पांच वर्षीय अपहर्ता बालिका को 24 घण्टे में किया बरामद
जोधपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो अपहरणकर्ता रतनराम उर्फ रवि उर्फ रतिया व श्रवण उर्फ शनी गिरफ्तार
अपहर्ता बालिका को बरामद करने वाले पुलिस टीम को पुलिस उपायुक्त जोधपुर पश्चिम राजर्षि राज द्वारा पुरस्कृत कर हौंसला अफजाई की गई।
घटना का विवरण:
धर्मेन्द्र पुत्र रामसिंह उर्फ रामजीत ने पुलिस थाना बासनी में एक रिपोर्ट दर्ज कराई। धर्मेन्द्र ने पुलिस को बताया कि मैं व मेरा परिवार सांगरिया बाईपास सङक के किनारे झोपड़ी में रहते है। मैं कमठे पर मजदुरी करता हूँ। दिनांक 24.01.2025 को मैं कमठै की मजदुरी पर गया हुआ था पीछे झोपडी पर मेरी पत्नी सपना व मेरी तीन पुत्रीयां मोनिका उम्र 10 वर्ष, लक्ष्मी उम्र 07 वर्ष, खुशबु उम्र 05 वर्ष व छोटा पुत्र करन उम्र 01 वर्ष थे। मैं मजदुरी से शांम को 6 बजे झोपडी पर आया तब मेरी पत्नी ने बताया कि आज दिन में करीब 11 या 12 बजे के आस पास झोपडी पर श्रवण व रवि बोतले चुगने वाले लडके झोपडी पर आये थे, फिर वो दोनो बच्ची खुशबु उम्र 5 वर्ष को चीज दिलाने का कहकर साथ लेकर गए थे, जो अभी तक वापस नही आए है। तब हमने मेरी बच्ची खुशबु व दोनो लडको की काफी तलाश की तलाश करने पर भी पता नंही चला। इस पर थाना बासनी में धारा 137 (2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया ।
पुलिस की कार्यवाही:
बरामदगी और गिरफ्तारी:
लगातार प्रयासों के बाद, टीम ने महज़ 24 घंटों के अंदर, घण्टाघर, जोधपुर से अपहृत बालिका खुशबू को बरामद कर लिया। बालिका रतनराम उर्फ रवि उर्फ रतिया के कब्जे से मिली। रतनराम उर्फ रवि उर्फ रतिया पुत्र देवाराम, जाति बावरी, उम्र 29 वर्ष, निवासी सांगरिया गांव, सरकारी क्वार्टर, पुलिस थाना विवेक विहार, जोधपुर आयुक्तालय का रहने वाला है। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसने अपने भाई श्रवण उर्फ सनी के साथ मिलकर बालिका का अपहरण भीख मांगने के उद्देश्य से किया था। श्रवण उर्फ सनी पुत्र देवाराम, जाति बावरी, उम्र 20 वर्ष, निवासी सांगरिया गांव, सरकारी क्वार्टर, पुलिस थाना विवेक विहार, जोधपुर आयुक्तालय को भी 26 जनवरी 2025 को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद बालिका को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है।
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