चार साल पुराने मामले में रातानाडा थाने के तत्कालीन एसएचओ लीलाराम समेत पांच पुलिसकर्मी हैं आरोपी, सीबीआई क्राइम ब्रांच के डीएसपी मोहिंदर सिंह कर रहे हैं निगरानी

13 अक्टूबर 2021 को हुआ था एनकाउंटर, 9 जनवरी 2025 को सीबीआई ने दर्ज की थी एफआईआर, गहलोत सरकार ने लिखा था सीबीआई जांच के लिए पत्र

13 अक्टूबर 2021 के एनकाउंटर की पुनः जांच के लिए सीबीआई की टीम पहुंची जोधपुर

शुरूआती कार्रवाई में आरोपियों से की गई बातचीत, नए सिरे से चल रही है जांच

जोधपुरजोधपुर में हुए विवादित एनकाउंटर मामले की जांच कर रही सी.बी.आई. की टीम ने आज सुबह फिर से जोधपुर पहुंचकर लवली कंडारा एनकाउंटर का सीन रिक्रिएट किया। यह जांच करीब चार सालों बाद फिर से उठाई गई है, जो प्रमुखता से चर्चा में है।

यह मामला 13 अक्टूबर 2021 की रात से संबंधित है, जब रातानाडा थाने के तत्कालीन एसएचओ लीलाराम की टीम ने मुठभेड़ के दौरान लवली कंडारा को गोली मार दी थी। लवली कंडारा एक हिस्ट्रीशीटर था और उसकी हत्या के बाद से यह मामला विवादों में रहा है।

सीबीआई ने इस मामले में 9 जनवरी 2025 को एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में रातानाडा थाने के तत्कालीन एसएचओ लीलाराम, कॉन्स्टेबल जितेंद्र सिंह, किशन सिंह, विश्वास और गनमैन अंकित को आरोपी बनाया गया है। CBI क्राइम ब्रांच के डीएसपी मोहिंदर सिंह इस जांच की निगरानी कर रहे हैं।

एफआईआर दर्ज होने के बाद, 28 जनवरी 2025 को CBI ने लवली कंडारा के परिजनों से बातचीत की थी, जिसमें टीम ने करीब दो घंटे तक पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब तत्कालीन गहलोत सरकार ने 31 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध किया। इसके बाद 29 नवंबर 2024 को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस जांच के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया, हालांकि पहले 27 अप्रैल 2022 को केंद्र ने इसे CBI जांच के लायक नहीं माना था।

अब देखना यह है कि सीबीआई की यह नई जांच किस दिशा में जाती है और जोधपुर में हुए इस विवादित एनकाउंटर से जुड़ी सच्चाई कब सामने आती है।

Post A Comment:

0 comments: