अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद ने आयोजित किया समारोह, 105 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और 12 बुजुर्गों को किया सम्मानित
सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी ने शिक्षा पर अपने विचार व्यक्त किए, महिलाओं को शिक्षा के प्रति गंभीर होने का आह्वान
जोधपुर। अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद जोधपुर शाखा की ओर से माँ उष्ट्रवाहिनी के प्राकट्य दिवस पर महिला पी जी महाविद्यालय प्रताप नगर सूरसागर रोड में गुरुवार को शाम साढ़े छः बजे से पुष्करणा दिवस समारोह आयोजित किया गया।
सूरसागर विधायक देवेन्द्र जोशी के मुख्य आतिथ्य में होने वाले इस समारोह की अध्यक्षता जेएनवीयू कला संकाय के पूर्व अधिष्ठाता डा. के. एन. व्यास ने की। समारोह के विशिष्ट अतिथि निगम उत्तर की आयुक्त अर्चना व्यास व डॉ अशोक जोशी थे।
समारोह के मुख्य आयोजक परिषद के शाखा महामन्त्री अमरचन्द पुरोहित ने बताया कि परिषद् द्वारा पिछले 40 वर्षो से पुष्करणा ब्राह्मणों की कुलदेवी माँ उष्ट्रवाहिनी के प्राकट्योत्सव पुष्करणा दिवस पर समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को न्याति मेधा एवं 80 वर्ष व उससे अधिक आयु के बुजुर्गो को न्यातिवट से सम्मानित किया जा रहा है। इस वर्ष 105 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और विभिन्न पुष्करणा बाहुल्य मोहल्ला क्षेत्रों के 12 बुजुर्गो को सम्मानित किया गया। इनमे बद्रीनारायण जोशी, बैजनाथ पुरोहित, हरिकृष्ण लोहरा, ओम प्रकाश व्यास, शान्तिप्रसाद बोड़ा, उदयकिशन जोशी, मुरलीधर व्यास, डा. रमेशचंद्र पुरोहित, अशोक कुमार व्यास, ओमप्रकाश पुरोहित व मोतीलाल पुरोहित को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर अन्नपूर्णा संस्थान के लालचंद बोहरा को समाज सेवा के लिए एवं नम्रता जोशी, रत्ना बोड़ा, अंजुला बिस्सा और आशा कल्ला को परिषद के महिला प्रकोष्ठ में वर्ष पर्यन्त सराहनीय कार्यो व गतिविधियों के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने एवं सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि देवेंद्र जोशी ने शिक्षा एवं रोजगार पर अपने विचार व्यक्त किये उन्होंने कहा कि समाज को बेटियो की शिक्षा के प्रति गंभीर होना चाहिए एवं महिलाओं को शिक्षा के माहौल का निर्माण करना चाहिए। नई पीढ़ी को अगेन सीता के प्रति जागरूक कर हमें नए समाज का निर्माण करना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि अर्चना व्यास ने कहा कि युवाओं को अपना लक्ष्य निर्धारित कर चिंता मुक्त, भय मुक्त एवं बिना किसी दबाव के लक्ष्य प्राप्ति के लिए जुट जाना चाहिए।
विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अशोक जोशी ने कहा कि समाज को भविष्य में होने वाली प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए।
समारोह के अध्यक्ष डॉ के एन व्यास ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बताया कि युवाओं को बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त कर उमंग, उत्साह व जोश के साथ साथ अनुशासित रहना चाहिए। अनुशाषित व्यक्ति ही सर्वत्र पूजनीय होता है। संचालन भानू पुरोहित ने किया।

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