Youth of 36 Kom set an example of humanity, collected Rs 6,35,800 in 8 days.36 कोम के युवाओं ने पेश की इंसानियत की मिसाल, 8 दिन में जुटाए 6,35,800 ₹

सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दलाराम देवासी के परिवार के लिए एकजुट होकर की गई मदद, समाज ने दिखाई एकता की मिसाल

फौजी भाइयों और ग्रामीणों की मेहनत से संभव हुआ आर्थिक सहयोग, भावुक माहौल में पीड़ित परिवार को सौंपी गई राशि

देवासी के परिवार की मदद के लिए सोशल मीडिया पर चली आर्थिक सहयोग की मुहिम

जोधपुर36 कोम के युवाओं ने एकता और मानवता की मिसाल पेश करते हुए केवल 8 दिन में 6,35,800 रुपये की राशि एकत्रित की। यह राशि पूर्व में एक सड़क हादसे में दिवंगत दलाराम देवासी के परिवार को समर्पित की गई, जो अपने परिवार का भरण-पोषण भेंड-बकरियां चराकर करते थे।

23 सितंबर को खेजड़ला -बिरावास सड़क मार्ग पर अज्ञात वाहन की टक्कर से रणसीगांव निवासी दलाराम (27) पुत्र सियाराम देवासी की मौत हो गई थी। इस सड़क हादसे ने  परिवार का सहारा छीन लिया। उनके निधन से उनके परिवार पर दुख और आर्थिक संकट का पहाड़ टूट पड़ा। दलाराम के पीछे उनकी छह साल की बड़ी बेटी, तीन साल का एक बेटा और मात्र आठ महीने की दूसरी छोटी बच्ची है।

डॉ. सुखराम रायका के अनुसार, इस घटना ने राईका समाज को झकझोर दिया। समाज के फौजी भाइयों और 36 कोम के युवाओं ने मिलकर सोशल मीडिया पर आर्थिक सहयोग की एक मुहिम चलाई। इस मुहिम का समन्वय सहरद पर तैनात फौजी भाइयों ने किया, जिन्होंने इसे सुव्यवस्थित करके लोगों को एकजुट किया।

यहां उल्लेखनीय है कि केवल 8 दिन में इस मुहिम ने अकल्पनीय सफलता प्राप्त की, जिसमें 6,35,800 रुपये की राशि एकत्रित की गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह एक अद्वितीय उदाहरण है, जो दिखाता है कि कठिन समय में 36 कोम की एकता किसी भी संकट को आसान बना सकती है।

जुटाई गई राशि को पीड़ित परिवार को समाज के वरिष्ठजनों और ग्रामीणों की उपस्थिति में सौंपी गई। इस अवसर पर माहौल बहुत भावुक था। इस नेक काम में श्री वीर हड़मल जी रायका इतिहास एवं संस्कृति संरक्षण संस्था और परवाड़ा सेवा संस्था आल रायका समाज ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस घटना ने हमें यह सिखाया है कि जब हम एकजुट होते हैं, तो हम किसी भी संकट का सामना कर सकते हैं। 36 कोम के युवाओं की इस पहल से न केवल दलाराम के परिवार को सहायता मिली, बल्कि पूरे समाज में एकता और सहयोग की भावना भी जागृत हुई।

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