Nurses' agitation by tying black bands continues for the second day, protest against tender recruitment.काली पट्टी बांधकर नर्सेज का आंदोलन 2 दिन जारी।

जोधपुर के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में नर्सेज ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करते हुए स्थायी भर्ती की मांग

संघर्ष समिति ने कहा, "भर्ती रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा," आम लोगों का भी मिल रहा है समर्थन

जोधपुरराजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जोधपुर शहर के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया के नेतृत्व में 302 निविदा नर्सिंग कर्मियों की भर्ती के खिलाफ आंदोलन का दूसरा दिन भी जारी रहा। मेडिकल कॉलेज जोधपुर के अधीन सभी अस्पतालों की नर्सों ने काली पट्टी बांधकर अपनी नाराजगी व्यक्त की और प्रदर्शन करते हुए काम किया।

संघर्ष समिति के संयोजक सुरेन्द्र चौधरी ने बताया कि सभी अस्पतालों में प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार किया जा रहा है। महात्मा गांधी अस्पताल, मथुरादास माथुर अस्पताल, उम्मेद अस्पताल, कमला नेहरू अस्पताल और अन्य जगहों पर नर्सेज ने एकजुट होकर इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।

सह संयोजक जगदीश जाट ने कहा कि निविदा भर्ती के मुद्दे पर उनका आंदोलन धरातल पर और मजबूत होगा। काली पट्टी के साथ गेट मीटिंग, रैली और धरने के साथ सरकारी कार्यों का बहिष्कार किया जाएगा। उप संयोजक बसंत रॉयल ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह प्रकरण प्राचार्य के संज्ञान में आने के बाद निविदा भर्ती को रद्द किया जाना चाहिए, अन्यथा महाविद्यालय की छवि को नुकसान होगा।

अध्यक्ष विजेंद्र सिंह मेड़तिया ने दावा किया कि पेरामेडिकल संगठन भी इस आंदोलन में अपना योगदान दे रहा है और उन्होंने सरकार से स्थायी भर्ती की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक होता है तो एक दिवसीय सामूहिक अवकाश भी लिया जा सकता है।

नर्सेज का मानना है कि इस निविदा भर्ती के जरिए धीरे-धीरे स्थायी पदों को समाप्त किया जा रहा है और निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। नर्सेज का यह आंदोलन सामूहिक एकता और स्थायी भर्ती की आवश्यकता को उजागर करता है।

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