Murder of minor children: 'Kalyugi Dada' arrested within 12 hours. नाबालिग बच्चों की हत्या: 12 घंटे में गिरफ्तार हुआ 'कलयुगी दादा'

नाबालिग बच्चों की हत्या: 12 घंटे में गिरफ्तार हुआ 'कलयुगी दादा'

जोधपुर पुलिस ने नाथद्वारा से किया आरोपी मुकुंद थानवी उर्फ श्याम सिंह भाटी को गिरफ्तार, बच्चों को स्कूल ले जाने के बहाने की थी हत्या

जिन मासूम बच्चों ने दादा समझ कई सालों तक सेवा की उसी कलयुगी दादा ने की बच्चों की निर्मम हत्या

जोधपुर। बोरानाडा इलाके में हुए एक दिल दहला देने वाले मामले में पुलिस ने नाबालिग बच्चों की हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर ही अपहरण और हत्या के आरोपी मुकुन्द थानवी उर्फ श्याम सिंह भाटी को नाथद्वारा से दबोच लिया। यह घटना 24 जनवरी को हुई थी, जब दो नाबालिग बच्चे, तमन्या और शिवापाल, स्कूल जाते समय लापता हो गए थे।  

घटना का विवरण:

प्रदीप पाल ने 25 जनवरी को बोरानाडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बच्चों को श्याम सिंह भाटी स्कूल ले जाने के बहाने अपने साथ ले गया था और तब से वे घर नहीं लौटे है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए  तलाशी अभियान शुरू किया। तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस को श्याम सिंह भाटी के बोरानाडा स्थित किराये के मकान (मकान संख्या 165/01, स्वरूप नगर) पर संदेह हुआ। मकान का ताला तोड़कर तलाशी लेने पर मकान के अंदर दोनों बच्चों के शव पंखे के हुक से लटके हुए मिले। श्याम सिंह भाटी मौके पर नहीं था। एफएसएल टीम ने साक्ष्य एकत्रित किए, घटनास्थल की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की गई और शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।

पुलिस आयुक्त जोधपुर, राजेन्द्र सिंह और पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम, राजर्षि राज के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोधपुर पश्चिम, निशान्त भारद्वाज और सहायक पुलिस आयुक्त, वृत्त बोरानाड़ा, आनन्दसिंह राजपुरोहित के सुपरविजन में  एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम का नेतृत्व थानाधिकारी बोरानाडा, शकील अहमद ने किया। टीम में जिला स्तर और थाना स्तर के अधिकारी शामिल थे, जिसमें  उप निरीक्षक पिन्टु कुमार (डीएसटी प्रभारी) और हैड कांस्टेबल प्रेम चौधरी (साइबर सेल प्रभारी) प्रमुख थे।

पाली शहर में मिले सुराग और श्याम सिंह भाटी के मोबाइल लोकेशन के आधार पर, डीएसटी प्रभारी पिन्टु कुमार, हैड कांस्टेबल गंगासिंह, कांस्टेबल नरेन्द्रसिंह, मोतीलाल और भंवरलाल ने 200-300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और पारंपरिक पुलिसिंग तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए मुल्ज़िम को नाथद्वारा में दस्तयाब किया।  गिरफ्तारी के बाद मुल्ज़िम से पूछताछ जारी है। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है और पुलिस की तेज कार्रवाई की व्यापक प्रशंसा हो रही है।

घटना का दिल दहला देने वाला पहलू:

जांच में पता चला कि आरोपी मुकुन्द थानवी उर्फ श्याम सिंह भाटी पिछले पंद्रह सालों से प्रदीप पाल के साथ एक चूड़ी फैक्ट्री में काम कर रहा था। हालांकि, उसने अपनी असली पहचान छुपा रखी थी और फर्जी नाम श्याम सिंह भाटी के नाम से काम कर रहा था। उसने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाता भी बनवा रखा था। करीब एक साल पहले उसने प्रदीप पाल के साथ मिलकर एक अलग चूड़ी का व्यवसाय भी शुरू किया था और उनके साथ ही रहता था। लगभग 20-25 दिन पहले दोनों के बीच अनबन हुई थी, जिसके बाद प्रदीप पाल अपनी पुरानी फैक्ट्री में वापस काम करने लगा। लेकिन मुकुन्द थानवी  प्रदीप पाल और उसके बच्चों के संपर्क में बना रहा। 24 जनवरी की सुबह उसने बच्चों को स्कूल छोड़ने के बहाने अपने किराए के मकान पर ले जाकर उनकी हत्या कर दी और शवों को फांसी पर लटका दिया और मकान का ताला लगाकर फरार हो गया।

गिरफ्तारी और खुलासा:

पुलिस ने मुकुन्द थानवी को नाथद्वारा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि उसका असली नाम मुकुन्द थानवी पुत्र किस्तुरचन्द थानवी है, उम्र 62 साल, और वह फलौदी का रहने वाला है उसके पिता पूर्व में स्कूल में प्रिंसिपल थे। गलत कामों के कारण परिवार ने उसे 20 साल पहले बहिष्कृत कर दिया था, जिसके बाद वह जोधपुर आकर रहने लगा और फर्जी नाम से काम करने लगा। वह बीते 20 सालों से जोधपुर में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि मुल्जिम शातिर किस्म का है और पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने एक झूठा सुसाइड नोट भी छोड़ा था। पाली से पुलिस की बेसिक पुलिसिंग के जरिए नाथद्वारा जाकर उसे गिरफ्तार किया गया। मामले में हत्या के संबंध में विस्तृत जांच जारी है। मुकुन्द शातिर किस्म का अपराधी है और पुलिस को उसके खिलाफ कई और खुलासे होने की उम्मीद है।

कार्यवाही में शामिल पुलिस टीमें:

इस सफल ऑपरेशन में पुलिस थाना बोरानाड़ा, जिला विशेष टीम जोधपुर पश्चिम, साइबर सेल जोधपुर पश्चिम और अन्य सहयोगी टीमों ने अहम भूमिका निभाई।

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