दिल्ली से जोधपुर आ रही ट्रेन में हुई वारदात, 2 लाख से ज्यादा का सामान और जरूरी दस्तावेज गायब
जयपुर से निकलने के बाद पता चला सामान गायब होने का, जीआरपी ने दर्ज की बगैर नंबर की एफआईआर
जोधपुर। दिल्ली से जोधपुर आ रही मंडोर एक्सप्रेस में रात को विदेशी पर्यटकों के दो बैग चोरी हो गए। खास बात यह है कि पर्यटक फर्स्ट एसी के डिब्बे में यात्रा कर रहे थे, जिसे सबसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन वहां भी चोरों ने इस परिवार को निशाना बना लिया।
इस घटना से रेलवे अधिकारी भी हैरान हैं। जीआरपी पुलिस की टीमें पड़ताल में जुट गई हैं। यात्रियों के सुबह जोधपुर पहुंचने पर यहां राजकीय रेलवे पुलिस थाने में प्राथमिकी दी गई। पुलिस ने पांच अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए है। बगैर नंबरी एफआईआर दर्ज की गई है। प्रदेश के सभी छोटे बड़े रेलवे स्टेशन पर घटना को लेकर सूचना भेजी गई है।
जानकारी के अनुसार मंडोर एक्सप्रेस बुधवार अलसुबह जब ट्रेन जयपुर से निकली, तब पर्यटकों को पता चला कि उनका सामान गायब है। उन्होंने इसकी सूचना टीटीई को दी, जिसके बाद आरपीएफ के कर्मी मौके पर पहुंचे। ट्रेन के जोधपुर पहुंचने पर सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा विदेशी पर्यटक परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
जीआरपी थाने में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस की टीमें जांच में जुट गई हैं। आशंका है कि चोरी की वारदात जयपुर स्टेशन या दिल्ली से जयपुर के बीच हुई।
पर्यटक परिवार के पास प्रथम श्रेणी में दो कैबिन थे। इनमें से केबिन डी में मां और बेटे सो रहे थे। उसी केबिन से दो बैग चोरी हो गए। इन बैगों में पासपोर्ट व 2100 यूरो की नकदी थी। इसकी कीमत 2 लाख 10 हजार रुपए के बराबर है। इसके अलावा एप्पल एयरपॉड्स, एप्पल पेंसिल, टैबलेट और अन्य जरूरी दस्तावेज भी बैगों में ही रखे थे। ये सब चोरी हो गए। परिवार इटली का रहने वाला था और भारत भ्रमण पर आया था।
इस परिवार ने बताया कि हम सो रहे थे, लेकिन जब उठे तो बैग गायब थे। इनमें हमारे सभी जरूरी कागजात, पैसे और इलेक्ट्रॉनिक सामान थे। जोधपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों ने जीआरपी पुलिस थाने में बिना नंबरी प्राथमिकी दर्ज कराई। जीआरपी और आरपीएफ मामले की जांच में जुट गई है।
सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा ने कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए। यात्री के केबिन का दरवाजा अंदर से खुला था। हमने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर किया जाएगा। भविष्य में किसी भी चाहे विदेशी हो या स्थानीय यात्री किसी के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। जीआरपी और आरपीएफ मिलकर इस मामले की छानबीन कर रही है। जोधपुर में जीआरपी थाने में जीरो नंबर के एफआईआर दर्ज की गई है। कुल पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं और यह एफआईआर जयपुर जीआरपी को भेजी जाएगी।

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