संत 
महामंडलेश्वर सोमेश गिरी महाराज ने शहीदों के बलिदान को अविस्मरणीय बताया, केंद्र सरकार से की खेजडली शहीदों को राष्ट्रीय धरोहर में शामिल करने की अपील

श्री गुरु जंभेश्वर वन्य जीव सेवा संस्थान ने आयोजित किया दीप जलाने का कार्यक्रम, पौधारोपण और पॉलिथीन मुक्त अभियान का ऐलान

जोधपुरखेजडली शहीदों की याद में श्री गुरु जंभेश्वर वन्य जीव सेवा एवं पर्यावरण विकास संस्थान और अखिल भारतीय विश्नोई कमांडो फोर्स के तत्वाधान में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में संत महामंडलेश्वर सोमेश गिरी महाराज के सान्निध्य में नई सड़क चौराहे पर 363 दीपक जलाए गए और 5 मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

संत महामंडलेश्वर सोमेश गिरी महाराज ने इस अवसर पर कहा कि 363 शहीदों का बलिदान दिवस एक अनोखी मिसाल है और यह घटना पूरी दुनिया के लिए अविस्मरणीय है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि खेजडली शहीदों को राष्ट्रीय धरोहर में शामिल किया जाए ताकि उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जा सके।

संस्थान के प्रदेश अध्यक्ष पुखराज खेडी ने इस अवसर पर बताया कि श्रीगुरु जंभेश्वर के बताए गए नियमों के अनुसार हमें पेड़-पौधों और वन्य जीवों के लिए अपने प्राणों को न्योछावर करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि 1730 में भादवा सुदी दशमी के दिन मेहरानगढ़ के निर्माण के लिए हरे वृक्षों की कटाई की गई थी, जिसका विरोध 84 गांव के विश्नोई समाज के लोगों ने किया था।

जब राज दरबारी ने वृक्षों की कटाई बंद नहीं की, तो मां अमृता देवी के नेतृत्व में 294 पुरुष और 69 महिलाओं ने अपने प्राणों की आहुति दी। इस बलिदान ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक नई चेतना जागृत की।

संस्थान के जिला अध्यक्ष राजवीर जाणी ने बताया कि कल शहीदों की याद में पौधारोपण कार्यक्रम और खेजड़ली मेले में पॉलिथीन मुक्त अभियान चलाया जाएगा। श्रद्धांजलि सभा में किशन ऐकलखोरी, बाबू भाई रावर, श्री राम साहू सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

Post A Comment:

0 comments: