अखिल भारतीय नववर्ष महोत्सव समिति और आलोक संस्थान ने बिजोलाई आश्रम में किया सम्मानित, संतों का कार्य संसार में अच्छाई फैलाना और सच्चाई बताना है - डॉ. कुमावत

आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने की अध्यक्षता, मेवाड़ी पगड़ी और विक्रम गौरव सम्मान से किया सम्मानित, समाज कल्याण और अध्यात्म की सेवा के लिए समर्पित है सोमेश्वरगिरी महाराज का जीवन

जोधपुर कायलाना तखतसागर की पहाड़ियों के मध्य स्थित प्राचीन बिजोलाई बालाजी मंदिर प्रांगण में अखिल भारतीय नववर्ष महोत्सव समिति एवं आलोक संस्थान उदयपुर संयुक्त तत्वावधान में रविवार को महामंडलेश्वर सोमेश्वरगिरी महाराज को विक्रम गौरव सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया गया। जूना अखाड़ा के महंत को यह सम्मान भारतीय संस्कृति, अध्यात्म एवं सनातन धर्म की अलख जगाने के लिए दिया गया।

सम्मान समारोह की अध्यक्षता आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने की। उन्होनें महामंडलेश्वर सोमेश्वरगिरी महाराज को विक्रम गौरव सम्मान से सम्मानित करते हुए कहा कि संत उस व्यक्ति को कहते है जो सत्य और आत्मज्ञानी होते है। ऐसे संत ही जीवन की सही कहानी और सच्चाई बताने का काम करते है। उन्होनें कहा कि संतों का कार्य संसार में अच्छाई फैलाना लोगों को धैर्य सिखाना और ईश्वर की ओर ले जाना होता है।

कुमावत ने कहा कि विक्रम गौरव सम्मान राष्ट्रीय स्तर पर अध्यात्म, संस्कृति और समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विभूतियों को दिया जाता है। वर्ष 2025 में संस्थान ने सर्वसहमति महामंडलेश्वर सोमेश्वरगिरी महाराज को यह सम्मान देने का निर्णय लिया।

उन्होनें कहा कि सोमेश्वरगिरी महाराज ने अपने जीवन को समाज कल्याण और अध्यात्मि की सेवा के लिए समर्पित किया है। विशेषकर बिजोलाई आश्रम के माध्यम से आपने वर्षों से समाज को दिशा देने, आध्यात्मिक साधना, ध्यान और मानवीय मूल्यों को जन जन तक पहुंचाने का कार्य किया है। आपके मार्गदर्शन से अनेक युवाओं ने जीवन की नकारात्मकताओं से बाहर निकल कर सकारात्मकताओं की ओर सेवा का मार्ग चुना है। सम्मान समारोह में आलोक संस्थान की ओर से सोमेश्वरगिरी महाराज को मेवाड़ी पगड़ी, विक्रम गौरव सम्मान प्रदान कर सम्मनित किया गया।

प्रारंभ में आलोक संस्थान के कमलेन्द्रसिंह पंवार ने संस्थान का परिचय दिया। समारोह का संचालन विजय सिंह मेड़तिया ने किया और मधु बनर्जी ने आलोक संस्थान टीम का आभार प्रकट करते हुए उपस्थित गुरू परिवार सदस्यों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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