श्री माध्वेश्वरनाथ महादेव मंदिर में लघु रुद्राभिषेक, बाबा बर्फानी के दर्शन, 108 ज्योत से महाआरती
सावन महोत्सव में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, श्रीमाली ब्राह्मणों ने किया रुद्राभिषेक, महाप्रसादी का हुआ आयोजन
शिव ब्यावला में गूंजा 'बंब बंब भई बंब भोला', शिव पार्वती के जयमाला का हुआ कार्यक्रमजोधपुर। ब्रह्मपुरी स्थित अति प्राचीन स्वयंभू श्री माध्वेश्वरनाथ महादेव मंदिर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सावन महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रीमाली ब्राह्मणों द्वारा लघु रुद्राभिषेक किया गया।
विक्रान्त दवे व अनिल दवे ने बताया कि दो दिवसीय कार्यक्रम के दूसरे दिन लगभग 51 श्रीमाली ब्राह्मणों द्वारा अभिजीत मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार से लघु रुद्राभिषेक किया गया। इस अवसर पर राघवनाथ जी महाराज घाटीनाथ महादेव मंदिर ओसियां के सानिध्य में पं. बिहारीलाल शर्मा, पं. सत्यनारायण दवे, पं. नरनारायण बोहरा सहित अनेक विद्वान पंडितों ने शिव भक्तों को रुद्राभिषेक करवाया।
दोपहर 4 बजे श्रीमाली ब्राह्मणों का सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जिसमें उन्हें दुपट्टा ओढ़ाकर, साफा पहनाकर और बहुउपयोगी पॉकेट बैग भेंट किए गए। श्रीमाली ब्राह्मण समाज विकास संस्थान हरिद्वार के अध्यक्ष रमेश घोष ने ऑनलाइन उपस्थित होकर श्री माधवेश्वर महादेव के दर्शन किए और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए साधुवाद दिया।
शाम 7.30 बजे 108 ज्योति से महाआरती हुई, जिसके बाद महाप्रसादी का भव्य आयोजन किया गया। सावन महोत्सव के अंतर्गत मंदिर को दुल्हन की तरह सजाकर भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया गया और शिव भक्तों को बाबा बर्फानी के दर्शन करवाए गए।
इस अवसर पर संजय बोहरा, घर्मांशु बोहरा, एडवोकेट पुष्पेन्द्र त्रिवेदी, विक्रान्त दवे, एडवोकेट महेश ओझा, पार्षद सुष्मिता ओझा सहित श्रीमाली ब्राह्मण समाज के गणमान्य बंधु, युवा वर्ग एवं महिला मंडल के सदस्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर ब्रह्मपुरी भागीपोल की घाटी पर स्थित श्री पंथेश्वर महादेव मंदिर से ढोल थाली के साथ शिव पार्वती की शोभा यात्रा निकाली गई, जिसका मार्ग में पुष्प वर्षा से भव्य स्वागत किया गया। रात्रि 8.15 बजे श्री माधवेश्वरनाथ महादेव मंदिर में शिव ब्यावला श्री बैजनाथ ब्यावला भजन मंडली द्वारा किया गया। शिव ब्यावला में शिव पार्वती, नंदी, गणों सहित आकर्षक झांकी विराजमान हुई, और पुष्प वर्षा के साथ शिव पार्वती के जयमाला का कार्यक्रम भी किया गया, जिसमें क्षेत्रवासियों ने बढ़चढ़ कर भागीदारी निभाकर पुण्यलाभ कमाया।

Post A Comment:
0 comments: