Baba Ramdev Ji's journey: door-to-door communication of ideals. बाबा रामदेव जी की यात्रा: आदर्शों का घर-घर संचार।

15 दिवसीय पंडाल और 9 दिवसीय पदयात्रा का भव्य आयोजन जोधपुर से रामदेवरा तक

सांसी समाज की एकता और रामदेव जी के आदर्शों का प्रचार-प्रसार

जोधपुर श्री बाबा रामदेव सांसी समाज पैदल यात्रा संघ द्वारा आयोजित रामदेव जी की यात्रा धार्मिक आयोजन से परे एक व्यापक सामाजिक और वैचारिक अभियान है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य बाबा रामदेव जी के जीवन मूल्यों, समरसता, स्वच्छता, सेवा और सरल जीवन के आदर्शों को घर-घर तक पहुँचाना है।

गणेश मंदिर, रातानाडा से शुरू हुई इस भव्य यात्रा का नेतृत्व रातानाडा अध्यक्ष चिमनराम पोपावत केरू और भदवासिया अध्यक्ष सुरेंद्र पोपावत चंदलाव ने किया। समाज के सभी वर्गों - वरिष्ठजनों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने बड़ी संख्या में इसमें भाग लिया। भक्तिमय भजनों और समरसता के प्रतीक ध्वजों के साथ यात्रा रातानाडा और भदवासिया क्षेत्र की बस्तियों में गुज़री, जिससे वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ।

नेता अजय सिंह सांसी ने कहा, "यह यात्रा केवल धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि रामदेव जी के क्रांतिकारी चिंतन को आगे बढ़ाने का प्रयास है।" उन्होंने बताया कि जोधपुर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों जैसे बग्गी खाना, भादवासिया, 18 खेड़ो, और अन्य कई गाँवों से लगभग 8000 लोग इस यात्रा में शामिल हुए। यह सांसी समाज की एकता और जागरूकता का प्रतीक है। उन्होंने समाज से आग्रह किया कि रामदेव जी के आदर्शों को केवल सुनने तक ही सीमित न रखें, बल्कि अपने जीवन में उतारें।

रातानाडा और भदवासिया में 15 दिनों तक एक विशेष पंडाल स्थापित रहेगा। यहाँ भजन-संध्या, सत्संग, और सामाजिक चेतना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा, युवा कार्यकर्ताओं द्वारा बनाए गए 46 विशाल ध्वज 15 दिनों तक घरों पर लहराए जाएंगे, जो शक्ति, एकता और मंगल का प्रतीक हैं। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, और अन्य संगठनों ने भी इस यात्रा का स्वागत किया।

15 दिवसीय पंडाल के बाद, 16वें दिन प्रातः 4:00 बजे, 9 दिनों की 'संघ यात्रा' रामदेवरा, पोकरण तक शुरू होगी। यह पदयात्रा समाज की श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक होगी।  अजय सिंह सांसी ने सभी से आग्रह किया कि रामदेव जी के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करें, यही सच्ची भक्ति और समाज सेवा है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव जी के आदर्श ही एक आदर्श समाज की नींव रख सकते हैं और ऐसी यात्राएँ सामाजिक पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम हैं।

Post A Comment:

0 comments: