Jodhpur's painful incident: murder of two innocent people, a story of revenge in friendship जोधपुर का दर्दनाक कांड: दो मासूमों की हत्या।

जोधपुर का दर्दनाक कांड: दो मासूमों की हत्या, दोस्ती में बदला लेने की कहानी

पार्टनरशिप विवाद में उबलता गुस्सा, निर्दोष बच्चों पर टूटा कहर; 24 घंटे में गिरफ्तार हुआ आरोपी श्याम सिंह भाटी

सुसाइड नोट में लिखी बातों ने पुलिस को भी किया स्तब्ध

जोधपुर। दो मासूम भाई-बहन की दर्दनाक हत्या ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। रविवार को बोरानाडा इलाके में मिले इन मासूमों के शवों ने पुलिस को एक बेहद ही सनसनीखेज मामले की ओर धकेल दिया। 24 घंटों के भीतर ही पुलिस ने आरोपी श्याम सिंह भाटी को नाथद्वारा से गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन इस क्रूर हत्याकांड के पीछे की वजह जानकर हर कोई हैरान है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी श्याम सिंह भाटी अपने दोस्त प्रदीप देवासी से पार्टनरशिप विवाद के चलते बेहद नाराज था। वह प्रदीप और उसकी पत्नी से बदला लेना चाहता था, लेकिन उसने अपनी क्रूरता का निशाना प्रदीप के 12 साल की तमन्ना उर्फ तन्नु और 8 साल के बेटे शिवपाल को बनाया।  उसने दोनों मासूम बच्चों को फंदे से लटकाकर मौत के घाट उतार दिया।

घटनास्थल से बरामद एक नोट ने पुलिस को झकझोर कर रख दिया। श्याम सिंह ने इस नोट में लिखा था कि वह प्रदीप से बदला लेना चाहता था, लेकिन बच्चों को मारने के पीछे उसकी सोच बेहद क्रूर थी। उसने लिखा, "बच्चे तो मासूम होते हैं, बच्चों की कोई गलती नहीं है। मैं तो सिर्फ प्रदीप देवासी और उसकी पत्नी से बदला लेना चाहता था। अगर मैं प्रदीप देवासी और उसकी पत्नी को मार देता तो उन्हें सजा कैसे मिलती? दोनों बच्चे भी अनाथ हो जाते। इसलिए मैंने दोनों बच्चों को ही मार डाला ताकि प्रदीप देवासी और उसकी पत्नी को जीवनभर इसका दर्द झेलना पड़े।"

प्रदीप देवासी करीब 15-20 साल से बोरानाडा में रहते हैं और एक चूड़ियों की फैक्ट्री में काम करते हैं। श्याम सिंह भाटी पहले उसी फैक्ट्री में मुनीम था। करीब एक साल पहले उसने फैक्ट्री छोड़ दी थी, लेकिन बाद में प्रदीप के साथ मिलकर एक नई चूड़ियों की फैक्ट्री शुरू की। हालांकि, रुपयों को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया और करीब एक महीने पहले ही प्रदीप ने साझेदारी तोड़ दी।

पुलिस के अनुसार, श्याम सिंह के पास बच्चों की स्कूल बस के ड्राइवर का नंबर था। उसने ड्राइवर को फोन करके बताया कि बच्चे आज स्कूल नहीं आएंगे। इसके बाद वह बच्चों को अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया और फिर इस दर्दनाक घटना को अंजाम दिया। आरोपी फलोदी जिले का रहने वाला है और 20 साल पहले ही अपने परिवार को छोड़ चुका था। इस घटना से पूरे शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

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