राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत बंद सोनम वांगचुक के मामले में जम्मू-कश्मीर के पूर्व न्यायाधीश और सलाहकार मंडल के सदस्य करेंगे सुनवाई
26 सितंबर 2025 से जोधपुर जेल में निरुद्ध वांगचुक का पक्ष जानने के लिए टीम ने सेंट्रल जेल का किया दौरा
जोधपुर। लेह से आए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी बोर्ड ने आज जोधपुर की सेंट्रल जेल का दौरा किया, वे राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत बंद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े मामले की सुनवाई करेंगे। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य पूरे मामले में सोनम वांगचुक का पक्ष जानना है।
एडवाइजरी बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्यों ने सेंट्रल जेल पहुंचकर मामले की प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाया। बोर्ड में जम्मू-कश्मीर के पूर्व न्यायाधीश और लेहलद्दाख सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष एम. के. हंजूरा, सलाहकार मंडल के अध्यक्ष और जिला न्यायाधीश मनोज परिहार, तथा सामाजिक कार्यकर्ता स्पल जयेश अंगमों शामिल हैं।
यह जानकारी दी गई है कि सोनम वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को जोधपुर जेल लाया गया था और तब से वे रासुका के तहत यहां निरुद्ध हैं। एडवाइजरी बोर्ड का यह दौरा इसी निरुद्धि और उससे जुड़े आरोपों के संबंध में वांगचुक का पक्ष सुनने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बोर्ड के सदस्य जेल परिसर में पहुंचे और उन्होंने मामले से जुड़ी प्रारंभिक पड़ताल की। यह सुनवाई सोनम वांगचुक के मामले में आगे की कार्रवाई की दिशा तय करेगी। एडवाइजरी बोर्ड द्वारा वांगचुक के बयान दर्ज किए जाने और उनकी दलीलों को सुनने के बाद आगे की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

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