकारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा।
केरू आदर्श स्कूल से शुरू हुई शोभायात्रा गांव के प्रमुख स्थलों से होती हुई पुनः वहीं आकर संपन्न हुई, जिसमें शामिल हुए प्रमुख गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी।
धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम
जोधपुर। रविवार को रामनवमी के पावन पर्व पर केरू गांव में अद्भुत और भव्य रामनवमी शोभायात्रा का आयोजन किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने इस शोभायात्रा में भाग लेकर भगवान राम के प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा का प्रदर्शन किया। शोभायात्रा की शुरुआत केरू आदर्श स्कूल से हुई और श्रीराम स्कूल, मुख्य बाजार, संस्कृत स्कूल और रामद्वारा होते हुए पुनः आदर्श स्कूल पर आकर समापन हुआ।



















