जोधपुर। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के कला शिक्षा एवं समाज विज्ञान संकाय में राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में स्वच्छता पखवाड़ा के तहत एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एनएसएस के समन्वयक डॉ. भँवरू राम जयपाल ने सार्वजनिक सेवा और सामाजिक कल्याण के एक महत्वपूर्ण तत्व के रूप में स्वच्छता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने स्व पर आधारित कार्य की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा की सभी स्वयंसेवकों को अपने व्यक्तिगत जीवन और समाज में स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी लेने के लिए स्वप्रेरणा की आवश्यकता है। मुख्य उद्देश्य स्वच्छता के प्रति लोगों के मन में जागरूकता पैदा करना एवं भारत को स्वच्छ राष्ट्र बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को से कहा कि तन की स्वच्छता के साथ व्यक्ति को मन की स्वच्छता भी अपने जीवन में अपनानी चाहिए और इसकी शुरूआत स्वयं से करते हुए अपने परिवार, संस्थान एवं आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना चाहिए। यह हम सबका नैतिक दायित्व है। 

कार्यक्रम अधिकारी डॉ प्रवीण चंद ने कहा कि राष्‍ट्रीय सेवा योजना राष्‍ट्र की युवा शक्ति के व्‍यक्‍तित्‍व विकास हेतु युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार द्वारा संचालित एक सक्रिय कार्यक्रम है। इसके गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थी समाज के लोगों के साथ मिलकर समाज के हित के कार्य करते है। साक्षरता संबंधी कार्य, पर्यावरण सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य एवं सफाई आपातकालीन या प्राकृतिक आपदा के समय पीड़ीत लोगों की सहायता आदि। विद्यार्थी जीवन से ही समाजपयोगी कार्यों में रत रहने से उनमें समाज सेवा या राष्‍ट्र सेवा के गुणो का विकास होता है। एक आदर्श नागरिक बनने के लिए इन गुणों का विकास होना अत्‍यंत आवश्‍यक है।

कार्यक्रम अधिकारी डॉ दिनेश राठी ने कहा कि जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय की राष्‍ट्रीय सेवा योजना इकाइयाँ छात्र ⁄ छात्राओं को सामाजिक समस्‍याओं के प्रति जागरूक बनाने तथा उनके समाधान के लिए रचनात्‍मक कार्यों में प्रेरित करने के लिए सतत् प्रयत्‍नशील है।

कार्यक्रम में कला शिक्षा एवं समाज विज्ञान के एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. प्रवीण चंद, डॉ. देवकरण गेनवा, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. गौरव कुमार जैन, डॉ. ओम प्रकाश राजपुरोहित, डॉ. दिनेश राठी, डॉ. भूमिका द्विवेदी उपस्थित रहे।

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