जोधपुर अनिता चौधरी हत्याकांड: चार्जशीट में गुलामुद्दीन और आबिदा आरोपी
पुलिस ने 30 जनवरी को कोर्ट में दाखिल किया आरोप पत्र; लूट के इरादे से की गई थी हत्या
मुंबई से गिरफ़्तारी के बाद अब चार्जशीट, मोबाइल फ़ोन के सबूतों का इंतज़ार
जोधपुर। देश में चर्चित अनिता चौधरी हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। जोधपुर पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट न्यायालय में पेश कर दी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी गुलामुद्दीन और उसकी पत्नी आबिदा के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। जांच अधिकारी सुनील के. पवार ने निर्धारित समय सीमा के भीतर मामले की गहन जांच के बाद 30 जनवरी को कोर्ट में यह चार्जशीट पेश की। चार्जशीट में गुलामुद्दीन पर अनिता की हत्या कर उसके शव को टुकड़ों में काटने का आरोप है, जबकि आबिदा को इस जघन्य अपराध में सहयोगी बताया गया है। दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
तय समय में चार्जशीट:
मुंबई भागने की कोशिश:
जांच में यह भी सामने आया कि 29 अक्टूबर को गुलामुद्दीन जोधपुर से मुंबई भाग गया था। 3 नवंबर को वह वापस जोधपुर लौटा, लेकिन अखबारों और टीवी चैनलों पर अनिता हत्याकांड की खबरें देखकर वह फिर से भाग गया। सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस ने उसकी गतिविधियों का पता लगाया। मुंबई में नेपाल भागने की उसकी योजना पुलिस के हत्थे चढ़ गई।
मुंबई की सड़कों पर गिरफ्तारी:
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए जोधपुर से एडीसीपी निशांत भारद्वाज के नेतृत्व में एक टीम मुंबई भेजी गई। मुंबई सेंट्रल में लंबी मशक्कत के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान गुलामुद्दीन ने अपना नाम गफ्फार बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पहचान लिया और उसे दबोच लिया।
देर से हुआ पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार:
27 अक्टूबर को अनिता अपने ब्यूटी पार्लर से गुलामुद्दीन के घर गई थी। दो दिन घर ना लौटने पर परिजनों ने थाने में सूचना दी। 30 अक्टूबर को अनिता के फोन की लोकेशन के आधार पर पुलिस गंगाना पहुंची, जहां आबिदा को गिरफ्तार किया गया। खुदाई में अनिता का शव छह टुकड़ों में मिला। इस मामले में जाट समाज का विरोध प्रदर्शन और सीबीआई जांच की मांग हुई थी। शव का पोस्टमार्टम 14 नवंबर को और अंतिम संस्कार 19 नवंबर को हुआ।

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