जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय में बीए प्रथम सेमेस्टर के छात्रों को दी गई शिक्षा नीति और नैतिकता की जानकारी
प्रो. मंगलाराम ने छात्रों को सफलता के मूल मंत्र बताए, एनसीसी और NSS के महत्व पर चर्चा
जोधपुर। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कला संकाय में बीए प्रथम सेमेस्टर के नव प्रवेशित छात्रों का आमुखीकरण कार्यक्रम कला संकाय के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने के लिए विभिन्न विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कला संकाय अधिष्ठाता प्रो. मंगलाराम ने कहा कि अनुशासन, त्याग और समर्पण के साथ अध्ययनशील रहना ही सफलता का मूल मंत्र है। उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत् होने वाली आंतरिक मूल्यांकन पद्धति से अवगत कराया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति समन्वयक डॉ. राजश्री राणावत ने विश्वविद्यालय में लागू की गई नई शिक्षा नीति की विभिन्न प्रक्रियाओं और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह नीति छात्रों को अधिक व्यावहारिक और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के लिए बनाई गई है।
एनसीसी के कैप्टन समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. कमल सिंह राठौड़ ने एनसीसी की प्रवेश प्रक्रिया, भविष्य और राजकीय सेवाओं में इसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को एनसीसी में भाग लेने के लाभों के बारे में बताया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दिनेश राठी ने राष्ट्रीय सेवा योजना के महत्व, उपयोगिता तथा वर्षपर्यंत होने वाली गतिविधियों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रों को समाज सेवा के प्रति जागरूक किया।
डॉ. दिनेश गहलोत ने कहा कि आजकल विद्यार्थी बुरी संगत में पड़कर नशे की ओर अग्रसर होने लगते हैं। उन्होंने सभी को नशा नहीं करने हेतु शपथ दिलवाई और बुरी संगतों से दूर रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
डॉ. राजेंद्र सिंह खींची ने छात्रों को जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की नसीहत दी और कहा कि आपसी सहयोग और सहिष्णुता से ही एक अच्छे भविष्य का निर्माण हो सकता है।
अंत में, डॉ. प्रवीण चंद ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने की पहली सीढ़ी आत्मविश्वास है।

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