Grand Vijayadashami celebration of RSS: Historical march with the resolution of centenary year. RSS का भव्य विजयादशमी उत्सव: शताब्दी वर्ष का संकल्प

चाँदपोल बस्ती में शस्त्र पूजन और असत्य पर सत्य की जीत का पर्व, 12 अक्टूबर 2025 को होगा भव्य आयोजन

संघ की 100 वर्षों की अखंड साधना का प्रतीक, महाराणा प्रताप शाखा, गौर का मैदान से निकलेगा भव्य संचलन

जोधपुर। देश भर में सामाजिक और सांस्कृतिक उत्थान के लिए कार्यरत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) इस वर्ष विजया दशमी उत्सव को एक विशेष ऐतिहासिक संदर्भ में मना रहा है। जोधपुर के पुराना शहर नगर स्थित चाँदपोल बस्ती में यह आयोजन, संघ की 100 वर्षों की अखण्ड साधना के शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जाएगा, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

जोधपुर शहर अब एक भव्य धार्मिक और सामाजिक आयोजन का साक्षी बनने वाला है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), अपनी गौरवशाली परंपरा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ, चाँदपोल बस्ती में विजयादशमी उत्सव एवं शस्त्र पूजन का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन इस वर्ष संघ के शताब्दी वर्ष के रूप में विशेष महत्व रखता है, जहां दशकों से चला आ रहा राष्ट्र-सेवा का संकल्प और भी दृढ़ता से दोहराया जाएगा।

उत्सव की तिथि और समय:

यह पावन मंगल पर्व आज 12 अक्टूबर 2025, रविवार को आयोजित किया जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि होगी। कार्यक्रम का शुभारंभ सायं 5:00 बजे से होगा, जिसमें सभी स्थानीय नागरिक और स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।

आयोजन स्थल और आकर्षण:

मुख्य कार्यक्रम महाराणा शाखा, गौर का मैदान, चाँदपोल के बाहर, जोधपुर में आयोजित किया जाएगा। इस उत्सव में शस्त्र पूजन की प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया जाएगा, जो धर्म, न्याय और सत्य की रक्षा के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। शस्त्र पूजन के उपरांत, चाँदपोल बस्ती के भीतर एक भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया है। यह पथ संचलन संघ के स्वयंसेवकों के अनुशासन, समर्पण और समाज में एकता का संदेश लेकर आगे बढ़ेगा।

संघ का शताब्दी वर्ष और विजयादशमी का महत्व:

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पिछले 100 वर्षों से भारतीय समाज को संगठित करने और एक सशक्त, समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में निरंतर प्रयासरत है। विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की, अधर्म पर धर्म की, अन्याय पर न्याय की, अज्ञान पर ज्ञान की, दुराचार पर सदाचार की और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक है। इस वर्ष, जब संघ अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है, यह उत्सव इन आदर्शों को और भी गहराई से स्थापित करने का माध्यम बनेगा। संघ का यह मानना है कि एक संगठित और नैतिक समाज ही एक मजबूत राष्ट्र की नींव रख सकता है।

संघ का निमंत्रण:

इस महत्वपूर्ण अवसर पर, चाँदपोल बस्ती के सभी महानुभावों को सपरिवार सादर आमंत्रित किया गया है। आयोजकों ने सभी से इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने और राष्ट्रीय भावना के इस अद्वितीय प्रदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का आह्वान किया है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि यह समाज को एक सूत्र में पिरोने और राष्ट्र प्रेम की भावना को जागृत करने का भी एक सशक्त माध्यम बनेगा।

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